खटीमा छात्र संघ के विंटर कार्निवाल में भजन क्लम्बिंग सराही मुमं धामी ने
खटीमा 07 फरवरी 2026 सूचना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवंती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा में छात्र संघ के विंटर कार्निवाल में प्रतिभाग कर प्रोत्साहित किया। उन्होंने विंटर कार्निवाल का दीप प्रज्ज्वलित कर छात्र संघ के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को उनके सफल कार्यकाल हेतु हार्दिक शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि छात्र संघ ने पहली बार विंटर कार्निवाल में भजन क्लम्बिंग जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत कर हमारी सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और युवा चेतना संगम किया है। उन्होंने कहा कि भजन क्लंबिंग जैसे आयोजन सिद्ध करते हैं कि हमारा युवा वर्ग आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी मजबूती से जुड़ा हुआ है । संगीत, भक्ति और संस्कृति से युवाओं को सकारात्मक दिशा देना, ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस पहल के लिए छात्र संघ को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से नेतृत्व क्षमता, संगठन शक्ति और सामाजिक दायित्व का परिचय मिला है।
मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि जिन छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम का संचालन किया है, वही छात्र कल राज्य और देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि खटीमा मेरे लिए कोई विधानसभा सीट नहीं बल्कि घर , कर्मभूमि और पहचान है। खटीमा की मिट्टी ने मुझे सेवा का संस्कार दिया है, यही वो धरती है जहाँ से मैंने जनसेवा की पहली सीढ़ी चढ़ी थी। यहां की हर गली, हर गांव मेरे दिल के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल सहित बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने को निरंतर ठोस कदम उठाए हैं। खटीमा में हमने विकास को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे ज़मीन पर उतारा है। हमने एक ओर क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने को गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल निर्माण कराया है, वहीं पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि हमने खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ-साथ चकरपुर में राष्ट्रीय स्तरीय आधुनिक खेल स्टेडियम निर्माण भी कराया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने जहां खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर निर्माण कर बुनियादी सुविधायें मजबूत की है वहीं, विद्यार्थियों के लिए “साथी केंद्र” स्थापित करने के साथ ही औद्योगिक विकास को गति देने सिडकुल भी स्थापित किया है। इतना ही नहीं, हम खटीमा और टनकपुर के बीच भव्य सैन्य स्मारक भी बना रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा निर्माण को भी संकल्पित है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। यही नहीं, हमने राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई और जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय संचालन भी प्रारंभ किया। जहां एक ओर जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य कर रहे है वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने को एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निरंतर प्रयासों से उत्तराखंड रोजगार सृजन के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना चुका है। एक समय था जब प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय सीमित थी, अब प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। प्रदेश में सड़क नेटवर्क दोगुना हुआ है, और बिजली उत्पादन चार गुना बढा है। ये परिवर्तन केवल सरकारी रिपोर्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम जन के जीवन में भी स्पष्ट दिख रहे हैं।उन्होंने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन हुआ है। यानी आज हमारा पहाड़ का युवा, बेहतर भविष्य, स्वरोजगार और आत्मसम्मान की उम्मीद के साथ फिर से अपनी मिट्टी, अपने गांवों की ओर लौट रहा है। प्रदेश की बेरोजगारी दर में एक ही वर्ष में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत कमी हुई है, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, अस्मिता और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून केवल कागजों तक सीमित नहीं रखे, बल्कि जमीन पर सख्ती से लागू करके भी दिखाया है। लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई कर हमने 11 हज़ार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त करायी। इतना ही नहीं, 250 से अधिक अवैध मदरसे सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये स्पष्ट संदेश भी दिया है कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कालनेमि से हमने सनातन धर्म बदनाम करने वाले ढोंगियों और पाखंडियों पर भी कठोर कार्रवाई की है क्योंकि आस्था की आड़ में ठगी करने वालों की देवभूमि में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने समान नागरिक संहिता लागू कर प्रदेश में समरसता, समान अधिकार और सामाजिक न्याय की मज़बूत नींव रखी है। ये सिर्फ कानून नहीं, बल्कि नए उत्तराखंड का संकल्प है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमने युवाओं के भविष्य ध्यान में रख कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर नकल माफिया की कमर तोड़ने की पहल की। इसका परिणाम है कि प्रदेश के 28 हज़ार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। युवाओं के हक पर किसी माफिया का साया नहीं पड़ने दिया जाएगा, अब प्रदेश में पर्ची नहीं, परिश्रम चलता है, सिफारिश नहीं, सिस्टम चलता है। उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ भी “जीरो टॉलरेंस की नीति” अपनाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारी सलाखों के पीछे पहुँचाये हैं। यहाँ विकास भी होगा, परंपराएँ भी सुरक्षित रहेंगी, और जो ताकतें राष्ट्र, संस्कृति और समाज के खिलाफ खड़ी होंगी, उन्हें जवाब भी अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि खटीमा के मेरे परिवारजनों का स्नेह, विश्वास और सहयोग हमें इसी प्रकार मिलता रहेगा।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री धामी खटीमा में पूर्व जिला पंचायत सदस्य राम सिंह जेठी की पत्नी के निधन पर उनके आवास, ढील्लू सिंह राणा एवं जशोधर भट्ट के निधन पर आवास पहुँच कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,गौरव पांडे, पुलिस क्षेत्राधिकारी बीएस धोनी सहित छात्र संघ के सभी पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राएं रहीं।

