दीक्षा के हत्यारे लिव इन पार्टनर इमरान को आजीवन कारावास,एक लाख अर्थदंड

दीक्षा के हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई सजा, इमरान ने ऋषभ बनकर की थी दोस्ती, नैनीताल में किया था मर्डर
16 अगस्त 2021 को दीक्षा की लाश नैनीताल के होटल के कमरे में मिली थी. लिव इन पार्टनर ने ही दीक्षा की हत्या की थी.

नैनीताल 27 फरवरी 2026 । : इमरान से ऋषभ तिवारी बनकर दीक्षा की हत्यारोपित को नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की कोर्ट ने दोषी मान उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही न्यायालय ने आरोपित पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

जानकारी के अनुसार 14 अगस्त 2021 को आरोपित ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान निवासी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के साथ दीक्षा और दो अन्य दोस्त नैनीताल घूमने आए थे. उन्होंने मल्लीताल होटल गैलेक्सी में दो कमरे बुक किए थे. एक कमरे में ऋषभ उर्फ इमरान व दीक्षा ठहरे थे, जबकि दूसरे कमरे में उसके दोनों दोस्त.

दीक्षा के हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई सजा 
दूसरे कमरे में रुकी दीक्षा की दोस्त ने 16 अगस्त सुबह दीक्षा के मोबाइल नंबर पर कॉल किया, लेकिन उनसे कॉल नहीं उठाया. इसके बाद उन्होंने ऋषभ उर्फ इमरान को फोन किया, लेकिन उसका फोन भी स्विच आफ आया. दीक्षा के फोन में घटी जा रही थी लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया.

इसके बाद दूसरे कमरे में रुके दोनों दोस्तों ने दीक्षा और ऋषभ उर्फ इमरान का कमरा खोला तो देखा कि दीक्षा नग्नावस्था में बेड पर पड़ी थी. काफी जोर से चिल्लाने पर कोई जवाब नहीं मिला. कमरे में लिव इन दोस्त ऋषभ उर्फ इमरान नहीं था. उसका फोन बंद था.

तब पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल की. पुलिस ने आरोपित ऋषभ उर्फ इमरान के खिलाफ हत्या का मुकदमा लिखा उसे पकड लिया. जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजक तथ्य सिद्ध करने को 17 गवाह के बयान कराए. इसके अलावा केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट सहित अन्य प्रपत्र पेश किए.

अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुन जिला जज प्रशांत जोशी की कोर्ट ने आरोपित ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान को हत्या का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए एक लाख रुपए के अर्थ दंड की सजा सुनाई है.

धर्म छिपाकर की थी दोस्ती: दीक्षा की मां ने बताया कि इमरान ने धर्म छिपाकर अपना नाम ऋषभ तिवारी रख लिया और दीक्षा से दोस्ती कर उसके घर आने जाने लगा. इस बीच इमरान ने परिवार का भरोसा हासिल कर लिया. इसके बाद दीक्षा का जन्मदिन मनाने के बहाने उसे नैनीताल ले आया.

कोर्ट में दीक्षा की बेटी ने बयान दिया कि ऋषभ का उसके घर में आना जाना था. 12 अगस्त को उसने नैनीताल जाने का प्लान बनाया था. दीक्षा की 2008 में पवन से शादी हुई थी। इसके दो साल बाद पति से तलाक हो गया. इसके बाद वह पांच साल अन्य युवक के साथ लिव इन में रही थी.

ऋषभ उर्फ इमरान के साथ भी लिव इन में  थी. बताया जाता है कि दीक्षा लिव इन में रहते पूर्व प्रेमी से बात करती थी, जिससे दोनों की अनबन चल रही थी. नैनीताल में इमरान ने दीक्षा के मोबाइल पर पूर्व प्रेमी का मैसेज देख लिया, जिससे झगड़ा हुआ और उसने दीक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी. दीक्षा के परिजनों ने बताया कि प्रापर्टी डिलिंग के काम में कबाडी इमरान की दीक्षा से मुलाकात हुई थी. दीक्षा जिस कालोनी में रहती थी, वहां अधिकांश परिवार हिन्दू थे, इसलिए इमरान ने अपना नाम बदलकर ऋषभ कर लिया था.

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नैनीताल दीक्षा हत्याकांड
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SENTENCE CONVICT LIFE IMPRISONMENT

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