पीएम-श्री स्कूल स्थापना को बनेंगीं ब्लॉक स्तरीय समितिः डॉ. धन सिंह रावत
आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूलों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
15 सितम्बर तक खाते में भेजनी होगी स्कूली बैग, ड्रेस, जूते की धनराशि
देहरादून, 02 सितम्बर 2025 । विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न जनपदों में पीएम-श्री विद्यालयों के अवस्थापना कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाये रखने के लिये तीन स्तरीय ब्लॉक स्तरीय समितियों का गठन किया जायेगा। जो कि विद्यालयों के निर्माण कार्यों से लेकर खरीद-फरोख्त आदि सभी कार्यों की निगरानी करेगी।
इसके अलावा समग्र शिक्षा के अंतर्गत राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्कूली बैग, ड्रेस, जूते, साइकिल आदि की धनराशि डीबीटी के माध्यम से 15 सितम्बर तक उनके खातों में हस्तानांतरित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। इसी प्रकार आपदाग्रस्त विद्यालयों एवं अन्य परिसम्पतियों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को भी कहा गया है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक ली जिसमें उन्होंने पीएम-श्री विद्यालयों के अवस्थापना कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाये रखने के लिये ब्लॉक स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समिति की देखरेख में ही समस्त निर्माण कार्य एवं खरीद फरोख्त की जायेगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न जनपदों में आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के निर्माण एवं मरम्मत को राज्य सरकार ने आपदा मोचन निधि से 20 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की है जो सभी जनपदों को आवंटित कर दी गई है।
डॉक्टर रावत ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिला शिक्षा समिति की अध्यक्षता में शीघ्र क्षतिग्रस्त विद्यालयों के प्रस्ताव प्रस्तुत कर निर्माण कार्य कराये जाय। इसके अलावा समग्र शिक्षा में छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग, जूते, ड्रेस व साइकल आदि के लिये स्वीकृत धनराशि 15 सितम्बर तक डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में अनिवार्य रूप हस्तांतरित कर दी जाय।
उन्होंने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में संचालित आवासीय विद्यालयों, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, अभिनव विद्यालय, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर उनकी आवासीय व्यवस्था के साथ ही, भोजन, साफ-सफाई आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
विभागीय मंत्री डॉक्टर रावत ने कहा कि राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों को पुस्तकालय मद में किताबे खरीदने को प्रतिवर्ष धनराशि उपलब्ध कराई जाती है,लेकिन कतिपय विद्यालयों में इस धनराशि का उपयोग समय पर सही ढंग से नहीं किये जाने की शिकायतें प्राप्त होती है। इसके लिये उन्होंने विद्यालय स्तर पर तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। साथ ही ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में समय-समय पर पुस्तकालयों का भौतिक निरीक्षण करने को भी कहा।
विभागीय मंत्री डॉक्टर रावत ने प्रदेशभर में संचालित वर्चुअल कक्षाएं एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का भी नियमित निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी जनपद अपने-अपने विद्यालयों का सम्पूर्ण डाटा विद्या समीक्षा केन्द्र को उपलब्ध कराये ताकि विद्यालयों से संबंधित सभी जानकारियां एक क्लिक पर उपलब्ध हो सके।
बैठक में निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉक्टर मुकुल कुमार सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, वित्त नियंत्रक वीरेन्द्र सिंह, अपर निदेशक महानिदेशालय पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक जगदीश काला, मंजू भारती, अजीत भण्डारी, रमेश तोमर आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे जबकि बैठक में सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

