दो-दो वोटर कार्ड लिये घूम रहे बिहार विपक्ष के नेता SIR में फंसे
एक गलती तेजस्वी को पड़ी भारी! RJD नेता के दो EPIC नंबरों से बिहार में मचा राजनीतिक घमासान
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी जंग तेज हो गई है. तेजस्वी के दो EPIC नंबर सामने आने के बाद बीेजेपी-जेडीयू उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज उन्हें गिरफ्तार करने की मांग कर रही है.
पटना,03 अगस्त 2025,। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले जबरदस्त सियासी जंग छिड़ गई है. विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर चल रहा है. इसी कड़ी में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. तेजस्वी के आरोपों पर इलेक्शन कमीशन ने सफाई दी और उनके वोटर आईडी कार्ड का नंबर जारी कर दिया, जिसके बाद पूरा NDA तेजस्वी पर हमलावर हैं.
इसके बाद अब भाजपा-जेडीयू और चिराग पासवान की पार्टी मांग कर रही है कि तेजस्वी के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए और फर्जीवाड़ा करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए. वहीं, दो वोटर आईडी कार्ड रखने के मामले में चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को नोटिस जारी किया है.
तेजस्वी लाइव डेमो दे रहे थे…इसलिए…ये विषय गरमाते देर नहीं लगी. हालांकि, अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने जिस EPIC नंबर (RAB2916120) का जिक्र किया, उसे गलत बताते हुए. चुनाव आयोग ने जवाब दिया।
रिकॉर्ड में है ये EPIC नंबर: EC
चुनाव आयोग ने कहा तेजस्वी यादव का नाम मतदाता सूची में है. उनका EPIC नंबर RAB0456228 है और इसी EPIC नंबर का इस्तेमाल तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के लिए किया था. ये EPIC नंबर रिकॉर्ड में दर्ज है.
अब तेजस्वी को लेकर दो-दो EPIC नंबर सामने आ गए हैं. पहला जो तेजस्वी यादव ने बताया…और दूसरा जो चुनाव आयोग की ओर से जारी किया गया है.
उधर, चुनाव आयोग की सफाई के बाद भाजपा की ओर से राजनीतिक हमला भी शुरू हो गया है. अलग-अलग दावों के बीच तेजस्वी यादव के EPIC नंबर को लेकर विवाद गहरा गया है…तेजस्वी पर दो-दो EPIC नंबर रखने का आरोप लग रहा है… ऐसे में विरोधी कह रहे हैं कि चुनाव आयोग को घेरने का तेजस्वी का दांव उल्टा पड़ गया है.
तेजस्वी के खिलाफ दर्ज हो मामला: NDA नेता
इसके साथ ही अब एनडीए के नेता मांग कर रहे हैं कि तेजस्वी के खिलाफ दो आईडी कार्ड रखने का मामला दर्ज किया जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए. साथ ही बीजेपी पूछ रही है कि क्या तेजस्वी के पास दो वोटर आईडी कार्ड हैं?.
भाजपा नेता अजय आलोक ने कहा कि तेजस्वी ने कल सनसनी पैदा करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मेरा नाम चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट में नहीं है, लेकिन आयोग ने उन्हें बता दिया कि आपका नाम वोटर लिस्ट में है. अब उन्होंने एक नया एपिक नंबर दिखाया. अब ये नया एपिक नंबर आया कहां से जो आयोग के रिकॉर्ड में ही नहीं है. भारतीय कानून के तहत तेजस्वी पर मुकदमा बनता है.
‘दो-दो जगह नाम होना जांच का विषय’
वहीं, जेडीयू नेता संजय झा ने कहा कि चुनाव आयोग दिखा दिया कि मतदाता सूची में उनका नाम था. ये बिहार की जनता को भ्रमित कर रहे हैं. दो-दो जगह पर नाम होना जांच का विषय है.
‘चुनाव आयोग हो गया गोदी…’
इसी बीच दो EPIC नंबर पर भाजपा के हमले का तेजस्वी यादव ने जवाब दिया. उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि षड्यंत्र मेंउनका EPIC नंबर बदल दिया गया है और ऐसे में कई लोगों का नाम वोटर लिस्ट से काटा जा सकता है. तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग पूरी तरह से गोदी आयोग हो गया है.
दरअसल, EPIC नंबर मतदाताओं की विशिष्ट पहचान संख्या होती है जो वोटर आईडी कार्ड पर दर्ज होती है. वोटिंग के दौरान EPIC नंबर वोटर लिस्ट में दर्ज होने जरूरी होता है.
वोटर लिस्ट रिवीजन से शुरू हुआ विवाद अब तेजस्वी तक पहुंच गया है. सत्ता पक्ष लगातार मांग कर रहा है कि तेजस्वी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और उन्हें गिरफ्तार किया जाए. इससे साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में बिहार के अंदर सियासी पारा और चढ़ने वाला है।
SIR पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले लेफ्ट सांसद खुद फंसे! पत्नी के पास मिले दो वोटर कार्ड
सीपीआई (एमएल) सांसद सुदामा प्रसाद की पत्नी के पास भी दो EPIC यानी मतदाता पहचान पत्र पाए गए हैं. गौर करने वाली बात है कि सीपीआई (एमएल) ने खुद SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है.
CPI(ML) सांसद की पत्नी के पास दो EPIC कार्ड (Photo: Facebook/@ MP Sudama Prasad/ PTI)
बिहार में इस साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) कर रही है. इसकी पहली सूची भी जारी हो गई है. एसआईआर को लेकर प्रदेश में जमकर विवाद हो रहा है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने को 2 वोटर कार्ड रखने के मामले में चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
अब तेजस्वी के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानि सीपीआई (एमएल) के सांसद सुदामा प्रसाद के पत्नी के पास दो EPIC (मतदाता पहचान पत्र) कार्ड पाए गए हैं.
गौर करने वाली बात यह है कि सुधामा प्रसाद की पार्टी CPI(ML) लिबरेशन SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता दाखिल की थी.
कौन हैं सीपीआई (एमएल) के सांसद सुदामा प्रसाद?
सुदामा प्रसाद सीपीआई (एमएल) पार्टी से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में बिहार के आरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह को आरा सीट से 59,808 मतों के अंतर से हराया था.
क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन?
लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया का पारदर्शी और निष्पक्ष होना आवश्यक है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बिहार निर्वाचन आयोग ने राज्य में चुनावी प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान चलाया है. यह अभियान विशेष रूप से चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की समीक्षा और सुधार के लिए आयोजित किया जाता है.
Bihar opposition leader caught in SIR, roaming with two voter cards.
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अप-टू-डेट करना है. इसमें पुराने मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि, नए मतदाताओं का नामांकन, और वोटर लिस्ट से अवैध या डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है. इसके साथ ही यह अभियान उन लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने का मौका देता है जो किसी कारणवश अभी तक नामांकन नहीं करा पाए हैं.
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