अखिलेश
Akhilesh Yadav News: सांसद डिंपल यादव पर मौलाना साजिद रशीदी की टिप्पणी को लेकर मौन साधे हुए अखिलेश यादव को विपक्ष ने घेर रखा है.
हाइलाइट्स
मौलाना साजिद रशीदी ने डिंपल यादव पर विवादित टिप्पणी की.
अखिलेश यादव अभी तक इस मामले पर मौन हैं.
भाजपा ने लगवा दिए पोस्टर.
लखनऊ 02 जुलाई 2025 । आजकल अखिलेश यादव मौन हैं. मौन इसलिए नहीं हैं कि वो विदेश में हैं, वो मौन इसलिए हैं कि दांव पर वोट बैंक है. जो अखिलेश यादव हर विषय पर खुलकर बात करते हैं और ट्वीट करते हैं, वो शांत हैं और शांत भी ऐसे कि मानो कुछ हुआ ही ना हो. लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है? ये बात तो उनके परिवार की है, ये बात उनकी अर्धांगिनी की है, जिनके मान-सम्मान पर टिप्पणी की गई है और ये टिप्पणी किसी सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि एक मौलाना साजिद रशीदी है. ऐसे में अखिलेश यादव की इस चुप्पी पर हैरानी होती है कि जो व्यक्ति बीच सड़क पर एक सनातन संत से तू-तू, मैं-मैं करता हो, वो एक मौलाना की टिप्पणी पर चुप हैं.
सनातन संत से तू-तू-मैं-मैं
दरअसल, संदर्भ हैं अखिलेश यादव की अनिरुद्धाचार्य महाराज से बहस का. एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिसमें अखिलेश यादव कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज से बहस कर रहे हैं. वायरल वीडियो देखने वाला कोई भी व्यक्ति यह आसानी से समझ सकता है कि अखिलेश यादव मन बनाकर जबरदस्ती अनिरुद्धाचार्य से बहस कर रहे हैं ताकि उन्हें अपमानित कर सकें. लेकिन मौलाना ने अखिलेश यादव की पत्नी को लेकर जैसी टिप्पणी की, उस पर उनका मुंह नहीं खुल रहा है. इसी से डिंपल यादव पर टिप्पणी को लेकर भाजपा मैदान में उतर गई है.
बात वोट बैंक की है?
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का एक धर्म विशेष के प्रति झुकाव किसी से छिपा नहीं है. ये वही अखिलेश यादव हैं, जो महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन पर सवाल उठाते रहे हैं. ये वही अखिलेश यादव हैं, जिनकी पार्टी के नेता हिंदू त्योहारों पर सवाल उठाते रहे हैं. लेकिन एक मौलाना की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं है. खैर उत्तर प्रदेश की राजनीति की माया भी ऐसी ही है. अखिलेश यादव यह बात ठीक से जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के मुसलमान उनसे इसी कारण जुड़े भी हैं. 2011 जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश में मुसलमान 19.26 % हैं. यानी कि एक बड़ा वोटबैंक, जिसे अखिलेश यादव खोना नहीं चाहते. अखिलेश यादव यह बात जानते हैं कि अगर उनकी पार्टी या उन्होंने मौलाना पर किसी भी तरह की कठोर टिप्पणी की तो राजनीतिक गणित बिगड़ सकता है और पीडीए का फॉर्मूला भी फेल हो सकता है.
भाजपा एमएलसी ने लगाया पोस्टर.
अखिलेश यादव का जबरदस्त विरोध
मौलाना साजिद रशीदी की टिप्पणी पर अखिलेश के मौन को भाजपा ने आड़े हाथों लिया. यहां तक राजधानी लखनऊ के चौराहे पोस्टरों से पाट दिये हैं, जिस पर लिखा है कि धिक्कार है अखिलेश जी. भाजपा ने तो संसद भवन के मकर द्वार पर डिंपल यादव के सम्मान में विरोध प्रदर्शन तक किया. सरकार के मंत्री भी अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठा इसे लज्जाजनक बता रहे हैं.

कैसे शुरू हुआ विवाद
समाजवादी पार्टी के कुछ सांसद संसद भवन के बगल में मौजूद मस्जिद में मीटिंग करने पहुंच गए. जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस मीटिंग में साड़ी में सांसद डिंपल यादव भी थीं. मस्जिद में डिंपल यादव को देख कुछ मौलाना भड़क गए और उन्होंने सवाल उठाना शुरू कर दिया. इसी कड़ी में ऑल इंडिया इस्लामिक एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने डिंपल यादव पर ऐसी टिप्पणी कर दी कि, हम यहां लिख भी नहीं सकते. इसके बाद से ही यह सारा विवाद शुरू हुआ है.
