जबलपुर लव जिहाद:14 साल की बच्ची सुमित बनकर बहका ले गया शहाबुद्दीन

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मुंबई में बैठकर बनाया प्लान, हिंदू लड़की के लिए शहाबुद्दीन बना सुमित, जबलपुर स्टेशन पर मां-बाप ने पकड़ा, ‘भगवा’ वालों ने खोल दी पोल
जबलपुर में हिंदूवादी संगठनों ने बिहार के शहाबुद्दीन को पकड़ा है। वह मुंबई से आकर नाबालिग बच्ची भगाकर ले जा रहा था। उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर हुई थी। हिंदूवादी संगठनों ने शहाबुद्दीन को पुलिस को सौंपा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नाबालिग लड़की के साथ जबलपुर में शहाबुद्दीन गिरफ्तार
इंस्टाग्राम पर हुई दोनों की पहचान
मुंबई में नौकरी करता शहाबुद्दीन है बिहार का

जबलपुर 26 फ़रवरी2025 : बिहार के रहने वाले शहाबुद्दीन ने जबलपुर से एक नाबालिग लड़की को भगाने की कोशिश की है। हिंदू संगठनों ने पुलिस की मदद से युवक और बच्ची को पकड़ लिया है। युवक मुंबई में रहता है। उसने सुमित बनकर हिंदू लड़की से चैटिंग शुरू की थी। मुंबई से जबलपुर आकर वह लड़की को लेकर बिहार जा रहा था। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

सुमित बनकर कर रहा था चैटिंग

दरअसल, मूल रूप से बिहार का शहाबुद्दीन मुंबई में नौकरी करता है। उसकी जबलपुर की रहने वाली 14 साल की किशोरी के साथ इंस्टाग्राम से पहचान हुई थी। वह जबलपुर पहुंचा और किशोरी का आधी रात अपहरण कर ले गया। इसके पहले कि जबलपुर निवासी नाबालिग भगाकर ले जाता, तब तक परिजनों और हिंदूवादी संगठनों ने दोनों को जबलपुर रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया।
आरोपी युवक बिहार का रहने वाला है और 1 साल से इंस्टाग्राम पर युवती से बात कर रहा था।
जबलपुर पुलिस ने 14 साल की लड़की भगा ले जा रहे बिहार के शहाबुद्दीन को पकड़ा है। वह मुंबई में प्राइवेट जॉब करता है। शहाबुद्दीन ने इंस्टाग्राम पर अपना नाम सुमित बताकर लड़की से दोस्ती की थी।

शहाबुद्दीन और लड़की में एक साल बात चली। आरोपित ने शादी का झांसा देकर लड़की को साथ चलने को कहा। 24 फरवरी की रात, जब सभी घर में सो रहे थे,लड़की मां का मोबाइल लेकर घर से बाहर निकल गई। शहाबुद्दीन और लड़की को माता-पिता और पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर पकड़ा।

सुबह 3 बजे पहुंचे शहाबुद्दीन ने जबलपुर के गोरखपुर निवासी नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने की योजना पहले से ही बनाई हुई थी। 24 फरवरी शाम सुमित बने शहाबुद्दीन ने किशोरी को फोन कर बताया कि वह जबलपुर में है। रात 3 बजे,जब घर के सभी लोग गहरी नींद में थे,किशोरी अपनी मां का मोबाइल लेकर घर से भाग गई।

25 फरवरी की सुबह 6 बजे, घर में नल से पानी आया,तो किशोरी की मां की नींद खुली। देखा कि बेटी अपनी बड़ी बहन के साथ नहीं थी। इससे पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। परिवार और पड़ोसियों ने किशोरी को आसपास और उसकी सहेलियों के घर पर खोजा।
किशोरी का कोई पता नहीं चला तो किशोरी की सहेली ने उसके माता-पिता को बताया कि वह किसी लड़के से उसका फोन लेकर बात करती है और उसके साथ मुंबई जाने को कह रही थी। इतना सुनते ही किशोरी के माता-पिता के साथ उनके पड़ोस वाले तलाश में जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और सभी प्लेटफार्म पर उसे ढूंढा।

इस बीच, घोषणा (अनाउंसमेंट) हुई कि हावड़ा से मुंबई जाने वाली ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आयेगी। किशोरी की मां को अचानक याद आया कि बेटी ने मुंबई जाने की बात कही थी।

परिजन तेजी से प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंचे। जैसे ही वे पहुंचे, सीढियों से एक लड़के के साथ उतरती अपनी बेटी देखी। बिना समय गंवाए, परिजनों ने दोनों को पकड़ तुरंत जीआरपी पुलिस को बताया।  पुलिस ने स्टेशन पर दोनों को पकड़ लिया।

छिपकर शहाबुद्दीन से करती थी बात

किशोरी की बहन ने बताया कि एक महीने पहले, उनकी सहेली ने जानकारी दी थी कि किशोरी स्कूल से छुट्टी बाद उसके घर आती और वहां से किसी लड़के से फोन पर बात करती थी। माता-पिता को पता चला, तो उन्होंने उसे डांटा और लड़के का नाम पूछा। तब किशोरी ने बताया कि वह मुंबई के सुमित नाम के लड़के से बात करती है।

तब, माता-पिता ने किशोरी से मोबाइल फोन छीन लिया, लेकिन वह रात में छिपकर कभी भाई तो कभी बहन के मोबाइल से बात करती थी।

अगर थोड़ी देर हो जाती, तो मिलना मुश्किल था। किशोरी के परिजन और पड़ोसी मंगलवार सुबह 6 बजे से ही उसे अलग-अलग जगह तलाश रहे थे। जब तक वे बस स्टैंड और अन्य संभावित स्थानों पर ढूंढते रहे, तब तक मुंबई की ट्रेन आने का समय हो चुका था। किशोरी की बहन का कहना है कि सुबह से दोपहर तक बस स्टैंड और आसपास ढूंढ रहे थे, रेलवे स्टेशन पहुंचने में थोड़ी देर और हो जाती तो लड़की मिलना मुश्किल था।

हिंदू सेवा परिषद कार्यकर्ता पहुंचे थाने

जब हिंदू सेवा परिषद को घटना की जानकारी मिली, तो कार्यकर्ता गोरखपुर थाने पहुंचे और शहाबुद्दीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

परिषद के अध्यक्ष अतुल जैसवानी ने घटना लव जिहाद और मानव तस्करी की बतायी। किशोरी सौभाग्यशाली थी कि समय रहते बचा ली गई। जैसवानी ने आरोप लगाया कि शहाबुद्दीन ने नाम बदलकर किशोरी को बहला-फुसला अपह्रत करने की कोशिश की।

अतुल जैसवानी का दावा है कि शहाबुद्दीन जैसे लोग हिंदू लड़कियों से झूठी पहचान से लव जिहाद करते है। उन्होंने इसे मानव तस्करी और किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हो बताया।

शहाबुद्दीन पर अपहरण का मुकदमा

किशोरी के परिजनों की शिकायत पर गोरखपुर थाना पुलिस ने शहाबुद्दीन उर्फ सुमित के खिलाफ अपहरण का मुकदमा लिखा है।

थाना प्रभारी नितिन कमल ने बताया कि शहाबुद्दीन और किशोरी की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी। शहाबुद्दीन ने किशोरी को अपना नाम सुमित बता शादी का झांसा देकर भगाने की योजना बनाई थी।

फिलहाल, शहाबुद्दीन पुलिस पकड़ में है । उसके परिजनों को पूछताछ को जबलपुर बुलाया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस पूरा मामला जांच रही है।  हिंदू सेवा परिषद नेताओं ने आरोप लगाया है कि शहाबुद्दीन के मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी मिले हैं। जबलपुर की गोरखपुर थाना पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है।

पूछताछ में किशोरी ने बताया कि युवक ने उसे घर से भगाने को बहकाया था। पुलिस ने शहाबुद्दीन के खिलाफ अपहरण का प्रकरण लिख नाबालिग किशोरी परिजनों को सौंप दी। पुलिस उसे विधिवत पकड न्यायालय लाई। न्यायालय आदेश पर शहाबुद्दीन जेल भेज दिया गया है।

Jabalpur: घर वालों के खिलाफ जाकर की शादी, माता-पिता ने किया जिंदा बेटी का पिंडदान, शोक संदेश वायरल

जबलपुर 11 Jun 2023 हिन्दू युवती ने मुस्लिम युवक से निकाह कर लिया, जिससे गुस्साए परिजनों ने नर्मदा तट के गौरी घाट पर जिंदा युवती का पिंडदान के साथ मृत्युभोज कर दिया.
(नाराज परिजनों ने किया उसका पिंडदान)

मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर की बेटी का परिजनों ने जीते जी पिंडदान कर दिया. कड़वे फैसले के पीछे वजह थी कि युवती ने मुस्लिम युवक से निकाह कर लिया था, जिससे परिजन नाराज हो गए और नर्मदा के तट गौरी घाट पर युवती के माता, पिता और भाई ने न केवल पिंडदान किया बल्कि मृत्यु भोज भी दिया. परिजनों ने युवती का शोक संदेश भी प्रिंट करवाया था,जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

दरअसल,जबलपुर के अमखेरा इलाके में रहने वाली युवती ने कुछ माह पहले मोहम्मद अयाज से निकाह कर लिया . निकाह बाद वह अनामिका दुबे से उजमा फातिमा बन गई. अनामिका के इस फैसले से नाराज परिजनों ने बेटी का परित्याग कर उसके निधन का शोक संदेश छपवाया. परिचितों और रिश्तेदारों में शोक संदेश का कार्ड भेज कर नर्मदा तट पर पिंडदान संस्कार में शामिल होने का न्योता दिया. युवती के परिजनों ने शोक संदेश में उसे कुपुत्री बता नरकगामी आत्मा को शांति प्रदान करने लोगों से पधारने की अपील की.

बहन की शादी के लिए संजोए थे

युवती के भाई अभिषेक दुबे ने बताया कि नर्मदा तट गौरी घाट में पूरे विधि विधान से परिजनों ने पिंडदान संस्कार संपन्न कराया. परिजनों का कहना है कि बड़े ही अरमानों से उन्होंने अनामिका पाली थी, लेकिन उसने मुस्लिम से निकाह कर पूरे परिवार की बदनामी कराई . सामाजिक बदनामी से उनके लिए अब बेटी के जिंदा रहने के कोई मायने नहीं रह गए हैं.  अभिषेक दुबे का कहना है कि उसने बहन की शादी के सपने संजोए थे, लेकिन उसकी ज़िद ने सारे सपने तोड़ दिए. हमने बहुत मजबूरी में नाता तोड़ा है.

युवक-युवती ने की कोर्ट मैरिज
पिछले दिनों मामले में हिन्दू संगठनों ने एसपी आफिस पहुंच प्रदर्शन किया था.उनका आरोप था कि गोहलपुर थाना क्षेत्र के मुस्लिम युवक मोहम्मद अयाज ने लव जिहाद में अनामिका दुबे से पहले कोर्ट मैरिज की और अब मुस्लिम रीति रिवाज से दोनों शादी कर रहे हैं. अनामिका का धर्म परिवर्तन कर उसका नाम उजमा फातिमा रखा है. हिन्दू संगठनों की ओर से योगेश अग्रवाल ने कहा कि मुस्लिम निकाह के आमंत्रण पत्र में लड़की का नाम उजमा फातिमा लिखा गया है. इसे तुरंत रोका जाना चाहिए.

सालों से करते थे एक-दूसरे को प्रेम
मामले में पुलिस ने मुस्लिम युवक को क्लीन चिट दे दी थी. डीएसपी तुषार सिंह के अनुसार मुस्लिम युवक और हिंदू युवती की रजिस्टर्ड मैरिज आपसी सहमति से हुई. जानकारी दोनों के परिजनों को भी थी. विवाह को कोई दबाव नहीं बनाया गया था. युवक-युवती कई सालों से एक-दूसरे को प्रेम करते थे.

 

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