व्हाट्सऐप में ‘घोस्ट पेयरिंग’ से हो रही है धोखाधड़ी,बचने को ये करें उपाय,सावधानियां

व्हाट्सऐप पर एक लिंक से धोखाधड़ी की जा रही है

25 दिसंबर 2025
‘व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग’ धोखाधड़ी कैसे होती है?

अगर ऐसा है, तो आपको निश्चित रूप से इसके बारे में जानना चाहिए.

ऐसा इसलिए है क्योंकि तेलंगाना पुलिस ने बताया है कि साइबर अपराधी व्हाट्सऐप से एक नए प्रकार की धोखाधड़ी कर रहे हैं.

धोखाधड़ी के इस नए तरीके को ‘व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग’ कहा जाता है.

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी इस धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी जारी की है.

हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर और तेलंगाना साइबर सुरक्षा निदेशक ने लोगों को सतर्क रहने और व्हाट्सऐप के माध्यम से फैलाए जा रहे इस घोटाले का शिकार न होने की सलाह दी है.

‘व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग’ धोखाधड़ी कैसे होती है?

साइबर अपराध की दुनिया में अब धोखाधड़ी करने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं.

पहले, धोखाधड़ी के मामलों में फोन कॉल या टेक्स्ट मैसेज भेजकर मैलवेयर इंजेक्ट किया जाता था.

लेकिन पुलिस को अब मालूम चला है कि व्हाट्सऐप पर ‘जानकारी शेयर करने’ के जरिए धोखाधड़ी की जा रही है.

हैदराबाद शहर के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने बताया, “यह घोटाला ‘अरे. क्या आपने मेरी तस्वीर देखी है?’ जैसा लिंक भेजकर शुरू होता है.”

उन्होंने कहा, “इस तरह के लिंक पर क्लिक न करें. आपको ना सिर्फ ऐसे व्यक्ति के भेजे गए लिंक पर क्लिक नहीं करना है जिसे आप नहीं जानते, बल्कि अगर लिंक भेजने वाले शख्स को आप जानते भी हैं तो उस पर क्लिक नहीं करें.”

उन्होंने बताया, “ऐसे लिंक पर क्लिक करने से एक नकली व्हाट्सऐप वेब पेज खुल जाएगा और बिना किसी ओटीपी या स्कैनिंग के आपका व्हाट्सऐप अकाउंट हैकर के डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल) पर लॉगइन हो जाएगा.”

लिंक पर क्लिक करने के बाद क्या होता है?
व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग UGC

व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग में साइबर अपराधियों के डिवाइस में यूजर्स का व्हाट्सऐप लॉग इन हो जाता है
तेलंगाना साइबर सुरक्षा विभाग की निदेशक शिखा गोयल ने कहा कि साइबर अपराधी यूजर्स के व्यक्तिगत व्हाट्सऐप खातों को उनके उपकरणों से जोड़कर जानकारी चुरा रहे हैं.

उन्होंने बताया, “बैंक खाते की जानकारी, निजी बातचीत, तस्वीरें, वीडियो सब कुछ साइबर अपराधियों के हाथ लग जाता है. वे यूजर्स के नाम का इस्तेमाल दूसरों को संदेश भेजने और धोखाधड़ी करने के लिए करते हैं.”

वहीं केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ‘घोस्ट पेयरिंग’ के संबंध में गाइडलाइन्स जारी की हैं.

मंत्रालय ने कहा, “अपराधी व्हाट्सऐप में मौजूद डिवाइस लिंकिंग फीचर का इस्तेमाल करके व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर रहे हैं. पेयरिंग कोड की मदद से बिना किसी और वेरिफिकेशन के व्हाट्सऐप अकाउंट हैक किए जा रहे हैं.”

धोखाधड़ी से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए?
व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग

कुछ तरीके अपनाकर व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग से बच सकते हैं
शिखा गोयल ने बताया, “इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के खिलाफ चेतावनी दी है.”

धोखाधड़ी से बचने को यें स्टेप्स फॉलो करें…

आपको व्हाट्सऐप की सेटिंग में मौजूद ‘लिंक्ड डिवाइस’ के ऑप्शन को नियमित तौर पर देखना चाहिए.
अगर वहां कोई अज्ञात डिवाइस कनेक्टेड है, तो आपको तुरंत लॉग आउट कर देना चाहिए.
आपको अपने व्हाट्सऐप अकाउंट की सेटिंग में जाकर ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ फीचर को ऑन करना चाहिए.
अगर आपका अकाउंट हैक हो जाए तो क्या करें?
व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग

व्हाट्सऐप घोस्ट पेयरिंग का शिकार होने पर पुलिस को सूचना दें

पुलिस ने चेतावनी दी है कि सावधानी के बावजूद भी व्हाट्सऐप के हैक होने की आशंका है.

शिखा गोयल ने कहा, “आपको संदेह है कि व्हाट्सऐप या कोई वेब ब्राउज़र हैक हो गया है, तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर दें.”

“हैकिंग के दौरान दिखाई देने वाले सभी मैसेज, लिंक और पॉप-अप नोटिफिकेशन के स्क्रीनशॉट ले लें और उन्हें सुरक्षित रख लें. ट्रांसफर की आईडी, यूटीआर, कॉल लॉग जैसी जानकारी जमा कर लेनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “ईमेल, बैंक और सोशल मीडिया खातों के पासवर्ड तुरंत बदलने चाहिए. अगर किसी बैंक खाते से पैसे गायब हो जाते हैं, तो आपको तुरंत संबंधित बैंक या संबंधित कंपनी से संपर्क करना चाहिए और शिकायत  लिखानी चाहिए.”

“गूगल क्रोम और अन्य ऐप्स को तुरंत नए ऑफिशियल वर्जन में अपडेट करना चाहिए.”

वहीं तेलंगाना पुलिस ने चेतावनी दी है कि ओटीपी, पिन, सीवीवी, व्हाट्सऐप कोड जैसी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी परिस्थिति में किसी से भी शेयर नहीं करनी चाहिए.

शिखा गोयल ने सलाह दी है कि अगर आप साइबर अपराध के शिकार हुए हैं या आपके पास साइबर अपराध से संबंधित कोई जानकारी है, तो आपको तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर इसकी सूचना देनी चाहिए.

वॉट्सऐप में नया ‘घोस्ट पेयरिंग’ स्कैम, क्यूआर कोड स्कैन से अकाउंट हैक का खतरा; पंजाब पुलिस ने जारी की चेतावनी

पंजाब पुलिस ने वॉट्सऐप उपयोगकर्ताओं को ‘घोस्ट पेयरिंग’ घोटाले से चेताया है, जिसमें साइबर अपराधी क्यूआर कोड से बिना ओटीपी अकाउंट हैक कर लेते हैं.

वॉट्सऐप में नया ‘घोस्ट पेयरिंग’ स्कैम (प्रतिकात्मक तस्वीर)

  • वॉट्सऐप में नया ‘घोस्ट पेयरिंग’ स्कैम
  • लिंक्ड डिवाइस फीचर का दुरुपयोग कर रहे हैकर्स
  • क्यूआर कोड स्कैन से अकाउंट हैक का खतरा

पंजाब पुलिस ने वॉट्सऐप यूजर्स को ‘घोस्ट पेयरिंग स्कैम (Ghost Pairing Scam)’ के प्रति आगाह किया है, जिसमें साइबर अपराधी क्यूआर कोड  से बिना ओटीपी अकाउंट हैक कर रहे हैं। यह घोटाला वॉट्सऐप के लिंक्ड डिवाइस फीचर का दुरुपयोग करता है, जिससे हैकर कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल से क्यूआर कोड भेजकर अकाउंट को कंट्रोल कर सकते हैं।

ओटीपी-पासवर्ड की जरूरत नहीं
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी अब एक नए तरीके से लोगों के वॉट्सऐप अकाउंट को अपने कब्जे में ले रहे हैं। इस नए साइबर अपराध को ‘घोस्ट पेयरिंग’ घोटाला कहा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस ठगी में न तो ओटीपी की जरूरत होती है और न ही पासवर्ड की। पुलिस ने अनजान क्यूआर कोड से बचने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखने की सलाह दी है।

पंजाब पुलिस ने यह चेतावनी भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट इन (CERT-In) की रिपोर्ट के बाद जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर अपराधी वॉट्सऐप के लिंक्ड डिवाइस फीचर का गलत फायदा उठा रहे हैं।

क्या है घोस्ट पेयरिंग स्कैम?
पंजाब पुलिस के अनुसार, घोस्ट पेयरिंग घोटाले में अपराधी वॉट्सऐप लिंक्ड डिवाइस सिस्टम का दुरुपयोग करते हैं। सामान्य रूप से इस सुविधा का इस्तेमाल मोबाइल के वॉट्सऐप अकाउंट को कंप्यूटर या लैपटाप से जोड़ने को किया जाता है, लेकिन हैकर इसी प्रक्रिया से अकाउंट कब्जा लेते हैं।

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QR कोड संभल कर करें स्कैन
इस घोटाले में साइबर अपराधी पहले यूजर्स को फर्जी कॉल, संदेश या वीडियो काल करते हैं। इसके बाद नौकरी, इनाम, अकाउंट वेरिफिकेश या वॉट्सऐप हेल्प के नाम पर एक क्यूआर कोड भेजा जाता है। जैसे ही यूजर वह क्यूआर कोड स्कैन करता है, उसका वॉट्सऐप अकाउंट हैकर के सिस्टम से जुड़ जाता है।

सबसे खतरनाक बात यह है कि यूजर को इसकी कोई जानकारी नहीं मिलती। हैकर चुपचाप पूरा अकाउंट कंट्रोल करने लगता है, फिर चैट, फोटो, वीडियो, कॉन्टेक्ट लिस्ट के साथ-साथ निजी जानकारी का भी गलत इस्तेमाल करता है।

घोस्ट पेयरिंग स्कैम से कैसे बचें?
वॉट्सऐप के लिंक्ड डिवाइस सेक्शन नियमित रूप से जांचें।
कोई अनजान डिवाइस जुड़ा दिखाई दे तो तुरंत लॉग आउट करें।
कोई भी अनजान क्यूआर कोड स्कैन न करें।
वॉट्सऐप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन सुविधा जरूर चालू रखें।
साइबर ठगी हो तो तुरंत साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत कराएं।

पंजाब पुलिस की अपील
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वॉट्सऐप या कोई भी सरकारी विभाग कभी भी फोन या संदेश के जरिए क्यूआर कोड स्कैन करने को नहीं कहता। ऐसे किसी भी संदेश, काल या लिंक से सावधान रहने की जरूरत है।

पंजाब पुलिस चेताया है कि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और इस घोस्ट पेयरिंग स्कैम की जानकारी दूसरों तक भी पहुंचाएं।

 

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