चार तक नामित उत्तराधिकारी होंगें अब बैंक एकाउंट में, बैंकिग कानून संशोधन विधेयक संसद से पारित
बैंक अकाउंट में चार नॉमिनी वाला विधेयक राज्यसभा में भी पारित, ध्वनिमत से मिली मंजूरी
संसद ने बुधवार को बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2024 पारित कर दिया। इसमें बैंक खाताधारकों को अधिकतम चार नामित व्यक्ति (नॉमिनी) रखने की अनुमति होगी। इसे राज्यसभा ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। लोकसभा ने दिसंबर 2024 में ही इस विधेयक को पारित कर दिया था। सीमा को मौजूदा पांच लाख रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की मांग की गई है
बैंक अकाउंट में चार नॉमिनी वाला विधेयक राज्यसभा में भी पारित (सांकेतिक तस्वीर)
मुख्य बिंदू
1-लोकसभा में दिसंबर, 2024 में ही बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक हो गया था पारित
2-इसमें बैंक खाताधारकों को अधिकतम चार नामित व्यक्ति रखने की अनुमति होगी
नई दिल्ली 27 मार्च 2025 । संसद ने बुधवार को बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित कर दिया। इसमें बैंक खाताधारकों को अधिकतम चार नामित व्यक्ति (नॉमिनी) रखने की अनुमति होगी। इसे राज्यसभा ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। लोकसभा ने दिसंबर 2024 में ही इस विधेयक को पारित कर दिया था।
ये रहे नये परिवर्तन
इस विधेयक में एक और बदलाव बैंक में किसी व्यक्ति के ‘पर्याप्त हित’ शब्द को फिर से परिभाषित करने से संबंधित है। सीमा को मौजूदा पांच लाख रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की मांग की गई है, जो लगभग छह दशक पहले तय की गई थी।
इस विधेयक में सहकारी बैंकों में निदेशकों (अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशक को छोड़कर) का कार्यकाल आठ वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष करने का भी प्राविधान है, ताकि इसे संविधान (97वां संशोधन) अधिनियम, 2011 के अनुरूप बनाया जा सके।
इस संशोधन के लागू होने के बाद केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक को राज्य सहकारी बैंक के बोर्ड में सेवा करने की अनुमति मिल जाएगी। इसमें वैधानिक लेखा परीक्षकों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक का निर्णय लेने में बैंकों को अधिक स्वतंत्रता देने का भी प्राविधान है।
इस संशोधन का उद्देश्य बैंकों के लिए विनियामक अनुपालन के लिए रिपोर्टिंग तिथियों को दूसरे और चौथे शुक्रवार के बजाय हर महीने की 15वीं और आखिरी तारीख को पुनर्परिभाषित करना भी है।
अनूठा होगा बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक : वित्त मंत्री
राज्यसभा में विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि संशोधन पांच अलग-अलग अधिनियमों को प्रभावित करेंगे, जिससे यह अनूठा होगा।
उन्होंने कहा, ”यह इसलिए भी अनूठा है क्योंकि आठ टीमों ने संशोधनों पर काम किया, जिससे बजट भाषण के उद्देश्य प्राप्त करने को सभी आवश्यक बदलाव सुनिश्चित हुए।” उन्होंने कहा कि भले ही एनपीए में भारी कमी आई है, लेकिन सरकार जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है।