रोबोटिक युद्ध तैयारी:भारतीय सेना की हाई-टेक ‘भैरव-अशनि’ बटालियनों में होंगें एक लाख ड्रोन लड़ाके

थार से रोबोटिक युद्ध की तैयारी, भारतीय सेना की हाई-टेक ‘भैरव-अशनि’ बटालियन में ड्रोन से लैस 1 लाख योद्धा तैयार

भारतीय सेना ने थार रेगिस्तान में ‘भैरव’ और ‘अशनि’ बटालियन का गठन किया है, जिसमें 1 लाख से अधिक ड्रोन ऑपरेटिव्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है। भैरव बटालियन ड्रोन, डिजिटल युद्ध और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए है, जबकि अशनि एक तेज शॉक एंड स्ट्राइक फोर्स है।
भविष्य के युद्ध की नई रणनीति (फाइल फोटो)

नई दिल्ली 11 जनवरी 2026 । राजस्थान का थार रेगिस्तान अब भविष्य के युद्ध की प्रयोगशाला बन चुका है। दरअसल, भारतीय सेना ने नई रणनीति के तहत ‘भैरव’ और ‘अशनि’ बटालियन का गठन किया है, जिसमें एक लाख से अधिक ड्रोन ऑपरेटिव्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

भारतीय सेना आधुनिक युद्ध को भैरव हाइब्रिड फोर्स के रूप में ड्रोन वॉरफेयर, डिजिटल युद्ध और इमरजेंसी रेस्पॉन्स के लिए तैयार है, जबकि अशनि बिजली की तरह तेज शॉक एंड स्ट्राइक फोर्स के तौर पर दुश्मन के एडवांस डिफेंस सिस्टम को तोड़ने में सक्षम होगी।ये ड्रोन ऑपरेटिव्स पैदल सेना, बख्तरबंद इकाइयों, तोपखाने और विशेष बलों के साथ एकीकृत रूप से काम कर रहे हैं. अब ड्रोन केवल निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दुश्मन के ठिकानों की पहचान, सीमा पार गतिविधियों पर नजर, रियल टाइम इंटेलिजेंस और सटीक हमलों में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं.
ये है भारतीय सेना की तैयारी
भारतीय सेना ऐसे रणनीतिक चरण में प्रवेश कर चुकी, जहां, युद्ध की परिभाषा, उसके साधन और रणनीति, तीनों एक साथ बदल रहे हैं। इसी के चलते नसीराबाद, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में भारतीय सेना ने आने वाले युद्धों की तस्वीर बदलने वाली तैयारियां शुरु कर दी है। इसी के दृष्टिगत भारतीय सेना ने ‘भैरव’ और ‘अशनि’  नई बटालियनें गठित की है। इसमें एक लाख से ज्यादा ड्रोन ऑपरेटिव्स को तैयार किया जा रहा है।

सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में युद्ध अचानक शुरू होंगे, जो बेहद तेज और पूर्णरूपेण तकनीक आधारित होंगें। इसलिए सेना को ऐसे सैनिक चाहिए, जो न सिर्फ हथियार चलाए, बल्कि टेक्निकल युद्ध लड़ना जानते हों। इसी सोच से भैरव और अशनि बटालियनें गठित की गयी हैं।

आज की लड़ाई तकनीक, सूचना, गति और सटीक हमलों के संगठित युद्ध में बदल चुकी है। इसी परिवर्तित वैश्विक सैन्य रणनीति को ध्यान में रख भारतीय सेना ने अपने ढांचे और ऑपरेशनल सोच में बड़ा बदलाव किया है।

तकनीक से लैस
राजस्थान के रेगिस्तान में तैनात भैरव और अशनि बटालियन पूरी तरह तकनीक से लैस और हर चुनौती को तैयार हैं। नसीराबाद में भारतीय सेना अपने भविष्य के युद्ध सिद्धांत जमीन पर उतार रही है। यहां सैनिकों को ड्रोन वॉरफेयर, मल्टी डोमेन ऑपरेशन, नेटवर्क सेंट्रिक वारफेयर और हाईटेक हथियार प्रणालियों की ट्रेनिंग दी जा रही है।

भैरव बटालियन
‘भैरव बटालियन’ ड्रोन वॉरफेयर, मेडिकल इमरजेंसी, विस्फोटक निपटान और डिजिटल युद्ध को तैयार की गई है। ‘भैरव बटालियन’ के सैनिक सीमित संसाधनों में ज्यादा काम करने को प्रशिक्षित हो रहे हैं।

अशनि बटालियन
वहीं, अशनि बटालियन को भारतीय सेना की शॉक और स्ट्राइक फोर्स बनाया गया है। यह बटालियन दुश्मन के एडवांस डिफेंस सिस्टम तोड़ने और निर्णायक क्षणों में युद्ध की दिशा बदलने को बनाई गई है जो दुश्मनों पर बिजली से भी तेज हमला करेंगी। अशनि बटालियन ड्रोन और रियल टाइम इंटेलिजेंस के साथ हाई वैल्यू टारगेट्स पर त्वरित कार्रवाई करेगी।

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