भाजपा ने फिर लगाये मुस्लिम यूनिवर्सिटी के आरोप,कांग्रेस ने मांगे प्रमाण

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धौलास जमीन मामले को बीजेपी ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जोड़ा, कांग्रेस बोली- दिखाएं कोई प्रमाण
बीजेपी नेता विनोद चमोली ने कहा कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी का अब खुलासा हुआ है. वहीं, कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने पूछा वो मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नाम से कोई प्रमाण दिखा दें.
MUSLIM UNIVERSITY
मुस्लिम यूनिवर्सिटी का जिन्न!

देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 अभी थोड़ा दूर है, लेकिन पिछले विधानसभा चुनावों में हावी रहा मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा एक बार फिर से चर्चाओं में आ गया है. प्रेमनगर के धौलास में जमीनों के खुर्दबुर्द से जुड़े मामले को बीजेपी मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जोड़कर आरोप लगा रही है तो वहीं, कांग्रेस भी इस मामले को बीजेपी की तुष्टिकरण का एक और पैंतरा बता रही है.

दरअसल, देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में धौलास में कथित तौर पर साल 2004 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ओर से एक धार्मिक संस्था को भूमि आबंटन को बीजेपी मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जोड़कर आरोप लगा रही है. बीजेपी नेता विनोद चमोली का कहना है कि साल 2022 के चुनाव से पहले सामने आया मुस्लिम यूनिवर्सिटी की हकीकत अब सामने आई है.

धौलास जमीन के बहाने मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर सियासत
“यह बड़ा सवाल है कि यह जमीन किस मकसद के लिए आवंटित की गई थी, यह अपने आप में ज्यादा गंभीर है. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सहसपुर विधानसभा में जिस मुस्लिम यूनिवर्सिटी के निर्माण को लेकर विषय उठा था. जिसको बार-बार हरीश रावत नकार रहे थे, आज उस षडयंत्र का पर्दाफाश हो गया है.”- विनोद चमोली, बीजेपी विधायक

बीजेपी विधायक विनोद चमोली ने कहा कि साल 2004 में नारायण दत्त तिवारी की कांग्रेस सरकार में मोहम्मद मदनी को यह जमीन एजुकेशन इंस्टीट्यूट के लिए दी गई थी, उसके बाद से लगातार वहां पर प्रयास हो रहे थे. जबकि, भारतीय सैन्य अकादमी वहां नजदीक में मौजूद है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न था. इस पर लगातार विरोध के बावजूद भी कांग्रेस ने जमीन वहां अलॉट की.

प्रेमनगर के धौलास में जमीन
जब साल 2022 में ये विषय उठा तो यह सवाल सबके जेहन में था कि आखिरकार मुस्लिम यूनिवर्सिटी का सवाल आया कहां से? लेकिन आज जब यह प्रकरण सामने आया तो समझ में आ रहा है कि पिछली विधानसभा चुनाव में जिस मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात की गई थी, उसका आधार यही जमीन थी.

“तमाम विवादों और विरोध के बाद भी इस जमीन को किसी समुदाय विशेष के लोगों को आवंटित किया जा रहा है, ये भी एक बड़ा सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है? यह बेहद गंभीर विषय है और इस पर मुख्यमंत्री से भी बातचीत की गई है कि ऐसा नहीं होना चाहिए.”- विनोद चमोली, बीजेपी विधायक

प्रीतम सिंह बोले- बीजेपी दिखाएं प्रमाण: वहीं, इसके अलावा कांग्रेस नेता व चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने चुनौती दी है कि इस संबंध में कोई भी किसी तरह का प्रमाण लेकर आए. किसी ने किसी को कोई भूमि मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए आवंटित नहीं किया.

“मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए कहीं पर भी कोई भूमि का आवंटन नहीं किया गया था. ऐसा कोई कोई भी कागज दिखाए, जिसमें यह लिखा हो कि सरकार ने भूमि आवंटन मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए किया हो. मुख्यमंत्री को किसी भी बात की जानकारी नहीं है. यह वही बीजेपी है, जिसने साल 2022 में यह झूठ गढ़ा था कि कांग्रेस ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी का बयान दिया था, वो बयान भी आज तक बीजेपी नहीं दिखा पाई है.”- प्रीतम सिंह, कांग्रेस नेता

हरीश रावत बोले- मुस्लिम यूनिवर्सिटी का ताबीज बनाकर अपने गले में टांग लें भाजपाई: धौलास में जमीन मामले पर बीजेपी तीखे अंदाज में कांग्रेस को घेर रही है. जिस पर कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम हरीश रावत ने बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सीएम से लेकर सभी भाजपाइयों को मुस्लिम यूनिवर्सिटी का ताबीज बनाकर के अपने गले में टांग लेना चाहिए. जिससे जनता के चुभते हुए सवालों से उनकी रक्षा हो सके.

Harish Rawat on Muslim University
हरीश रावत का बयान
हरीश रावत ने आगे कहा कि धौलास का एक भूखंड जो साल 2004 का प्रसंग है. उसमें भी बीजेपी को मुस्लिम यूनिवर्सिटी और डेमोग्राफिक चेंज नजर आ रहा है. साल 2004 से अब तक बीजेपी कई बार सत्ता में आ चुकी है. यदि धौलास में कुछ गलत है तो साल 2004 से 2026 तक बीजेपी चुप क्यों रही? आज जो भी प्लॉटिंग हुई है, वो भी बीजेपी की सरकार की अनुमति से ही हुई होगी.

उन्होंने कहा कि साल 2017 में बीजेपी ने नारायण दत्त तिवारी से अमित शाह को एक गुलदस्ता दिलवा कर उनके बीजेपी में शामिल होने का खूब कुप्रचार किया. उस समय ही उनसे पूछ लेते कि धौलास के भूखंड का क्या इस्तेमाल है? लोगों के सामने लगातार झूठ परोसा जा रहा है. धौलास पूरी तरह से बीजेपी का प्रपंच है.

Dhaulas Land Dehradun
धौलास में जमीन
हरीश रावत का कहना है कि मुझे जानकारी मिली है कि जो छोटे-छोटे प्लॉट बिके हैं, उनमें से ज्यादातर खरीदने वाले हिंदू धर्म को मानने वाले लोग हैं. जिनमें कुछ शिक्षक हैं, पूर्व सैनिक हैं. साथ ही दूर दराज के पहाड़ों के लोग हैं. यह मामला अवैध/वैध प्लॉटिंग का कम लगता है. बल्कि, प्लॉटिंग करने वाले और चूसने वालों के बीच का ज्यादा लग रहा है.

उन्होंने कहा कि जब तक आदान-प्रदान ठीक था, उस समय तक सत्ता/बीजेपी को धौलास के पास में न आईएमए (IMA) दिखाई दे रहा था और न तब तक राष्ट्रीय सुरक्षा की कोई चिंता थी. महंगाई, बिजली की बढ़ती कीमतें, हर काम में भ्रष्टाचार, बढ़ती बेरोजगारी, महिलाओं पर बढ़ता अत्याचार, विकास के नाम पर ठगी, सड़कों पर गड्ढे आदि तमाम मुद्दे हैं.

इसके अलावा पलायन, पहाड़ों में भालू, गुलदार, सूअर के साथ मरते लोग और मैदान में हाथी व डंपर के नीचे कुचले जा रही आत्माओं से रक्षा के लिए बीजेपी को केवल मुसलमान मंत्र याद आ रहा है. अच्छा हो, इसका गंडा या ताबीज बनाकर अपने गले में टांग लें.

धौलास में जमीन की प्लॉटिंग को लेकर विवाद
मुस्लिम यूनिवर्सिटी विषय, भाजपा का बुझा हुआ कारतूस: वहीं, बीजेपी की ओर से उठाए जा रहे मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस का कहना है कि यह बीजेपी का टोटका है और इसके अलावा भाजपा के पास और कोई मुद्दा नहीं है.

“जब गोली एक बंदूक से चल जाती है तो उसका इस्तेमाल बार-बार नहीं किया जाता है. बीजेपी का तुष्टिकरण से ओत प्रोत मुस्लिम यूनिवर्सिटी का यह मुद्दा एक बुझे हुए कारतूस की तरह है, जिसका अब कोई असर होने वाला नहीं है.”- हरक सिंह रावत, कांग्रेस नेता

हरक रावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि जनता भी देख रही है कि किस तरह से आज खुले आम लड़कियों को भरे बाजार में काटा जा रहा है. बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हिंदुओं पर भी खूब अत्याचार हुए हैं. उन्होंने बीजेपी नेताओं और उनके कार्यकाल में हुए तमाम घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी घटनाएं हिंदुओं की ओर से हिंदुओं पर ही की गई है. इस पर बीजेपी कभी कुछ नहीं कहती है. बीजेपी केवल हिंदू-मुस्लिम पर राजनीति करती है.

धौलास जमीन मामले को बीजेपी ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जोड़ा, कांग्रेस बोली- दिखाएं कोई प्रमाण

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