बीएमसी चुनाव में पार्षद का चुनाव जीतने के बाद ‘पूरे मुंब्रा को हरा कर देने’ का बयान देने वाली AIMIM नेता सहर शेख ने एक बार फिर पलटी मारी है. उन्होंने कहा कि इस मुल्क में हम मुसलमानों का खून भी शामिल है. ये किसी के बाप का हिंदुस्तान नहीं ।

सहर यूनुस शेख ने कहा, ‘कई लोग मेरे पहले के बयान का विरोध करते हुए पाकिस्तान जाने की बात कर रहे हैं. लेकिन हम भारतीय मुसलमान हैं और यह हमारा मुल्क है.कोई भी व्यक्ति हमें कहीं जाने की बात नहीं कह सकता.’

‘मेरा बयान अधूरा दिखाया गया’

AIMIM ने कहा, ‘मेरे पहले के बयान की क्लिप काटकर गलत तरीके से चलाया गया. मीडिया ने पूरी बात नहीं दिखाई. इसे मुंब्रा के सब लोग समझ रहे हैं. कई हिंदुओं ने मेरे पास आकर उसका समर्थन भी किया है.’

सहर शेख ने आरोप लगाया, ‘मेरे भाषण का एक हिस्सा वायरल कर चाहते थे कि मुंब्रा के लोग भड़कें. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. यहां लोग समझदार हैं. मुंब्रा में हिंदू और मुस्लिम सब मिलकर आपसी सद्भाव से रहते हैं. वे  उकसावे में नहीं आए.’

‘किसी के बाप का मुसलमान थोड़े ही है’

राहत इंदौरी का शेर सुनाकर  सहर शेख ने व्यंग्य किया, ‘इस मिट्टी में हम मुसलमानों का भी खून शामिल है. किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़े ही हैं.’

सहर शेख पहले एनसीपी (शरद पवार गुट) में थीं. टिकट नहीं मिला तो पाला बदलकर ओवैसी की पार्टी में आ गईं. चुनाव जीत सहर शेख ने आपत्तिजनक भाषण दिया था, ‘पूरे मुंब्रा को हरा रंग देंगे.’

नोटिस मिलने के बाद मांगी थी माफी

अब यह हरा रंग इस्लाम था या ओवैसी की पार्टी का. यह स्पष्ट नहीं हो पाया. लेकिन बयान आपत्तिजनक मानते हुए सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई थी.  भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत पर पुलिस ने सहर शेख को नोटिस दे स्पष्टीकरण मांगा. शेख ने कानून का शिकंजा फंसता देख थाने में लिखित में माफीनामा जमा करवा दिया. हालांकि अब फिर से इंदौर के शेर के बहाने उन्होंने फिर से हिंदुओं पर व्यंग्य कस दिया ।