पाकिस्तानी यासिर निकला इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट का सुसाइड बॉम्बर
पाकिस्तानी ही निकला इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट का आरोपित, ख्वाजा आसिफ को जोर का तमाचा!
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुआ मस्जिद ब्लास्ट एक बार फिर दुनिया के सामने पड़ोसी देश के ‘दोहरे चेहरा नंगा कर गया है. जब अपनी ही धरती पर पले-बढ़े आतंकवाद का शिकार निर्दोष लोग हुए, तो वहां के शासकों ने अपनी विफलता छुपाने को हमेशा की तरह भारत और अफगानिस्तान की तरफ उंगली उठा दी लेकिन जांच की आंच जब पेशावर तक पहुची, तो रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के दावों की हवा निकल गई.

इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट के आरोपित की हो गई पहचान
देहरादून / इस्लामाबाद 07 फरवरी 2026। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के समय सुसाइड बॉम्बिंग में 31 लोग मारे गए थे और करीब 170 बुरी तरह घायल हो गए थे. धमाके के तुरंत बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने ख्वाजा आसिफ ने अपना फेलियर स्वीकार करने के बजाए आरोप ट्रांस्फर करने की चाल चली. ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान और भारत का नाम तक ले लिया था. वहीं, अब उनके मुंह पर तमाचा तब पड़ा है, जब जांच इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट का आरोपित असल में पाकिस्तानी ही निकला है. हालांकि, मुनीर के सिखाए पर चलने वाला पाकिस्तान अब भी वही पुराना राग अलाप रहा है.
कौन है मस्जिद में आत्मघाती हमले का आरोपित?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में नमाज के समय धमाके में कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हुए. स्थानीय मीडिया के अनुसार, इमामबाड़ा खदीजा अल-कुबरा में हुए खतरनाक आत्मघाती बम धमाके के पीछे की घटनाओं का पता लगाने को जांच हो रही है. अधिकारियों ने संदिग्ध हमलावर की पहचान पेशावर के रहने वाले के तौर पर की है.
अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध ने कथित तौर पर अफगानिस्तान में आतंकवाद का प्रशिक्षण लिया था. पाकिस्तानी मीडिया द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि हमलावर की पहचान यासिर खान यासिर के तौर पर हुई है. वह पाकिस्तान लौटने से पहले करीब पांच महीने तक अफगानिस्तान में रहा था.
जांच के दौरान क्या-क्या पता चला?

जांच अधिकारी संदिग्ध और इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रहे हैं. हालांकि, अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और कोई आखिरी नतीजा नहीं निकला है. पाकिस्तानी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यासिर खान
, जो कथित तौर पर सलाफी विचारधारा से प्रभावित था, माना जाता है कि उसने बॉर्डर पार रहने के दौरान मिलिटेंट ट्रेनिंग ली थी. सूत्रों ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया, ‘उसने अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी कुनार प्रांत में मंसूर इस्तशहादी ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ली थी और कई बार देश की यात्रा की थी।
अधिकारियों ने कहा कि वे उस बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं जिसने हमले में मदद की हो. इसमें संभावित हैंडलर, लॉजिस्टिक सपोर्टर और किसी भी घरेलू या बॉर्डर पार लिंक की पहचान करना शामिल है जिसने ऑपरेशन को अंजाम दिया.
पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने भी पुष्टि की है कि सुसाइड बॉम्बर की पहचान हो गई है. यह जानकारी उसके शरीर के बचे हुए हिस्सों के फोरेंसिक विश्लेषण से मिली है. उन्होंने कहा, ‘वह अफगान नागरिक नहीं है, लेकिन उसके शरीर के बाकी हिस्सों की फोरेंसिक जांच से यह जानकारी मिली है कि वह कितनी बार अफगानिस्तान गया था’.
मस्जिद में खुद को उड़ा दिया
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में खदीजा तुल कुबरा मस्जिद में हुए धमाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 170 अन्य घायल हो गए. चश्मदीदों ने बताया कि धमाके से कुछ देर पहले गोलियों की आवाज सुनी गई थी, जिसके बाद सुसाइड बॉम्बर ने मस्जिद में जमा हुए नमाजियों की भीड़ के बीच खुद को उड़ा दिया.

