शिक्षा निदेशालय में हुए विवाद में पकड़े चार जन, हिस्ट्रीशीटर कल्ली भी नजर में
Four people in custody in connection with dispute at Nanurkheda Education Directorate
ननूरखेड़ा शिक्षा निदेशालय में हुए विवाद के मामले में चार लोग हिरासत में, कल्ली पर कसेगा शिकंजा
देहरादून 23 फरवरी 2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी लिख प्रकरण की जांच हो रही है। वीडियो के आधार पर पहचान कर कुछ लोग पकड़े गये हैं। घटना में हिस्ट्रीशीटर कल्ली की भूमिका की भी जांच हो रही है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल
ननूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। वायरल वीडियो के आधार पर पहचान कर चार आरोपितों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा हिस्ट्रीशीटर कल्ली पर भी पुलिस ने पकड़ कसनी शुरू कर दी है। घटना में कल्ली की भूमिका की भी अलग से जांच हो रही है।
निदेशालय में शनिवार को विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने कुछ समर्थकों के साथ एक स्कूल का नाम बदलवाने के मालमे में शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल से मिलने पहुंचे थे। इस बीच विवाद हो गया। विधायक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने नौडियाल से मारपीट की। इस घटना ने तूल पकड़ लिया। घटना के विरोध में शिक्षा निदेशालय के कर्मचारियों और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने आक्रोश जताया। इसके बाद पहले निदेशालय परिसर फिर रायपुर थाने में प्रदर्शन किया। रायपुर थाने में विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी लिखी गई।
इसके बाद विधायक पक्ष की शिकायत पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ। उसमें विधायक कुर्सी पर बैठे हैं इसी दौरान पीछे से लोग सामान और कुर्सियां फेंक रहे हैं। वीडियो में दिख रहा एक व्यक्ति कल्ली हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। वीडियो के आधार पर पहचान कर कुछ लोग पकड़े गये है। घटना में हिस्ट्रीशीटर कल्ली की भूमिका की भी जांच हो रही है।
भाजपा नेतृत्व विचलित,विधायक से मनवाई क्षमा
देहरादून में विधायक उमेश शर्मा काऊ के समर्थकों द्वारा प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से मारपीट के बाद भाजपा असहज हो गई है। केंद्रीय नेतृत्व के संज्ञान लेने और पार्टी की सख्ती के
दिल्ली में एआइ समिट के दौरान युवक कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से भाजपा को कांग्रेस के खिलाफ मुखर होने का मुद्दा मिला था।
पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदेश में कई जगह प्रदर्शन भी किए, लेकिन शनिवार को देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में विधायक उमेश शर्मा काऊ के साथ आई भीड़ की करतूत ने भाजपा की राजनीतिक बढ़त हल्की कर दी।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक से मारपीट शनिवार को प्रदेशभर में चर्चा के केंद्र में रही। इससे भाजपा असहज हुई और केंद्रीय नेतृत्व तक मामला पहुंच गया। पार्टी ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। विधायक को निर्देश भी दिये गये और उनसे स्पष्टीकरण भी लिया जा रहा है।
शायद यही कारण भी है कि दोपहर में तेवर दिखा रहे विधायक काऊ ने आखिरकार शाम को घटनाक्रम के लिए माफी भी मांग ली।
रायपुर क्षेत्र से विधायक उमेश शर्मा काऊ भी कांग्रेस के उन नौ विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने वर्ष 2016 में कांग्रेस की तत्कालीन हरीश रावत सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था।
इस घटनाक्रम के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे। तब इस दलबदल ने राज्य की राजनीति में काफी हलचल मचाई थी।
अधिकारियों के साथ सख्त लहजे के लिए वह पूर्व में भी चर्चा में रहे हैं। रायपुर विधानसभा क्षेत्र में उनके और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जुबानी जंग भी कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में हंगामे का कारण बनी है।
अब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में एक विद्यालय के नाम के प्रकरण को लेकर हुए हंगामे, मारपीट के घटनाक्रम से विधायक काऊ फिर से चर्चा में हैं।
उनके साथ आई भीड़ ने जिस तरह से शिक्षा विभाग के आला अधिकारी के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया, उसने विपक्ष कांग्रेस को बैठे-बिठाए मुद्दा भी दे दिया और उसने इसे लपकने में देर भी नहीं लगाई।
जाहिर है कि चुनावी साल में इस तरह के घटनाक्रम को भाजपा किसी भी दशा में सहन नहीं करेगी। पार्टी ने इस प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इसका संज्ञान लिया है। सूत्रों के अनुसार पूरे घटनाक्रम के बारे में केंद्रीय नेतृत्व ने जानकारी मांगी है।
