सोनिया वापिस क्यों नही कर रही नेहरू के पत्र
नेहरू के दस्तावेजों पर सियासी घमासान, गजेंद्र शेखावत ने सोनिया गांधी से की ऐतिहासिक कागजात लौटाने की अपील
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से जुड़े दस्तावेजों का मामला गरमाया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोनिया गांधी से पीएमएमएल से लिए गए कागजात वापस करने की मांग की है। 2008 में 51 बक्सों में करीब 21 हजार दस्तावेज सोनिया गांधी को सौंपे गए थे। पीएमएमएल कई बार इन कागजात की वापसी के लिए पत्र भेज चुका है।
नई दिल्ली 19 दिसंबर 2025। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से जुड़े दस्तावेजों का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्रीय गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन प्रपत्रों पर सवाल उठाया है, जो 2008 में प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (PMML) से लिए गए थे। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से देश की प्रपत्र परंपरा की रक्षा को वे प्रपत्र वापस लौटाने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि 1971 से 1992 के बीच नेहरू से संबंधित करीब 4 लाख दस्तावेज 9 अलग-अलग मौकों पर PMML को सौंपे गए थे। जिन्हें सरकार को सुरक्षित रखने को रखा गया था, न कि उपहार रुप में किसी को देने के लिए।
सोनिया ने नेहरू से जुड़े कागजात वापस लिए
केंद्रीय मंत्री ने सोनिया गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘कि 2008 में, गांधी परिवार ने जवाहरलाल नेहरू से जुड़े प्रपत्रों के 51 बॉक्स, को PMML से वापस ले लिया था। उन्होंने बताया कि ये प्रपत्र 2008 में विधिवत प्रक्रिया में गांधी परिवार को सौंपे गए थे और PMML में इनके रिकॉर्ड व कैटलॉग मौजूद हैं। लेकिन मूल प्रश्न यह है कि क्यों इन प्रपत्रों को अब तक वापस नहीं किया गया, जबकि PMML की ओर से इस बारे में कई बार पत्र भेजे गए।’
विपक्ष के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया है कि नेहरू से संबंधित कोई भी प्रपत्र ‘लापता’ नहीं है, क्योंकि हमें उनकी जानकारी है। मंत्रालय ने ये प्रपत्र ‘राष्ट्र की प्रपत्र परंपरा का हिस्सा’ बताते हुए इन्हें वापस करने की मांग की है।
एम.वी. राजन ने लिए थे कागजात
संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, 29 अप्रैल 2008 को एम.वी. राजन ने सोनिया गांधी के प्रतिनिधि के रुप में नेहरू के निजी पारिवारिक पत्रों और नोट्स वापस लेने का अनुरोध किया था। इसके बाद 2008 में नेहरू के कागजात के 51 कार्टन सोनिया गांधी को भेजे गए थे। PMML लगातार सोनिया गांधी के कार्यालय से इन कागजात की वापसी को पत्राचार कर रहा है, जिसमें 28 जनवरी 2025 और 3 जुलाई 2025 के पत्र भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसाइटी के सदस्य और इतिहासकार रिजवान कादरी ने भी उम्मीद जताई है कि सोनिया गांधी यह संग्रह वापस कर देंगी।
क्या है मामला?
कादरी ने बताया कि 2019 में उन्हें PMML सोसाइटी में नियुक्त किया गया था और शोधकर्ताओं की सुविधा के लिए प्रयास किए गए। उन्होंने एडविना माउंटबेटन के कागजात का अध्ययन करने की कोशिश की थी, जो उनकी बेटी ने संस्था को दान किए थे, लेकिन वे उन्हें देख नहीं पाए थे। यह महा वार्षिक आम बैठक में उठाया गया
