इंडस टॉवर्स ने उधमसिंह नगर UK के 70 स्कूलों में सफलतापूर्वक पूरा किया मैन्स्ट्रुल हाइजीन इन्फ्रास्ट्रक्चर रोलआउट

इंडस टॉवर्स ने उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में 70 स्कूलों में मैन्स्ट्रुल हाइजीन इन्फ्रास्ट्रक्चर रोलआउट को सफलतापूर्वक पूरा किया

70 सरकारी स्कूलों को डस्टबिन और 70 पैड बैंक (स्टोरेज कबर्ड) मुहैया कराए

पैड बैंक्स एवं वितरण के ज़रिए 6.46 लाख सैनटरी पैड सप्लाई किए
उधम सिंह नगर, 13 फरवरी 2026ः इंडस टॉवर्स ने पिंकीशी फाउन्डेशन के सहयोग से, अपनी सीएसआर पहल के तहत उधम सिंह नगर, उत्तराखण्ड के 70 सरकारी स्कूलों में मैन्स्ट्रुअल हाइजीन इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं जागरुकता प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत हर स्कूल को डस्टबिन और पैड बैंक (स्टोरेज कबर्ड) मुहैया कराए गए हैं, ताकि किशोरियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं भरोसेमंद मैन्स्ट्रुअल हाइजीन मटीरियल उपलब्ध कराया जा सके।
इस उपलब्धि पर बात करते हुए उधम सिंह नगर के ज़िला प्रशासन ने इंडस टॉवर्स एवं पिंकीशी फाउन्डेशन के संयुक्त प्रयासों की सराहना की, और कहा कि इस पहल से लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, माहवारी के दौरान भी उन्हें स्कूल से छुट्टी नहीं लेनी पड़ेगी और उनकी उपस्थिति में सुधार होगा।
इस पहल के महत्व पर रोशनी डालते हुए

तेजिन्दर कालरा, सीओओ, इंडस टॉवर्स लिमिटेड ने कहा, ‘‘माहवारी के लिए हाइजीनिक मटीरियल उपलब्ध कराना हर लड़की की मर्यादा, स्वास्थ्य एवं अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी है। नारी सम्मान प्रोग्राम के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उधम सिंह नगर की लड़कियां बिना किसी रूकावट के आत्मविश्वास के साथ नियमित रूप से स्कूल आ सकें।

इंडस टॉवर्स की मुख्य सीएसआर पहल प्रगति में पेश किया गया नारी सम्मान प्रोग्राम जागरुकता, सुलभता एवं सामुदायिक सक्रियता को बढ़ावा देता है। मल्टी-लेयर्ड मॉडल में स्कूलों, प्रशिक्षित स्कूल सखियों, अध्यापकों को शामिल कर तथा सामुदायिक आउटरीच को बढ़ाकर देकर नारी सम्मान प्रोग्राम सुनिश्चित करता है कि मैन्स्ट्रुअल हेल्थ एक साझा एवं समावेशी प्राथमिकता बन जाए।
श्री अरूण गुप्ता, मैनेजिंग ट्रस्टी एवं प्रेज़ीडेन्ट, पिंकीशी फाउन्डेशन ने इस साझेदारी की सराहना करते हुए कहा, ‘‘यह उपलब्धि सामुहिक प्रयासों की क्षमता को दर्शाती है। इंडस टॉवर्स के साथ साझेदारी के ज़रिए हमने हज़ारां लड़कियों के लिए हाइजीनिक प्रोडक्ट्स को सुलभ बनाया है, उन्हें आत्मविश्वास के साथ मैन्स्ट्रुअल हेल्थ की देखभाल के बारे में जागरुक बनाया है। अध्यापकों, स्कूल सखियों एवं समुदायों का सहयोग सुनिश्चित करता है कि यह बदलाव अस्थायी नहीं बल्कि सही मायनों में बदलावकारी हो।

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