बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की जगह बैठे मिले दूसरे आठ विद्यार्थी,एक गलती और खुल गई चतुराई
eight imitator caught in board exams in haridwar
Haridwar: बोर्ड परीक्षा में पकड़े गए चार मुन्ना भाई और चार मुन्नी बहन, एक गलती और खुल गई शाति
हरिद्वार 25 फरवरी 2026। बोर्ड परीक्षा में जिस सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज रावली महदूद के छात्र-छात्राओं की जगह दूसरे बच्चे परीक्षा देने पहुंचे, उस कॉलेज के प्रधानाचार्य पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि, आशंका है कि प्रवेश पत्र पर फोटो बदलने का खेल प्रधानाचार्य ने ही खेला है।
बोर्ड परीक्षा में पकड़े गए चार मुन्ना भाई और चार मुन्नी बहन –
बोर्ड परीक्षा में आठ मुन्ना भाई और मुन्नी बहन पकड़ी गई हैं। ये परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे, लेकिन, केंद्र के कक्ष निरीक्षकों ने संदेह होने पर इन्हें पकड़ लिया । पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है।
मंगलवार को बोर्ड परीक्षाओं में हाईस्कूल की हिंदी का पेपर था। सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज रावली महदूद के हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर में बनाया गया है। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की ओर से चेकिंग की जा रही थी,लेकिन,अलग-अलग कक्षों में आठ बच्चे संदिग्ध बच्चे नजर आए। इनमें चार छात्र और चार छात्राएं थीं।
कक्ष निरीक्षकों की ओर से बच्चों के प्रवेश पत्र और चेहरे देखे तो उन्हें दाल में कुछ काला दिखा, क्योंकि उन्होंने बच्चों से पूछताछ की तो वह हड़बड़ाने लगे। इससे उनका शक यकीन में बदल गया। उन्होंने बच्चों को अलग बुलाकर पूछताछ शुरू की तो सारा सच सामने आ गया। पूछताछ में स्पष्ट हो गया कि यह वह बच्चे नहीं है, जिन्हें पेपर देने के लिए आना था। इनकी ओर से प्रवेश पत्र अपना फोटो लगाकर परीक्षा में शामिल हुआ गया है। इससे इन्हें दबोच लिया गया।
केंद्र व्यवस्थापक सुरेशचंद्र द्विवेदी ने प्रकरण की जानकारी पुलिस को दी गई। केंद्र पहुंची पुलिस ने दोषी बच्चे पकड़ लिये। केंद्र व्यवस्थापक ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने उसी आधार पर आठ आरोपितों पर मुकदमा लिखने की तैयारी की जा रही है।
कॉलेज के प्रधानाचार्य पर उठ रहे सवाल
बोर्ड परीक्षा में जिस सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज रावली महदूद के छात्र-छात्राओं की जगह दूसरे बच्चे परीक्षा देने के लिए पहुंचे,उस कॉलेज के प्रधानाचार्य पर भी प्रश्न हैं,आशंका जताई जा रही है कि प्रवेश पत्र पर फोटो चेंज करने का खेल प्रधानाचार्य की ओर से ही खेला गया है,ताकि,जो पंजीकृत बच्चे हैं,उनकी जगह परीक्षा दिलाकर उन्हें पास कराया जा सके। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से भी पुलिस शिकायत में ऐसे प्रमाण दिए हैं,जिनसे प्रधानाचार्य भी पुलिस पकड़ में आ सकते हैं।
हरिद्वार के खंड शिक्षा अधिकारी भानु प्रताप शर्मा ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर परीक्षा केंद्र में भी परीक्षा थी. इस सेंटर पर सावित्री शिक्षा सदन रावली महदूद के परीक्षार्थी भी परीक्षा दे रहे हैं. परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद कक्ष में परीक्षा ले रहे अध्यापक ने जब छात्रों के प्रवेश पत्र को दोबारा से जांचा तो उसमें कमियां मिली, जिसके आधार पर छात्रों से पूछताछ की गईय
छात्रों से मिले प्रवेश पत्रों में फोटो भी अलग थी और मोहर लगी हुई थी. कठोर पूछताछ में छात्रों ने बताया कि वें अन्य परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने सभी 8 परीक्षार्थी पकड लिये. किसी छात्र की फोटो खराब हो तो प्रिंसिपल उसकी स्थिति स्पष्ट करते हैं. इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ, जिससे मामला संदिग्ध है.
वहीं जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक अमित कुमार चंद ने बताया कि प्रकरण प्राइवेट परीक्षार्थियों का है. सावित्री शिक्षा सदन विद्यालय के खिलाफ जांच की जा रही हैय विद्यालय ने किस आधार पर नकली प्रवेश पत्र जारी किया. यह कोई गैंग भी हो सकता है. एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस गहनता से मामले जांच कर रही है. मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.
परिषद सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने परीक्षा संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि हाईस्कूल हिंदी विषय में कुल 1,11,936 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,08,577 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया. परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और उड़न दस्तों की सक्रियता के चलते नकल पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है.
वहीं इंटरमीडिएट स्तर पर भी परीक्षाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही हैं. इंटरमीडिएट में हिंदुस्तानी संगीत गायन-वादन विषय में 21 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि हिंदुस्तानी संगीत मेलोडिक वादन में एक परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ. परिषद के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि बोर्ड परीक्षाएं निष्पक्ष और नकलमुक्त वातावरण में संपन्न कराई जा सकें.
