मुमं धामी ने हरिद्वार में लगाई “मुख्य सेवक की चौपाल”, 638 शिविरों में 4.97 लाख को मिला समाधान

  • मुख्यमंत्री धामी हरिद्वार में एक्शन मोड में – चौपाल में सुनी समस्याएं, तत्काल दिये समाधान के आदेश
  • सरकार फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी
  • जन-जन की सरकार: शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई, लापरवाही पर कठोर चेतावनी
  • जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश – एक भी जनसमस्या लंबित न रहे
  • सरकार मैदान में, जनता के बीच: ‘मुख्य सेवक’ ने दिखाई उत्तरदायित्व की कठोर कार्यशैली

देहरादून/हरिद्वार 16 फरवरी 2026।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान में आयोजित मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में रहे। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच बैठकर सीधे संवाद कर स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी।

कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री धामी ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुन संबंधित विभागों के अधिकारियों को वहीं समाधान सुनिश्चित करने के कठोर निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी को सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी शिकायत लंबित रखना स्वीकार्य नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं पर देरी या लापरवाही असहनीय है। अन्य विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव है, उनका निस्तारण वहीं किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “मुख्य सेवक की चौपाल” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार के उत्तरदायित्व का जीवंत प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य है कि सामान्य जन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार जनहित के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है। जनापेक्षाओं पर खरा उतरना ही सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने भरोसा दिलाया कि जनसमस्या समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होगी और सरकार जनता के साथ खड़ी है — हर समय, हर परिस्थिति में।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने  कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है। उन्होंने स्वयं को जनता से अलग नहीं, बल्कि उनका सेवक बताते हुए कहा कि जन संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “मुख्यसेवक की चौपाल” औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का जीवंत मंच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान को आए हैं।उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार का मूल मंत्र है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनहित सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। मुख्यमंत्री धामी ने आश्वस्त किया कि किसी की आवाज दबाई नहीं जाएगी और कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान में डेढ़ माह में पूरे प्रदेश में लाखों लोग लाभान्वित हुये हैं । यह अभियान केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि सरकार और जनता में विश्वास का सशक्त सेतु है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार देने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होने कहा कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से योग्य युवाओं को अवसर देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में  है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता को भी निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य के समग्र विकास में भागीदार बन सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहा कि कृषक हितों की रक्षा और उनकी आय में वृद्धि को सरकार अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान, कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा आधुनिक कृषि तकनीक प्रोत्साहन को निरंतर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों के समग्र सशक्तिकरण को प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उत्तराखंड ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता, समानता एवं न्याय की भावना सुदृढ़ करने वाला है। उन्होंने इसे राज्य की जनता के हित में लिया गया दूरदर्शी एवं साहसिक निर्णय बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” भावना से कार्य कर रही है तथा प्रदेश के युवाओं, किसानों और आमजन के कल्याण हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगी।

हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधायें सुदृढ़ की जा रही है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार अब धरातल पर स्पष्ट दिख दे रहे हैं। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है तथा कृषि को लाभकारी बनाने के निरंतर प्रयास हो रहे हैं। युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को अनेक योजनाएं संचालित हैं |

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता से योजनाएं बिना भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। तकनीक और पारदर्शिता से भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जन सुझाव ही सरकार का मार्गदर्शन  करते हैं। सरकार और जनता साथ मिलकर कार्य करें तो विकास की कोई सीमा नहीं रहती। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेशवासियों के सहयोग और विश्वास से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का “विकल्प रहित संकल्प” अवश्य सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे |
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: धामी सरकार का जनसेवा अभियान बना सुशासन का सशक्त मॉडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान उत्तराखंड में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। सभी 13 जनपदों में निरंतर आयोजित होते बहुउद्देशीय शिविरों से सरकार सीधे जनता तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।

16 फरवरी 2026 तक प्रदेशभर में 638 शिविर लग चुके हैं। शिविरों में अब तक 4,97,107 नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें अंकित. कराई हैं। कआज ही 7 शिविरों में 4,306 नागरिकों ने भाग लिया। आंकड़े दर्शाते हैं कि धामी सरकार का यह अभियान जनसरोकारों से सीधे जुड़कर परिणाम दे रहा है।

अभियान में अब तक 48,562 शिकायत पत्र मिले हैं, जिनमें से 32,583 शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। केवल आज ही 411 शिकायतें मिली और 261 शिकायतों का त्वरित समाधान हुआ। इससे स्पष्ट है कि सरकार केवल शिकायतें सुन ही नहीं रही, बल्कि समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण भी सुनिश्चित कर रही है।

इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र देने तथा आवेदन पत्र प्राप्ति प्रक्रिया में अब तक 69,746 प्रकरणों में कार्रवाई हुई है। आज शिविरों में 353 प्रमाण पत्र/आवेदन संबंधित कार्य हुए। यह पहल आमजन को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाकर सेवाओं को उनके द्वार तक पहुंचा रही है।

अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हुए  है। अब तक 2,76,646 व्यक्ति विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए है, जिनमें से 2,542 लाभार्थी केवल आज शिविरों में जोड़े गए। आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव उत्पन्न कर रही हैं।

जनपदवार आंकड़े भी अभियान की व्यापकता रेखांकित करते हैं। हरिद्वार, देहरादून, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा सहित सभी जिलों में बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता और शिकायतों का समाधान हुआ है। विशेष रूप से पिथौरागढ़, पौड़ी, नैनीताल, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी में आज ही शिविरों आयोजन कर नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ दिया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासन को जनोन्मुखी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान इसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जिससे सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को प्रतिबद्ध है।

धामी सरकार का यह प्रयास उत्तराखंड में सुशासन, त्वरित सेवा वितरण और जनविश्वास सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल रूप में स्थापित हो रहा है। प्रदेश की जनता को समयबद्ध समाधान, प्रमाण पत्रों की त्वरित उपलब्धता तथा योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ देकर सरकार विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित कर रही है।

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