यूजीसी
हरिद्वार में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, मशाल जुलूस से चेताया
‘भारत सरकार होश में आओ, काला कानून वापस लो’ नारे लगाते हरिद्वार में निकला मशाल जुलूस, सरकार से कानून वापस लेने की मांग
UGC ROLL BACK PROTEST HARIDWAR
हरिद्वार में मशाल आक्रोश
हरिद्वार: अखंड परशुराम अखाड़े के नेतृत्व में सवर्ण जनों ने यूजीसी से जुड़े नए प्रावधानों के विरोध में मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया. साथ ही सरकार विरोधी नारेबाजी कर कानून वापस लेने की मांग उठाई. इस बीच उन्होंने 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित सभा में बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान भी किया.
वापस लेना होगा कानून: जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर और डासना पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरी समेत सैकड़ों लोगों ने हाथों में मशाल लेकर खन्ना नगर से लेकर ऋषिकुल मैदान तक जुलूस निकाला. नारे लगा यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया. इस बीच यति नरसिंहानंद गिरी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां हिंदू समाज को बांट रही हैं.
UGC Roll BACK Protest Haridwar
यति नरसिंहानंद गिरी के साथ सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे
उन्होंने कहा कि यूजीसी से संबंधित नया कानून सवर्ण समाज के हितों के विरुद्ध है और इससे सामाजिक विभाजन होगा. हिंदू समाज को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए. आठ मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में महा आंदोलन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में साधु संत और सवर्ण जन शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि सरकार को यह काला कानून वापस लेना ही होगा.
यूजीसी के नए नियम नहीं स्वीकार: वहीं, श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि केंद्र सरकार का नया कानून सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य को घातक है. यूजीसी के ये नियम बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किये जाएगें.
UGC Roll BACK Protest Haridwar
हरिद्वार में मशाल लेकर गरजे लोग
उन्होंने कहा कि समाज जोड़ने की बात करने वाली सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव की खाई पैदा कर दी है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस पर लगाई गई रोक का स्वागत किया, लेकिन स्पष्ट किया कि जब तक कानून पूरी तरह निरस्त नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
स्वर्ण समाज के आक्रोश का प्रतीक है मशाल जुलूस: वहीं, कथावाचक पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मशाल जुलूस स्वर्ण समाज के आक्रोश का प्रतीक है. आगे भी चरणबद्ध आंदोलन होगा. जब तक यह कानून वापस नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा.
UGC Roll BACK Protest Haridwar
यूजीसी के नए नियमों का विरोध
दरअसल, इसी साल जनवरी महीने में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने का विनियम 2026 नियम जारी किया था. यह नियम उच्च शिक्षा (कॉलेजों/विश्वविद्यालयों) में जाति आधारित भेदभाव को रोकने को लाया गया है, लेकिन इसको लेकर देशभर में विवाद खड़ा हो गया.
यूजीसी के इस नियम को लेकर देश में लगातार जातिगत विवाद बढ़ रहा था. इतना ही नहीं, देशभर में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होने लगे. ऐसे में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. जहां 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर फिलहाल रोक ला दी.
हरिद्वार में शंख और घंटी बजाकर यूजीसी के नए नियमों का विरोध, काला कानून बताकर वापस लेने की मांग
भले ही सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी हो,लेकिन अभी भी विरोध जारी है.हरिद्वार में शंख-घंटी बजाकर विरोध किया गया.
NEW UGC BILL 2026
हरिद्वार में यूजीसी के नए नियमों का विरोध
हरिद्वार में इसके पहले 12 फरवरी को परशुराम घाट पर अखंड परशुराम अखाड़े के नेतृत्व में सवर्ण समाज के लोगों ने शंख और घंटी बजाकर यूजीसी के नए नियमों का विरोध कर बैठक कर यूजीसी के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की थी. यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर हरिद्वार में 18 को मशाल जुलूस और जनप्रतिनिधियों के घेराव का निर्णय लिया गया.
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष अधीर कौशिक के अनुसार यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के हाल ही में अधिसूचित एक नियम आने से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ जाएगा. सरकार लोगों को बांट रही है. यूजीसी जैसा कानून सवर्ण समाज के बच्चों पर थोपा जा रहा है.
हरिद्वार में शंख और घंटी बजाकर यूजीसी के नए नियमों का विरोध
उन्होंने कहा कि समाज का बड़ा वर्ग इसके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है. इसलिए उन्हें सड़कों पर उतरकर यूजीसी के नए नियमों का विरोध करना पड़ रहा है. 18 फरवरी की शाम को हरिद्वार के गीत गोविंद बैंक्वेट हॉल से ऋषिकुल मैदान तक मशाल जुलूस और 22 फरवरी से विधायक और सांसदों का घेराव किया जाएगा.
पूर्व पार्षद कमलप्रीत शर्मा ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों का विरोध कर हम अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं. लगातार विरोध के बावजूद सरकार यूजीसी नियम वापस लेने को कदम नहीं उठा रही है.
कथावाचक पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सरकार को यह कानून वापस लेना चाहिए. इससे संस्कृति और संस्कार दोनों बिगड रहे हैं. उन्होंने सवर्ण समाज से एकजुट होकर यूजीसी का विरोध करने की अपील की. उन्होंने सामान्य जन से भी आह्वान किया कि 8 मार्च दिल्ली के महा आंदोलन में भाग लेकर यूजीसी के नये नियमों के खिलाफ आवाज उठायें.
NEW UGC BILL 2026
शंख और घंटी बजा कर विरोध
8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान आंदोलन प्रस्तावित: यूजीसी के नए नियमों के विरोध में 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा महा आंदोलन प्रस्तावित है. सवर्ण समाज से इसमें काफी संख्या में भागीदारी की तैयारी की जा रही है.
हरिद्वार के भी तमाम सवर्ण समाज के संगठन इस आयोजन को सफल बनाने की तैयारी कर रहे हैं. जनजागरण अभियान चलाकर लोगों से इसमें शामिल होने का आह्वान भी किया जा रहा है.
क्या है यूजीसी विवाद: दरअसल, जनवरी 2026 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता प्रोत्साहन विनियम 2026 (Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026) जारी किये थे.
यह नियम उच्च शिक्षा (कॉलेजों और विश्वविद्यालयों) में जाति-आधारित भेदभाव रोकने को लाए गए हैं, लेकिन इन्हें लागू होते ही देशभर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया. नियम को लेकर लगातार जातिगत विवाद बढ़ रहा हघ. देशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन होने लगे. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. जहां 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियम पर रोक दी.
- TAGGED:HARIDWAR UGC NEW RULES PROTEST
HARIDWAR TORCHLIGHT PROCESSION
हरिद्वार में यूजीसी का विरोध
हरिद्वार में मशाल जुलूस
UGC ROLL BACK PROTEST HARIDWAR - HARIDWAR BLOWING CONCH BELL
UGC CONTROVERSY
हरिद्वार में शंख बजाकर यूजीसी विरोध
यूजीसी के नए नियम का विरोध
NEW UGC BILL 2026
