राहुल ने तोड़ा “संसद में उद्धरण का नियम”,जा सकती है सदस्यता

राहुल ने कौन सा नियम तोड़ा? संसद में किताब Quote करने के नियम जानें, जिसे तोड़ने पर जा सकती है सदस्यता

लोकसभा का नियम 349 (I) स्पष्ट तौर पर कहता है कि सदन की कार्यवाही से संबंधित न होने पर किताब, अख़बार या पत्र को कोट नहीं कर सकते. ऐसा करने से पहले कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है, वरना सदस्यता भी जा सकती है.

लोकसभा में राहुल गांधी के अप्रकाशित किताब उद्धृत करने से सदन में हंगामा

संसद में किसी किताब के उद्धरण को नोटिस देना और स्पीकर की अनुमति अनिवार्य

लोकसभा नियम 349 (I) -बिना अनुमति  असंबंधित सामग्री का उद्धरण करना नियमों का उल्लंघन है

नई दिल्ली:
लोकसभा में राहुल गांधी के चीन वाले बयान पर इसलिए हंगामा हुआ, क्योंकि वह सदन में एक ऐसी किताब Quote कर रहे थे, जो छपी ही नहीं. इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने ही आपत्ति जताई.  ये सदन के नियमों के खिलाफ है. ये जानना जरूरी है कि आखिर किसी किताब को सदन में Quote करने को लेकर नियम क्या हैं. कब और कैसे उद्धृत किया जा सकता है.

राहुल गांधी के मामले में क्या कहते हैं नियम?
ऐसा नहीं है कि संसद में किसी किताब, पत्रिका, समाचार पत्र आदि को उद्धृत नहीं कर सकते. लेकिन इसको पहले नोटिस देना और स्पीकर की अनुमति लेनी होती है. राज्य सभा के पूर्व महासचिव वी के अग्निहोत्री के अनुसार, आसन की अनुमति से कोट किया जा सकता है । इसको नोटिस देना होता है. लेकिन राहुल गांधी का मामला इसलिए अलग है क्योंकि वे ऐसी किताब की बातों का ज़िक्र करना चाहते थे जो छपी ही नहीं है. यही कारण है कि रक्षा मंत्री ने इस पर आपत्ति की और दावों का स्रोत पूछा.

नोटिस देना और स्पीकर की अनुमति लेना जरूरी
लोकसभा का नियम 349 (I) स्पष्ट है कि सदन की कार्यवाही से संबंधित न होने पर किताब,अख़बार या पत्र कोट नहीं कर सकते. ऐसा कई बार हुआ है जब नियमों का पालन करते हुए किताबों, समाचार पत्रों और पत्र कोट किये गयै. लेकिन ऐसे मामले में नोटिस देकर स्पीकर की अनुमति लेनी होती है.

दोषी पाए जाने पर सदस्यता जाने का खतरा
इतना ही नहीं, संबंधित सदस्य को किताबों, समाचार पत्रों या पत्रों की जानकारी सत्यापित करने को कहा जा सकता है. ऐसे मामलों के उल्लंघन को गंभीर माना जाता है. उल्लंघन पर मामला संसद की विशेषाधिकार समिति को सौंपा जा सकता है. विशेषाधिकार समिति मामले की जांच करती है और दोषी पाए जाने पर संबंधित सदस्य की सदस्यता भी जा सकती है.

राहुल गांधी ने लोकसभा में क्या कहा?
राहुल गांधी ने सदन में पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब के कुछ अंशों से प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने की कोशिश की, जिस पर सत्तापक्ष और कांग्रेस सदस्यों में तीखी नोकझोंक और हंगामा होते दिखा और सदन की कार्यवाही बाधित हुई. रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष की बातें पूरी तरह काल्पनिक हैं और वह सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं.

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लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वह संसद को गुमराह न करें. वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल बिना प्रामाणिकता के बात न करें. वह एक मैगजीन की रिपोर्ट का हवाला दे रहे हैं, जिसमें कुछ भी लिखा जा सकता है.

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राष्ट्रीय सुरक्षा पर राहुल गांधी.

लोकसभा में राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी की कथित किताब का हवाला दिया, जिस पर जमकर हंगामा हुआराहुल गांधी ने कहा कि चीन की सेना के चार टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे और कैलाश रिज पर चढ़ रहे थेरक्षा मंत्री राजनाथ और गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल के बयान पर तीखी आपत्ति जताई और उसे गुमराह करने वाला बताया

राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में एक कथाकथित किताब का हवाला देते हुए चीन का मुद्दा उठाया, जिस पर जमकर हंगामा हुआ. सदन से बाहर निकलकर भी राहुल गांधी ने कहा, ” मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है. मुझे बस 2-3 लाइनें बोलनी हैं, लेकिन ये बोलने नहीं दे रहे हैं. राहुल ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है. ये पूर्व आर्मी चीफ के शब्द हैं, और यह बातचीत उन्होंने राजनाथ सिंह जी और पीएम मोदी के साथ की थी. मैं बस इतना कह रहा हूं कि मैं सदन में वही कहना चाहता हूं जो पूर्व आर्मी चीफ ने लिखा है और राजनाथ सिंह और पीएम मोदी ने उनसे क्या कहा और क्या आदेश दिया. लेकिन पता नहीं ये लोग क्यों डर रहे हैं.”

राहुल के बयान बाद लोकसभा में हंगामा
बता दें कि संसद के बजट सत्र में सोमवार को भारी हंगामा हुआ. दरअसल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की उस किताब के अंशक कोट किए, जो छपी ही नहीं है. कथित किताब का हवाला देते हुए राहुल ने दावा किया कि चीन की सेना भारत की सीमा में घुस रही थी. उनके इस बयान पर सदन में हंगामा शुरू हो गया. गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राहुल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी.

चीन को लेकर राहुल ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब के अंशों का हवाला देते हुए कहा कि चीनी सेना के चार टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे. चीन की सेना के टैंक कैलाश रिज पर चढ़ रहे थे. राहुल के इस बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वह संसद को गुमराह न करें. वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल बिना प्रामाणिकता के बात न करें. उन्होंने कहा कि वह एक मैगजीन की रिपोर्ट पढ़ रहे हैं, उसमें कुछ भी लिखा जा सकता है. उनको रक्षा मंत्री की बात का भरोसा करना चाहिए. उन्होंने पूछा कि कांग्रेस नेता को किसने बताया कि चीनी टैंक भारत में घुसे थे.

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