राष्ट्रपति ने पतंजलि विवि में स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थी किये सम्मानित,आज उत्तराखंड तीन को उत्तराखंड विधानसभा संबोधन
राष्ट्रपति मुर्मू का उत्तराखंड प्रवास, पतंजलि यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह में 1454 विद्यार्थी किये सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अगले तीन दिन राष्ट्रपति उत्तराखंड में ही रहेंगी.
PRESIDENT DRAUPADI MURMU
राष्ट्रपति मुर्मू का उत्तराखंड दौरा (PHOTO- PIB)
देहरादून(उत्तराखंड) 03 नवंबर 2025 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर पहुंच गई हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पूर्वान्ह 11 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची. राज्यपाल ले. जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति का स्वागत किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पतंजलि यूनिवर्सिटी पहुंची.
पतंजलि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थी सम्मानित किये. कार्यक्रम में 1454 विद्यार्थी पदक से सम्मानित हुए. 62 शोधार्थियों को विद्या वारिधि और 3 शोधार्थियों को विद्या वाचस्पति उपाधि से सम्मानित किया गया. 615 विद्यार्थियों को परास्नातक और 774 विद्यार्थियों को स्नातक की उपाधि दी गई. समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन की विविध वनस्पति आधारित दो पुस्तकें “फ्लोरा ऑफ राष्ट्रपति भवन” और “मेडिसिनल प्लांट्स ऑफ राष्ट्रपति भवन” पुस्तकें भी भेंट कीं.
पतंजलि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू. (VIDEO-PIB)
राष्ट्रपति ने कहा कि आज उपाधि पा रहे विद्यार्थियों में 64 प्रतिशत बेटियां हैं. पदक प्राप्तकर्ता बेटियां छात्रों की तुलना में चौगुनी है. विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों में बेटियां 62 प्रतिशत हैं. ये केवल संख्या नहीं है, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते विकसित भारत का अग्रिम स्वरूप है.
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पतंजलि यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (PHOTO- PIB)
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का विस्तार है, जिसमें गार्गी, मैत्रेयी, अपाला और लोपामुद्रा जैसी विदुषी महिलाएं समाज का बौद्धिक और आध्यात्मिक नेतृत्व करती थीं. शिक्षित बेटियां अपनी आंतरिक शक्ति और प्रतिभा से भारत- माता का गौरव बढ़ाएंगी. लोक-परंपरा में हरि-द्वार का यह परम पावन क्षेत्र हरिद्वार नाम से प्रसिद्ध है. इस परंपरा के अनुसार, यह पवित्र स्थान हरि यानी विष्णु के दर्शन का द्वार भी है और हर यानी शिव के दर्शन का भी द्वार है. ऐसे पवित्र भूखंड में देवी सरस्वती की आराधना करने वाले विद्यार्थी और आचार्य बहुत सौभाग्यशाली हैं.
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कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे. (PHOTO- PIB)
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हिमालय के इस अंचल से अनेक पवित्र नदियां तो निकलती ही हैं, यहां से ज्ञान- गंगा की अनेक धाराएं भी प्रवाहित होती हैं. उनमें इस विश्वविद्यालय की एक अविरल धारा भी जुड़ गई है. भारतीय संस्कृति के अनुसार, आधुनिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाले इस विश्व-विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने का निर्णय आप सबने लिया.
इस विश्वविद्यालय ने महर्षि पतंजलि की महती परंपरा को आज के समाज के लिए सुलभ कराया है. साथ ही कहा कि उनको बताया गया है कि इस विश्वविद्यालय से योग-पद्धति, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्रों में शिक्षा के साथ अनुसंधान किया जा रहा है. यह प्रयास स्वस्थ भारत के निर्माण में सहायक है. प्राचीन वैदिक ज्ञान और नए वैज्ञानिक अनुसंधान का समन्वय और वैश्विक चुनौतियों का समाधान है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संघर्षशील जीवन, सरल स्वभाव और विनम्र आचरण सभी को प्रेरणा स्रोत है. उत्तराखंडवासियों का यह सौभाग्य है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ति के ऐतिहासिक अवसर पर सानिध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है. यह दीक्षांत समारोह इन सभी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. यह सभी विद्यार्थी एक नई यात्रा पर निकल रहे हैं और उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. पतंजलि विश्वविद्यालय, आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कारों और परंपराओं से जोड़ रहा है.
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्कृष्ठ कार्य के लिए सम्मानित किया. (PHOTO- PIB)
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार भी प्रदेश को अन्य क्षेत्रों के साथ ही शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर कर रही है. इसके साथ ही भारतीय संस्कृति दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन को दून विश्वविद्यालय में हिंदू स्ट्डीज भी स्थापित की है. इसके अलावा देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क और अल्मोड़ा में साइंस सेंटर के निर्माण से राज्य में साइंटिफिक रिसर्च को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं.
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राष्ट्रपति भवन की विविध वनस्पतियों पर आधारित बुक फ्लोरा ऑफ राष्ट्रपति भवन और मेडिसिनल प्लांट्स ऑफ राष्ट्रपति भवन (PHOTO- PIB)
दूसरे दिन का कार्यक्रम: राष्ट्रपति अपने उत्तराखंड दौरे के दूसरे दिन यानि 3 नवंबर को उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती के अवसर पर देहरादून में उत्तराखंड विधानसभा संबोधित करेंगी. राज्य स्थापना दिवस के 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर दो दिवसीय विधानसभा विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है. पहले दिन राष्ट्रपति उत्तराखंड विधानसभा संबोधित करेंगी.
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कार्यक्रम में काफी संख्या में संत समाज के लोग भी शामिल हुए. (PHOTO- PIB)
तीसरे दिन का कार्यक्रम: उत्तराखंड विधानसभा में संबोधन के बाद राष्ट्रपति नैनीताल चली जाएंगी और नैनीताल राजभवन स्थापना के 125 वर्ष पूर्ति समारोह में रहेंगी. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने उत्तराखंड दौरे के तीसरे दिन यानि 4 नवंबर को राष्ट्रपति कैंची धाम नीम करौली आश्रम जाएंगी. इसके अलावा, नई दिल्ली लौटने से पहले, राष्ट्रपति नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में भी शामिल होंगी.

