‘डेड’ नहीं, सबकी ‘डैडी’ है इंडियन इकोनॉमी मिस्टर ट्रंप
श्रीमान ट्रंप, ‘डेड’ नहीं,अमेरिका की ‘डैडी’ है इंडियन इकोनॉमी
पिछले 5 क्वार्टर से ये ग्रोथ रेट लगातार बढ़ती ही जा रही है. विश्व में कोई भी देश इसके आसपास नहीं है।
भारत की अर्थव्यवस्था ने पिछले पांच क्वार्टर में लगातार बढ़ती हुई जीडीपी ग्रोथ दर्ज की हैसाल 2025 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ दर 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 2024 की दूसरी तिमाही से शुरू हुई तेजी ने भारत की आर्थिक वृद्धि को निरंतर बढ़ाया है।
India GDP Growth: अमेरिकी प्रेसिंडेट ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ बताया था. लेकिन देश की जीडीपी ग्रोथ देखकर ऐसा लग रहा है कि ये ‘डेड नहीं डैडी है’. पिछले 5 क्वार्टर से ये ग्रोथ रेट लगातार बढ़ती ही जा रही है. विश्व में कोई भी देश इसके आसपास नहीं है.
टूटे पिछली 5 तिमाही के सभी रिकॉर्ड
देश साल 2025 की पहली तिमाही में 7.8% की ग्रोथ के साथ आगे जा रहा है. जीडीपी के आंकड़ों ने पिछली 5 तिमाही के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिये है.
क्यों हैं भारत की इकोनॉमी ‘डैडी’
साल 2024 की दूसरी तिमाही में शुरु हुआ ये तेजी का सिलसिला, लगातार बढ़ता जा रहा है. जरा इन आंकड़ों पर ध्यान दें…साल 2024 के दूसरे क्वार्टर में 5.6% की ग्रोथ, तीसरे क्वार्टर में 6.4%, चौथे क्वार्टर में 7.4% और अब साल 2025 के पहले क्वार्टर में 7.8% की ग्रोथ हुई है. यानी पिछले 5 क्वार्टर से अर्थव्यवस्था तेजी के साथ आगे बढ़ रही है. इसलिए हम कह रहे हैं कि श्रीमान ट्रंप, ‘डेड’ नहीं ‘डैडी’ है इंडियन इकोनॉमी…
भारत की इकोनॉमी ग्रोथ में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे आगे
जहां ट्रंप एक तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था को लगातार कमजोर बता रहे हैं, वहीं देश विश्व में सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ रहा है. दरअसल IMF के डेटा के अनुसार यूएस की रियल जीडीपी साल 2024 में 1.8% की दर से आगे बढ़ रही थी. वहीं भारत 6.5% की ग्रोथ रेट से आगे गया. साल 2025 के लिए यूएस की अनुमानित जीडीपी ग्रोथ रेट 1.5% है, वहीं भारत ने पहली ही तिमाही में धूम मचा दी.
भारत की ग्रोथ ने दिखा दिया कि देश के बाजार में ताकत कितनी है. डिमांड, सप्लाई के समीकरण ने जादू ही कर दिया. साल 2020 यानी कोरोना के बाद से मांग में कमी आई है, लेकिन जिस तरह से जीडीपी की ग्रोथ नए रिकॉर्ड बना रहा है, उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि देश अब बुलेट ट्रेन पर सवार हो चुका है
ट्रंप टैरिफ को भारतीयों का तगड़ा जवाब,GDP में आशातीत ग्रोथ,कृषि,सेवा और निर्माण क्षेत्र ने दिखाई ताकत
कृषि, सेवा और निर्माण क्षेत्र की ग्रोथ ने दिखा दिया कि भारत के पास 140 करोड़ लोगों की ताकत मौजूद है,जो किसी भी टैरिफ वॉर से लड़ने में सक्षम है।
भारत की जीडीपी ग्रोथ दर पहली तिमाही में 7.8% रही,जो देश की तेजी से बढ़ती आर्थिक ताकत को दर्शाती है। कृषि क्षेत्र ने पहली तिमाही में 3.7 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की,जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है। सर्विस सेक्टर की ग्रोथ दर 9.3 प्रतिशत रही,जो उम्मीद से अधिक और पिछले वर्ष से बेहतर प्रदर्शन दिखाती है
भारत देश किसी टैरिफ से नहीं डरता,ना ही किसी धमकी से डरता और ना ही किसी के कहने पर कच्चे तेल का आयात बंद करता. अब भारत विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है.ये तेजी इतनी है कि बड़े-बड़े देश पीछे रह गए हैं. आज जीडीपी की ग्रोथ के आंकड़ों ने इन सभी बातों पर मुहर लगा दी है.देश 7.8% की जीडीपी ग्रोथ के साथ आगे जा रहा है.इस आंकड़े से कह सकते हैं कि ट्रंप के टैरिफ हमले का भारतीयों ने तगड़ा जवाब दिया है.
देश
के प्राण कृषि क्षेत्र ने किया कमाल
सबसे बड़ी बात देश की जान कहे जाने वाले कृषि क्षेत्र ने इस तिमाही कमाल ही कर दिया. कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट पहली तिमाही में 3.7% रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में ये 1.5% थी. यानी सरकार की किसानों के लिए बनाई पॉलिसी अच्छे से काम कर रही हैं.चाहे उसमें किसान सम्मान निधि हो या मिल रहे कई अनुदान हों.
सेवा क्षेत्र की ग्रोथ अनुमान से आगे
सेवा क्षेत्र हमेशा से भारत के लिए ज्यादा कमाई वाला क्षेत्र रहा है। सामान्य रूप जीडीपी ग्रोथ में सेवा क्षेत्र नई जान फूंकता है.इस बार भी उम्मीद थी कि ये सेक्टर अच्छा प्रदर्शन करेगा,लेकिन ग्रोथ रेट 9.3% की रहेगी ये शायद ही किसी ने सोचा हो.पिछले साल की पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 6.8% रही थी.
निर्माण क्षेत्र में सरकार का अभियान ला रहा रंग
निर्माण क्षेत्र को भारत सरकार समय-समय पर नई पॉलिसी लाती रहती है.चाहे देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात हो या,पीएलआई स्कीम की बात हो, सरकार लगातार इस पर काम कर रही है.इसका नतीजा भी जीडीपी ग्रोथ आंकड़ों में दिखाई दिया है. निर्माण क्षेत्र की ग्रोथ पहली तिमाही में 7.7% रही, जबकि पिछले साल समान तिमाही में ये ग्रोथ 7.6% थी.
भारत 140 करोड़ लोगों की ताकत
कृषि,सेवा और सेवा क्षेत्र की ग्रोथ ने दिखा दिया कि भारत के पास 140 करोड़ लोगों की ताकत है,जो किसी भी टैरिफ वॉर से लड़ने में सक्षम है.

