अंतिम 26 मिनट के विवरण दुखद: हवाई दुर्घटना में महाराष्ट्र डिप्टी CM समेत पांच की मौत
बारामती विमान दुर्घटना : अंतिम क्षणों में क्या हुआ, केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने दी जानकारी.अंतिम 26 मिनटों में क्या कुछ हुआ, यह सचमुच सबको परेशान कर देगा.
![]()
राम मोहन नायडू (केंद्रीय नागर विमानन मंत्री)
बारामती (महाराष्ट्र) 28 जनवरी 2026 : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जाते विमान को बुधवार सुबह खराब दृश्यता बाद हवा में चक्कर लगाने पर एटीसी से उतरने की अनुमति थी. लेकिन अंतिम अनुमति बाद विमान ने एटीसी को कोई ‘रीड-बैक’ या प्रतिक्रिया नहीं दी और कुछ ही क्षण बाद रनवे किनारे पर वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्घटना की “उचित” की जरूरत बताई तो अजीत पवार के चाचा शरद पवार ने इसका राजनीतिकरण न करने की अपील की ।
नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि विमान खराब दृश्यता बीच उतरने की कोशिश में था. नागर विमानन मंत्रालय के बयान में ‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के दुर्भाग्यपूर्ण ‘लेयरजेट 45’ विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के अंतिम मिनटों का विवरण है.
दुर्घटना में पवार समेत विमान सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई.विमान में चार अन्य लोग दो क्रू मेंबर और अजित पवार के दो सहयोगी भी थे.अजित पवार के साथ जिन अन्य की मौत हुई उनके नाम हैं- सुमित कपूर, शांभवी पाठक, विदित जाधव और पिंकी माली .
उड़ान मार्ग
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना सुबह 8.48 बजे विमान की क्रैश लैंडिंग के दौरान हुई.अजित पवार के सुरक्षा गार्ड भी उनके साथ विमान में थे.यह चार्टर विमान था, जो VTSSK, LJ45 था, और यह मुंबई से बारामती जा रहा था.
के. राम मोहन नायडू ने कहा, “नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीमें विमान दुर्घटना की जांच करने को मौके पर पहुंच चुकी हैं. प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि विमान के लैंडिंग की कोशिश करते समय हवाई अड्डे पर दृश्यता काफी कम थी.”
उन्होंने बताया कि जब बारामती के हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) ने पायलट से पूछा कि क्या रनवे दिख रहा है, तो जवाब ‘नहीं’ था, जिसके बाद विमान ने हवा में ही एक चक्कर लगाया.
नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के समय, एटीसी ने फिर से पूछा कि क्या रनवे दिख रहा है, जिस पर पायलट ने सकारात्मक जवाब दिया.नायडू ने कहा कि एटीसी से लैंडिंग की अनुमति दिए जाने के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उन्होंने कहा, “इस दुर्घटना के संबंध में हम और अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं और जांच पारदर्शी तरीके से संचालित करेंगें.”

इस दुर्घटना पर नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा, “पहली नजर में ऐसा लगता है कि लैंडिंग के समय कोई विजिबिलिटी नहीं थी. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की टीम जांच करेगी. लेकिन,सबसे बुरा यह है कि दादा (डिप्टी चीफ मिनिस्टर) अब हमारे बीच नहीं रहे. यह यकीन करना मुश्किल है कि पुणे और महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स दादा के बिना होगी. यह बहुत दर्दनाक घटना है एक पार्टी वर्कर के रूप में , मुझे कई सालों उनका साथ मिला. वे आम आदमी से जुड़े और उनकी लोकप्रिय नेता की मान्यता थी. ऐसे नेता का जाना महाराष्ट्र के लिए बहुत बड़ा नुकसान है. हर कार्यकर्ता और हर इंसान दुखी है.”

बारामती में एक ‘अनियंत्रित हवाई क्षेत्र’ है. ‘अनियंत्रित हवाई क्षेत्र’ का सामान्य अर्थ ऐसी जगह है, जहां कम दृश्यता में संचालन के दौरान विमान को निर्देश देने को एक उचित ‘इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम’ का अभाव हो. इस स्थिति में बारामती में यातायात संबंधी जानकारी बारामती के उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षक/पायलट देते हैं.
बारामती विमान यातायात नियंत्रण कक्ष (एटीसी) के अनुसार, विमान से पहली बार सुबह 8.18 बजे संपर्क हुआ. इसके बाद, जब विमान बारामती से 30 नॉटिकल मील दूर था तब उसने संपर्क किया. पायलट को अपने विवेक से ‘दृश्य मौसम संबंधी स्थितियों’ में नीचे उतरने की सलाह दी गई. चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछा. तब उसे बताया गया कि हवाएं शांत हैं और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है.

नागर विमानन मंत्रालय के बयान में कहा गया, “विमान ने अंतिम रुप से रनवे 11 के करीब आने की सूचना दी, लेकिन कहा कि रनवे उसे दिख नहीं रहा है. उसने पहले प्रयास में हवा में चक्कर लगाना शुरू किया.” चक्कर लगाने के बाद, चालक दल से फिर पूछा गया कि क्या उन्हें रनवे दिख रहा है.
जवाब था: “फिलहाल रनवे नजर नहीं आ रहा है. जब रनवे नजर आयेगा, हम संपर्क करेंगे.” कुछ सेकंड बाद, चालक दल ने बताया कि उसे रनवे दिखाई दे रहा है. बयान में कहा गया है, “विमान को सुबह आठ बजकर 43 मिनट पर रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई. हालांकि, उसने (चालक दल ने) लैंडिंग की अनुमति के बारे में कोई उत्तर नहीं दिया (एटीसी को जवाब नहीं दिया). इसके बाद, सुबह आठ बजकर 44 मिनट पर एटीसी ने रनवे 11 के किनारे के आसपास आग की लपटें देखीं.”

आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.विमानन के क्षेत्र में, “चक्कर लगाना (गो-अराउंड)” एक मानक प्रक्रिया है जिसमें पायलट पहली बार में विमान उतारने का प्रयास रोक देता है और विमान उतारने की अगली कोशिश में उसे ऊपर ले जाता है. इसका उपयोग तब किया जाता है जब खराब मौसम, रनवे पर अस्थिर ‘लैंडिंग’ स्थिति या यातायात जैसे कारणों से सुरक्षित ‘लैंडिंग’ संभव न हो.
‘रीडबैक’ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रक्रिया है जिसमें पायलट विमान यातायात नियंत्रण कक्ष से प्राप्त संदेश या निर्देश के आवश्यक हिस्से दोहराता है. यह एक ‘क्लोज्ड-लूप’ संवाद प्रणाली के रूप में कार्य करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि नियंत्रक के निर्देश उड़ान (चालक) दल ने सही ढंग से सुने और समझे हैं.
घटनाक्रम कुछ ऐसा रहा
28 जनवरी 2026 को, विमान VI-SSK ने भारतीय समयानुसार सुबह 8:18 बजे बारामती से पहली बार संपर्क किया. विमान को बारामती की ओर 30 समुद्री मील की दूरी पर अगली सूचना मिली और पुणे अप्रोच से उन्हें उतरने की अनुमति मिली. उन्हें पायलट के विवेकानुसार दृश्य मौसम संबंधी परिस्थितियों में उतरने की सलाह मिली.
चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछताछ की । उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत थीं और दृश्यता लगभग 3000 मीटर थी.
इसके बाद विमान ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी, लेकिन रनवे उन्हें दिखाई नहीं दिया. उन्होंने पहले प्रयास में गो-अराउंड शुरू किया. गो-अराउंड के बाद, विमान से उसकी स्थिति के बारे में पूछा गया और चालक दल ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी. उनसे रनवे दिखाई देने पर सूचना देने को कहा गया. उन्होंने उत्तर दिया, “रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, रनवे दिखाई देने पर सूचित करेंगे.”
कुछ सेकंड बाद उन्होंने सूचना दी कि रनवे दिख रहा है. विमान को भारतीय समयानुसार सुबह 8:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति मिल गई थी, हालांकि, लैंडिंग की अनुमति की पुष्टि नहीं की गई.
इसके बाद, भारतीय समयानुसार सुबह 8:44 बजे एटीसी ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं. आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पहुंचीं. विमान का मलबा रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के ठीक बाईं ओर है.
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने इस दुर्घटना की जांच अपने हाथ ले ली है. बयान में कहा गया है कि एएआईबी महानिदेशक जांच को दुर्घटनास्थल पर जा रहे हैं. विमान परिवहन कंपनी एक गैर-नियतकालिक ऑपरेटर (एनएसओपी) थी, जिसके पास अनुमति संख्या 07/2014 थी. प्रारंभिक एओपी (हवाई अड्डा संचालन योजना) 21 अप्रैल 2014 को जारी हुई थी। एओपी का अंतिम नवीनीकरण तीन अप्रैल 2023 को हुआ था जो 20 अप्रैल 2028 तक वैध है.
‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के बेड़े में सात ‘लेयरजेट 45’ विमान (दुर्घटना में शामिल विमान सहित), पांच एम्ब्रेयर 135बीजे विमान, चार किंग एयर बी200 विमान और एक पिलाटस पीसी-12 विमान हैं. बयान में कहा गया है कि पवार को ले जा रहे विमान का आखिरी नियामक ऑडिट डीजीसीए ने फरवरी 2025 में किया था और ‘कोई प्रथम स्तरीय निष्कर्ष जारी नहीं हुआ था.
इस विमान का निर्माण 2010 में हुआ था. विमान का उड़ान योग्य प्रमाण पत्र (सी ऑफ ए) 16 दिसंबर 2021 को और पंजीकरण प्रमाण पत्र (सी ऑफ आर) 27 दिसंबर 2022 को जारी हुआ. विमान का उड़ान योग्य समीक्षा प्रमाण पत्र (एआरसी) 10 सितंबर 2025 को जारी हुआ था और यह 14 सितंबर 2026 तक वैध था.
प्लेन क्रैश से पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम पोस्ट 
Ajit Pawar Last Post: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन बारामती में क्रैश हो गया. हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ. वहीं दुर्घटना से मात्र कुछ मिनट पहले ही अजित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था.
अजित पवार मुंबई में कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद एक निजी कंपनी के चार्टर्ड विमान से चुनाव प्रचार को बारामती के लिए रवाना हुए थे. दुर्घटना उस समय हुई, जब अजित पवार पुणे जिले में 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बारामती पहुंच रहे थे। अजित पवार ने दुर्घटना से कुछ मिनट पहले ही एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया था. जहां उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर याद किया था.
राष्ट्राच्या स्वातंत्र्यासाठी आपले सर्वस्व अर्पण करणारे, महान स्वातंत्र्य सेनानी, स्वराज्याचे उद्घोषक, ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय जी यांना जयंतीनिमित्त विनम्र अभिवादन! त्यांची राष्ट्रनिष्ठा आपल्याला कायमच प्रेरणा देत राहील. pic.twitter.com/FVgQjK4pQA
— Ajit Pawar (@AjitPawarSpeaks) January 28, 2026
ajit pawar Post
अजित पवार का अंतिम पोस्ट (Photo: Screengrab)
अजित ने यह पोस्ट बुधवार (28 जनवरी) को 8 बजकर 57 मिनट पर एक्स पर किया था. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था – महान स्वतंत्रता सेनानी, स्वराज्य के प्रचारक, ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया! उनकी देशभक्ति हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी.
दुर्घटना रनवे पर लैंडिंंग में हुई. दुर्घटना में विमान धूं-धूं कर जल गया.

