प्रा. शिक्षा निदे. अजय नौडियाल से मारपीट,BJP MLA काऊ पर आरोप,रपट,पार्टी भी जांच करेगी 

Primary Education Director assaulted in Directorate of Education BJP to seek explanation from MLA Umesh Sharma

देहरादून 21 फरवरी 2026।  राजधानी देहरादून में उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षा निदेशालय में प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल से मारपीट मामले में पुलिस ने मुकदमा लिख लिया है. अजय नौडियाल ने इस मामले में रायपुर में लिखित शिकायत दी थी. उसी  आधार पर पुलिस ने भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर मुकदमा किया है.

विधायक उमेश शर्मा से जवाब तलब करेगी भाजपा
शिक्षा निदेशालय में प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद से शिक्षकों, कर्मचारियों में आक्रोश है। प्रदेशाध्यक्ष भट्ट ने बोर्ड परीक्षा में छात्रों का भविष्य देखते हुए शिक्षक समुदाय से संयम की अपील है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल

भाजपा ने शिक्षा निदेशक से मारपीट के घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निंदा की है। संगठन घटना में आरोपित विधायक उमेश शर्मा काऊ से मामले में जवाब मांगेगी। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया कि पार्टी कैसी भी अराजकता और हिंसा के पूर्णतया खिलाफ है। जनसमस्या उठाना एक पक्ष हो सकता है, लेकिन उसको किसी को भी कानून के उल्लंघन की अनुमति नहीं है। घटना को पार्टी ने गंभीरता से लिया है।

शीघ्र पार्टी अपने रायपुर विधायक उमेश काऊ से प्रकरण को लेकर जवाब मांगेगी जिसमें तमाम परिस्थितियों को लेकर भी विस्तार से जानकारी ली जाएगी, जिसके चलते यह सब हुआ।  उन्होने कहा कि कानून अपना कार्य करेगा। पार्टी दोषियों  पर कठोर कार्रवाई के पक्ष में है। प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षाकर्मियों से भी संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं पर घटना का कोई असर न पड़े। इसको शिक्षकों को संयम दिखाना होगा, क्योंकि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है।

अधिकारी से मारपीट पर चौतरफा आक्रोश
राजधानी दून में शिक्षा निदेशालय में प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल से मारपीट के बाद से शिक्षकों, कर्मचारियों समेत लोगों में आक्रोश है। चौतरफा आक्रोश बीच शिक्षकों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने घटना की कड़ी निंदा की। राजकीय शिक्षक संघ रायपुर ब्लॉक अध्यक्ष रामेंद्र राणा ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडयाल और कार्यालय के मिनिस्ट्रीयल कर्मियों से निंदनीय व अपराधिक कृत्य का आरोप लगा  भर्त्सना और निंदा की। दोषियों के खिलाफ शीघ्र कठोर से कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

विधायक का पुतला जलाकर किया विरोध

घटना के विरोध में कालीमंदिर में स्थानीय लोगों ने विधायक का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियाें ने कहा कि विधायक की मौजूदगी में उनके समर्थकों ने अधिकारी व कर्मचारियों से मारपीट की। इसके लिए आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन करेंगें।

अजय नौडियाल ने लिखित शिकायत  में विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके साथ आए लोगों पर कार्यालय में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया है. अजय नौडियाल के अनुसार शनिवार 21 फरवरी दोपहर करीब 12.10 बजे विधायक उमेश शर्मा काऊ समर्थकों के साथ बिना सूचना ननूरखेड़ा प्राथमिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे और सीधे उनके कक्ष में प्रवेश कर गए.तब  कार्यालय में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी विभागीय कार्यों पर चर्चा कर रहे थे. विधायक ने कक्ष में प्रवेश करते ही कर्मचारियों को बाहर जाने को कहा और गाली-गलौज की.

आरोप है कि कर्मचारियों को बाहर निकाल निदेशक से अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें धमकियां दी गईं. साथ ही दरवाजा अंदर से बंद कर निदेशक को हत्या की धमकी दी गई. स्थिति बिगड़ती देख कार्यालय कर्मियों ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी. कुछ देर बाद दरवाजा खुला तो बीच-बचाव की कोशिश हुई, शिकायत के अनुसार विधायक और उनके लोगों ने मारपीट की. महिला कर्मचारियों के साथ भी अभद्रता हुई. .

निदेशक का आरोप है कि मारपीट में वें और कुछ कर्मचारी घायल हो गए. निदेशक ने विधायक उमेश शर्मा और उनके समर्थकों पर कार्यालय की फाइलें फाड़ कुछ प्रपत्र साथ ले जाने का भी आरोप भी लगाया. ऑफिस का फर्नीचर उठाकर भी फेंका गया. घटना में उनकी आंख और चेहरे पर गंभीर चोटें आई है,  उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया.

थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के शिक्षा निदेशक अजय कुमार की लिखित शिकायत पर विधायक उमेश शर्मा काऊ सहित अन्य लोगों पर मुकदमा लिख जांच कर रहे हैं.

विवाद का कारण : पूरा विवाद सरकारी स्कूल का नाम बदलने की मांग शुरू हुआ. भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे. उन्होंने रायपुर स्थित के एक सरकारी स्कूल का नाम बदलने की मांग की थी, उसकी को लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल और विधायक उमेश शर्मा में बहस हुई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई. निदेशक ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी स्कूल का नाम परिवर्तन शासन स्तर पर तय होता है और यह निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. विधायक का कहना है कि  भूमि दानकर्ता के नाम पर विद्यालय कौ नामकरण को दो माह पूर्व दी चिट्ठी पर निदेशक ने शासन को कोई पत्र भेजा हो तो दाता परिवार उसकी प्रति मांग रहा था.

प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल से मारपीट

घटनाक्रम के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें निदेशक कक्ष में तीखी बहस, धक्का-मुक्की और कुर्सियां फेंकने जैसी गतिविधियां दिख रही हैं. वीडियो सामने आया तो मामला और  गरमा गया. विधायक के अनुसार मारपीट की शुरुआत निदेशक के कमरे में पहले से बैठे लोगों के लैंडलाइन फोन उठाकर उनकी ओर फैंकने से हुई जो भूमिदानदाता परिवार के सदस्य को लगा. उनके अनुसार कुर्सी भी निदेशक के सहयोगी ने फेंककर मारी। उनका यह भी कहना है कि भूमिदानदाता परिवार के लोगों पर एक दिन पहले शिक्षा निदेशक ने अपने कार्यालय में दुर्व्यवहार किया । तब आज वें उसी क्रम में परिजनों को साथ लाये थे.

विवाद की जड़ एक सरकारी स्कूल का नाम बदलने को लेकर बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे. उनका कहना था कि संबंधित विद्यालय का नाम बदला जाए. इस संबंध में उन्होंने निदेशक से बात की. हालांकि, निदेशक ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी सरकारी स्कूल का नाम परिवर्तन शासन स्तर पर तय होता है और यह निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है. विधायक ने इस संबंध में दिये अपने पत्र पर शासन को लिखे पत्र की कापी मांगी जो वे नही दे पाये.

आरोप है कि विधायक और उनके साथ पहुंचे कुछ कार्यकर्ताओं ने निदेशक पर दबाव बनाने की कोशिश की. बहस इतनी बढ़ गई कि मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया. सामने आए वीडियो में कई लोग निदेशक के कक्ष में मौजूद दिख रहे हैं । हंगामे में कुर्सी फेंके जाने जैसी घटनाएं भी कैद हुई हैं.

घटना की सूचना मिलते ही निदेशालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. अधिकारियों ने स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की और दोनों पक्षों से बातचीत कर हालात शांत करने का प्रयास किया. इस बीच शिक्षकों में गहरा आक्रोशित हो गए.

स्कूल का नाम बदलवाने पहुंचे थे भाजपा विधायक.
शिक्षकों का आरोप है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे विधायक का ऐसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.  यदि किसी विषय पर असहमति थी तो उसे शासन स्तर पर उठाना चाहिए था, न कि निदेशालय में पहुंचकर दबाव बनाया जाए. शिक्षकों ने विधायक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

इसे लेकर बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सड़क पर उतर निदेशालय के बाहर धरना शुरू कर दिया और कुछ समय को सड़क जाम भी कर दी . उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कठोर  कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा. शिक्षकों ने इसे पूरे शिक्षा तंत्र की गरिमा से जुड़ा मामला बताया.

दूसरी ओर विधायक समर्थकों का कहना है कि विधायक केवल जनभावनाओं के अनुरूप स्कूल का नाम बदलवाने की मांग लेकर गए थे और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप एकतरफा हैं.

मामला राजनीतिक रंग भी ले रहा है. विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठा दिए हैं. प्रशासनिक स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच की बात कही जा रही है.

देहरादून में इस घटना ने शिक्षा विभाग, राजनीति और प्रशासन में समन्वय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सबकी नजर जांच बाद कार्रवाई है और शिक्षकों के आंदोलन पर है .

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BJP MLA UMESH SHARMA
ASSAULTING EDUCATION DIRECTOR
बीजेपी विधायक उमेश शर्मा
EDUCATION DIRECTOR AJAY NAUDIYAL

AJAY KUMAR NAUTIYAL
DEHRADUN DEADLY ATTACK
अजय कुमार नौडियाल
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक
DEADLY ATTACK ON DIRECTOR

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