हर की पैड़ी पर अरबी वेश में रील बनाते नवीन और प्रिंस बंदी,कार्रवाई की मांग

हर की पैड़ी पर शेखों के वेश में घूमते दिखे दो युवक, तीर्थ पुरोहित और स्थानीय लोगों में आक्रोश, पुलिस ने ढूंढ निकाले युवक 
SHEIKH ATTIRE IN HARIDWAR
हरकी पैड़ी पर अरबी लिबास में युवक (फोटो सोर्स- Tirth Purohit)

हरिद्वार (उत्तराखंड) 14 जनवरी 2026 : विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर दो युवक शेख के लिबास में घूमते हुए नजर आए. धार्मिक स्थल पर अजीब वेशभूषा में युवकों के दिखने पर तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें रोक लिया और उनसे सवाल किया. पहले तो उन्होंने खुद को दुबई का निवासी बताते हुए मुस्लिम नामों का उल्लेख किया. जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने यूट्यूब के लिए वीडियो बनाने की बात कही. जिस पर तीर्थ पुरोहितों की संस्था गंगा सभा ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. वहीं, पुलिस ने दोनों युवकों को दबोच लिया है.

दरअसल, धर्मनगरी हरिद्वार के सबसे पवित्र स्थल ‘हरकी पैड़ी’ पर दो युवकों का एक वीडियो सामने आया था. जिसे देख तीर्थ पुरोहित और स्थानीय निवासी आक्रोशित हो गए. वीडियो में अरबी पहनावे (कंदूरा) में दो युवक घूमते नजर आए. जो खुद को दुबई का निवासी बताते दिखे. इस दौरान उनसे कई लोग सेल्फी खिंचवाते दिखे. हालांकि, कुछ देर बाद वो हरकी पैड़ी से निकल गए. उधर, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है.

गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की हो रही मांग: यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जब उत्तराखंड सरकार और गंगा सभा की ओर से हरिद्वार के घाटों व धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने एवं केवल ‘सनातनियों’ को अनुमति देने पर चर्चा चल रही है. हाल ही में तीर्थ पुरोहितों की ओर से हरकी पैड़ी समेत कुंभ मेला क्षेत्र के सभी गंगा घाटों को गैर हिंदू प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई थी.

SHEIKH ATTIRE IN HARIDWAR
अरबी लिबास में घूमते दिखे युवक (फोटो सोर्स- Tirth Purohit)
तीर्थ पुरोहित और स्थानीय लोगों में आक्रोश: वहीं, स्थानीय निवासियों और तीर्थ पुरोहितों का आरोप है कि यह वीडियो जानबूझकर क्षेत्र की मर्यादा को भंग करने एवं सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से बनाया गया है. लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की शुचिता बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की है. इस तरह की हरकतें कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

युवकों की असली पहचान पता चली: उधर, वीडियो का संज्ञान लेते हुए हरिद्वार पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों युवकों की पहचान कर उन्हें खोज निकाला. जिनके खिलाफ पुलिस अधिनियम में कार्रवाई की गई. साथ ही भविष्य में ऐसी हरकत न दोहराने की हिदायत दी गई.

ये हैं आरोपित-

1-नवीन कुमार (पुत्र मुन्ना, निवासी- रावली महदूद महदूद, हरिद्वार),22 वर्ष
2-प्रिंस (पुत्र सोमपाल, निवासी- बिजनौर वर्तमान पता रावली महदूद, हरिद्वार), 22 वर्ष
“कुछ लोग हर की पैड़ी क्षेत्र की मर्यादा, पवित्रता एवं गरिमा विकृत करना चाहते हैं. मामला संज्ञान में आते ही पुलिस प्रशासन से संपर्क किया गया. निश्चित रूप से ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो .”– तन्मय वशिष्ठ, महामंत्री

मामले को लेकर हरिद्वार के तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने वातावरण विकृत करने का प्रयास कर्ताओं  को दंडित करने की मांग की.

कुछ यूट्यूबर्स सोशल मीडिया पर सस्ती प्रसिद्धि पाने को वातावरण विकृत करने का प्रयास करते हैं, जो बिल्कुल भी सहन नहीं है. पुलिस प्रशासन पर पूरा विश्वास है कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी.”- उज्जवल पंडित, तीर्थ पुरोहित

आधी-अधूरी वीडियो वायरल करने वालों को चेतावनी  :  पुलिस  क्षेत्राधिकारी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि दोनों के खिलाफ पुलिस अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है.

पूछताछ में उन्होंने कबूला कि वे अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो बनाने हर की पौड़ी गए थे,ताकि उन्हें अधिक लाइक और कमेंट मिल सकें।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों युवकों ने उनके इस कृत्य से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर माफी मांगी। पुलिस ने भविष्य में ऐसे वीडियो नहीं बनाने के निर्देश देते हुए चालान कर छोड़ दिया। पुलिस ने यह भी कहा कि आधी-अधूरी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों की भी पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में मचा हड़कंप
इससे पहले, हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में स्थित सभी गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग के बीच हर की पौड़ी के मालवीय घाट और उसके आसपास कंदूरा पहनकर युवकों के घूमने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि कंदूरा पहने घूम रहे युवकों को रोककर जब उनसे सवाल किए गए। उन्होंने अपना नाम दुबई निवासी हबीबुल्ला और हबीबी बताया।

पुरोहितों से बहस
पुराहितों के अधिक पूछताछ पर उन्होंने खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताते हुए यूट्यूब के लिए वीडियो बनाने की बात कही। पुरोहितों के वहां से जाने को कहे जाने पर युवकों ने यह कहकर विरोध जताया कि वे हिंदुस्तान में कहीं भी घूम सकते हैं। इसके बाद युवक पुरोहितों के साथ बहस करने लगे।

तीर्थ पुरोहितों ने मामले की सूचना गंगा सभा को दी। गंगा सभा ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। हालांकि, गंगा सभा के पदाधिकारियों और पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही युवक वहां से निकल गये

पुलिस ने पकड़ा तो बोले- हम तो हिन्दू हैं…

गैर-हिंदुओं के लिए प्रतिबंधित हरकी पैड़ी के मालवीय घाट क्षेत्र में शेख की वेशभूषा में रील बनाते दो यूट्यूबर को पुलिस ने मंगलवार शाम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपितों को हरिद्वार के रावली महदूद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे दोनों हिंदू हैं। इनमें एक आरोपित हरिद्वार और दूसरा उत्तर प्रदेश के बिजनौर का है। दोनों यहां एक फैक्ट्री में काम करते हैं। इससे पहले मंगलवार दोपहर दोनों की हरकी पैड़ी पर घूमते हुई रील प्रसारित होने पर पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई थी।

श्री गंगा सभा और तीर्थ पुरोहितों ने इस वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई थी। मामला संवेदनशील होने और प्रसारित हुए वीडियो से पुलिस के हाथ-पांव भी फूल गए।

तीर्थ पुरोहित और साधु-संत लगातार यह मांग उठा रहे हैं कि हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र को हरकी पैड़ी क्षेत्र की भांति गैर-हिंदुओं के लिए निषेध क्षेत्र घोषित किया जाए। साथ ही, हरकी पैड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और सख्त किए जाने की मांग की जा रही है।

मंगलवार दोपहर को हरकी पैड़ी के मालवीय घाट से एक वीडियो सामने आया।

हरकी पैड़ी में प्रवेश पर किसी के द्वारा रोके जाने के प्रश्न पर युवक अविमुल्ला ने कहा कि हिंदुस्तान एक खुला देश है, हम जहां चाहें जा सकते हैं। सऊदी अरब के लोगों की वेशभूषा में युवकों के हरकी पैड़ी क्षेत्र में घूमने की सूचना मिलते ही तीर्थ पुरोहित व पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तक दोनों वहां भाग निकले।

जांच में पता चला कि सिडकुल क्षेत्र के रावली महदूद से पकड़े गए आरोपितों में नवीन कुमार(22 वर्ष) निवासी रावली महदूद सिडकुल और प्रिंस (22 वर्ष)निवासी जपता नगर, बिजनौर हाल निवासी रावली महदूद सिडकुल हरिद्वार हैं।

दोनों युवक रावली महदूद के पास रहते हैं और एक फैक्ट्री में काम करते हैं। दोनों का यूट्यूब चैनल भी है। इन दोनों युवकों ने इसी वेशभूषा में कुछ दिन पहले सिडकुल के पेंटागन माल में भी वीडियो बनाया था। शहर कोतवाल रितेश साह ने बताया कि दोनों आरोपितों को पकड़ लिया गया है। दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

हरकी पैड़ी की सुरक्षा पर सवाल
धर्मनगरी हरिद्वार में सबसे संवेदनशील क्षेत्र हरकी पैड़ी का आता है। इस क्षेत्र में पुलिस कड़ी सुरक्षा का दावा करती है। लेकिन, मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो ने पुलिस की नींद उड़ा दी। भले ही ऐसे शरारतियों को पुलिस ने मंगलवार देर शाम पकड लिया। लेकिन, हर की पैड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं।

उधर, पुलिस ने सामान्य जन से भी अपील की है कि किसी भी घटना की सत्यता के जाने बिना किसी प्रकार सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार ना किया जाए. आधी-अधूरी वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने वालों को भी  पुलिस चिन्हित कर रही है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी.

कुंभ क्षेत्र में गैर हिंदू के प्रवेश पर रोक की उठ रही मांग, सलमान खान, से लेकर इन्हें करना पड़ा बायलॉज का पालन

हरिद्वार में कुंभ मेले से पहले अलग ही बहस छिड़ गई है. यह बहस गैर हिंदू के प्रवेश पर रोक की मांग से जुड़ा है.
कुंभ क्षेत्र में गैर हिंदू के प्रवेश पर रोक पर बहस

उत्तराखंड में साल 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले को राज्य सरकार पूर्ण कुंभ की तर्ज पर आयोजित करने की तैयारी में जुटी है. सरकार का दावा है कि यह आयोजन भव्य, दिव्य और आध्यात्मिक दृष्टि से ऐतिहासिक होगा. इसी उद्देश्य से बुनियादी ढांचे, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, घाटों के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अभी से योजनाएं बनाई जा रही हैं.

हालांकि, सरकार के इस फैसले को लेकर साधु-संत समाज और तीर्थ पुरोहितों के बीच एक राय नहीं बन पाई है. कुछ साधु-संत इस निर्णय को लेकर असंतोष जता रहे हैं, तो वहीं कई संत और धार्मिक संगठन सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं. कुंभ भले ही अभी दूर हो, लेकिन उससे पहले ही हरिद्वार में धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो चुकी हैं. खासकर एक बयान की चर्चाओं ने नई बहस छिड़ गई है.

गंगा सभा के बयान से शुरू हुई बहस: इस पूरे बहस की शुरुआत गंगा सभा के अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता नितिन गौतम के एक बयान से हुई. उन्होंने सरकार से अपील की कि उत्तराखंड के 100 से ज्यादा गंगा घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए.

नितिन गौतम के इस बयान के बाद सवाल उठने लगे कि क्या यह मांग केवल धार्मिक भावना से जुड़ी है या इसके पीछे कोई कानूनी और ऐतिहासिक आधार भी मौजूद है? इसी के साथ चर्चा में आया हरिद्वार नगर निगम का बायलॉज जो ब्रिटिश काल से चला आ रहा है.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

हरिद्वार में गंगा स्नान करने वालों की भीड़ 

क्या है हरिद्वार नगर निगम का बायलॉज? वास्तव में, हरिद्वार नगर निगम का बायलॉज साल 1916 की माना जाता है, जिसे ब्रिटिश शासन के दौरान लागू किया गया था. यह बायलॉज हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी.

इस बायलॉज के अनुसार, हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में विशेष रूप से हर की पैड़ी और आसपास के धार्मिक क्षेत्र में गैर हिंदू जमीन नहीं खरीद सकते. सूर्यास्त बाद गैर हिंदू दुकानदारों या व्यापारियों को क्षेत्र  छोड़ना होता है.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

बायलॉज के नियम (फोटो- Haridwar Nagar Nigam)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त बाद हर की पैड़ी क्षेत्र में किसी भी गैर हिंदू के ठहरने की अनुमति नहीं है. यहां तक कि गैर हिंदू अधिकारियों की ड्यूटी भी इस क्षेत्र में सूर्यास्त बाद नहीं लगी रह सकती. यदि किसी कारणवश ड्यूटी लगती है तो सूर्यास्त बाद उन्हें वो क्षेत्र छोड़ना होता है.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

हरिद्वार यूनियन का नियम उपनियम (फोटो- Haridwar Nagar Nigam)

पहले भी हुआ है पालन: हालांकि, समय के साथ-साथ इन नियमों का कठोरता से पालन कम होता गया. हरिद्वार के स्थानीय लोगों ने भी इन नियमों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन धार्मिक संगठनों और आस्थावानों का मानना है कि कुंभ जैसे महापर्व में इन परंपराओं को फिर से कठोरता से लागू किया जाना चाहिए. पहले भी हुआ है, इसके पालन का असर पहले भी होता दिखा है.

हरिद्वार गंगा सभा पदाधिकारी उज्ज्वल पंडित बताते हैं कि बायलॉज का पालन पहले से ही बड़े स्तर पर होता रहा है. उनके अनुसार उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी, मार्गरेट अल्वा, सपा नेता आजम खान, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेत्री कैटरीना कैफ समेत कई बड़े प्रतिष्ठित गैर हिंदूओं ने हरिद्वार बायलॉज का सम्मान किया है.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

हरिद्वार गंगा सभा के पदाधिकारी उज्ज्वल पंडित (फोटो सोर्स- FB@UjjawalPandit)

तत्कालीन राज्यपाल अजीज कुरैशी आरती में शामिल होने हरिद्वार आए तो उन्हें बायलॉज की जानकारी दी गई. तब उन्होंने हरकी पैड़ी के स्थान मालवीय द्वीप से आरती देखी थी.“- उज्ज्वल पंडित, पदाधिकारी, गंगा सभा हरिद्वार

इसी तरह मार्गरेट अल्वा भी कई बार नियमों के चलते हर की पैड़ी तक नहीं पहुंच सकीं. सलमान खान को भी हर की पैड़ी पर गोविंदा के साथ “पार्टनर” फिल्म शूटिंग की अनुमति नहीं मिली. इस तरह सामान्य से लेकर विशेष तक को बायलॉज का पालन करना पड़ा है.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

हरिद्वार में यात्री टैक्स व्यवस्था (फोटो- Haridwar Nagar Nigam)

क्या कहते हैं प्रथम मेयर: हरिद्वार नगर निगम के पहले मेयर मनोज गर्ग का कहना है कि बायलॉज में सभी नियम बेहद स्पष्ट और विस्तृत रूप से दर्ज हैं. कई मौकों पर बाहर से आई फोर्स और अधिकारियों को भी इन नियमों का पालन करना पड़ा है.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

हरिद्वार नगर निगम के पूर्व मेयर मनोज गर्ग (फोटो सोर्स- FB@ManojGarg)

आज भी रजिस्ट्री ऑफिस में सरकारी दस्तावेजों में यह साफ लिखा जाता है कि जमीन खरीदने वाला कौन है और उसकी पात्रता क्या है? अगर यह मुद्दा उठा है तो सरकार को इस पर तर्कसंगत तरीके से विचार करना चाहिए.“- मनोज गर्ग, प्रथम मेयर, हरिद्वार

यहां से शुरू हुई नई बहस: हाल ही में देवपुरा स्थित प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम और अन्य तीर्थ पुरोहितों ने कुंभ क्षेत्र को हिंदू क्षेत्र घोषित करने की मांग उठाई. जिसके बाद इस मुद्दे ने बहस का रूप ले लिया.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

हिंदूवादी नेता नितिन गौतम की प्रेस कॉन्फ्रेंस 

अंग्रेजों के समय में भी हरिद्वार में गैर हिंदुओं के ठहरने और व्यवसाय को लेकर नियम थे. भव्य और दिव्य कुंभ के साथ सुरक्षित कुंभ के लिए यह जरूरी है कि सभी गंगा घाटों और धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए.“- नितिन गौतम, अध्यक्ष, गंगा सभा हरिद्वार

सरकार का संतुलित रुख: इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है. मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार ‘हरिद्वार की पवित्रता और देवत्व को बनाए रखने के लिए सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है. सरकार किसी भी पुराने कानून या बायलॉज का उल्लंघन नहीं करवानी चाहती. धार्मिक मान्यताओं और संवैधानिक दायरे दोनों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी (फोटो सोर्स- FB@Satpalbrahamachari)

विरोधी मत भी आए सामने: इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता साधु संत पृष्ठभूमि से आने वाले और हरिद्वार नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष वर्तमान में सोनीपत से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि एक जगह की बात को ठीक है, लेकिन क्या 100 से ज्यादा घाटों पर लागू करना जरूरी है.

मैं सर्व समाज का नेता रहा हूं. गंगा घाटों के निर्माण में हर समाज का योगदान रहा होगा. बायलॉज के अनुसार काम हो तो ठीक है, लेकिन जब आप 100 से ज्यादा घाटों की बात करते हैं तो यह रुड़की और मंगलौर तक पहुंच जाता है. सवाल ये है कि इसे कहां कहां लागू किया जाएगा और इसकी जरूरत क्यों महसूस हो रही है?”- सतपाल ब्रह्मचारी, सांसद, सोनीपत

आस्था परंपरा और संवैधानिक संतुलन: हरिद्वार के जानकर और वरिष्ठ पत्रकार आदेश त्यागी कहते हैं कि हरिद्वार में कुंभ हो रहा है. सरकार इस अर्ध कुंभ को पूर्ण कुंभ की तरह मना रही है. शायद ऐसे इस कुंभ की इतनी चर्चा नहीं होगी, लेकिन इस तरह के माहौल से ये कुंभ जरूर चर्चाओं में आ जाएगा.

Non Hindus Entry Restrict Haridwar

हरिद्वार में सायंकालीन दृश्य 

वैसे एक ओर जहां तीर्थ पुरोहित और धार्मिक संगठन आस्था परंपरा और सुरक्षा को बायलॉज के कठोर पालन की मांग कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर कुछ राजनीतिक और सामाजिक वर्ग इसे व्यावहारिकता और समावेशिता के नाम पर विरोध कर रहे हैं.

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार कुंभ की भव्यता धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के बीच कैसे संतुलन साधती है या फिर कुंभ परिष्कार को कुछ ऐसा किया जा सकता है. यह देखने होगा.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *