उर्मिला ने दिये पुलिस बयान,48 वायरल ऑडियो क्लिप

Ankita Bhandari Case: उर्मिला सनावर ने दर्ज कराए बयान, ऑडियो क्लिप सौंपी

उर्मिला सनावर ने देहरादून में पुलिस के सामने बयान लिखाये, जिसमें नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों के मामले शामिल हैं। उन्होंने पूर्व विधायक सुरेश राठौर से बातचीत की ऑडियो क्लिप भी पुलिस को सौंपी, जिसे फॉरेंसिक जांच को भेजा जाएगा। उर्मिला ने अपनी सुरक्षा को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को आवेदन भी दिया है, जिस पर एलआईयू रिपोर्ट मांगी गई है।पुलिस ने ऑडियो क्लिप फारेंसिक जांच के लिए भेजने की बात कही।

  • उर्मिला सनावर ने देहरादून पुलिस के सामने बयान दर्ज कराए
  • पूर्व विधायक सुरेश राठौर की ऑडियो क्लिप पुलिस को सौंपी
  • ऑडियो क्लिप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा

देहरादून 07 जनवरी 2026। विवादों में घिरी उर्मिला सनावर बुधवार को खुद ही पुलिस विवेचना में थानों में पेश हुईं। थाना नेहरू कालोनी और थाना डालनवाला में दर्ज मामलों में नोटिस पर उपस्थित होकर उर्मिला ने बयान दर्ज लिखाए।

दोनों मुकदमों के विवेचकों ने उर्मिला सनावर के बयान अंकित किए, जिनकी ऑडियो -वीडियो रिकार्डिंग भी हुनई। इसके साथ ही उर्मिला की ओर से पुलिस को पूर्व विधायक सुरेश राठौर के साथ अपनी बातचीत की ऑडियो क्लिप भी सौंपी जिसे फारेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।

उर्मिला सनावर ने बताया कि बुधवार को उनसे 5 घंटे पूछताछ हुई। वह दोपहर 12 बजे से तैयार थीं, लेकिन पुलिस टीम 1 बजे पहुंची और शाम 6 बजे पूछताछ पूरी हुई। उनके बयानों की रिकॉर्डिंग की गई और जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई।

उर्मिला के अनुसार, पुलिस ने उनसे अंकिता भंडारी केस से जुड़े सभी पक्षों पर सवाल पूछे और वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं।

वायरल ऑडियो पर बोलीं उर्मिला- रिकॉर्डिंग SIT को सौंपी

वायरल नई रिकॉर्डिंग को लेकर उर्मिला सनावर ने बताया कि यह ऑडियो 15 जून के बाद का है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्डिंग सुरेश राठौर से बातचीत की है, जो उन्होंने पहले ही दुष्यंत गौतम को भेज दी थी और अब उसे वायरल किया गया है। जो ऑडियो सामने आया है वह आधा-अधूरा है। उन्होंने पुलिस को पूरी रिकॉर्डिंग सौप दी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि उर्मिला सनावर ने विवेचना के दौरान सुरेश राठौर के साथ हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप विवेचकों को सौंपी है। ऑडियो क्लिप अब वैज्ञानिक परीक्षण को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जाएगा, ताकि उसकी प्रमाणिकता जांची जा सके। विवेचकों ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित उन खबरों को लेकर भी उर्मिला सनावर से सवाल किए, जिनमें वह पुलिस को अन्य साक्ष्य सौंपने के दावे कर रही थी। हालांकि, इस संबंध में उर्मिला सनावर ने पुलिस को कोई अतिरिक्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया।

इधर, उर्मिला सनावर ने अपनी सुरक्षा को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपा है। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने एलआइयू से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पुलिस के अनुसार इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद उर्मिला सनावर से जुड़े मुकदमों में जांच और तेज हो गई है और अब एफएसएल रिपोर्ट व एलआइयू की जांच के बाद पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी।

Ankit Bhandari Case: उर्मिला सनावर का नया ऑडियो; भाजपा के बड़े नेता का नाम लेने को दबाव 

उर्मिला सनावर का एक नया ऑडियो प्रसारित हुआ है, जिसमें पूर्व विधायक सुरेश राठौर कथित तौर पर उन पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम का नाम लेने का दबाव बना रहे हैं। राठौर का दावा है कि गौतम का नाम लेने से उनका निष्कासन रुक जाता। ऑडियो में निजी रिश्तों और राजनीतिक साजिशों के आरोप-प्रत्यारोप हैं, जिससे उत्तराखंड की राजनीति में फिर हलचल मच गई है।

पूर्व विधायक सुरेश राठौर से बातचीत में दुष्यंत गौतम का नाम लेने का दबाव। आर्काइव

  • उर्मिला सनावर का नया ऑडियो इंटरनेट पर प्रसारित
  • सुरेश राठौर पर दुष्यंत गौतम का नाम लेने का दबाव
  • ऑडियो से उत्तराखंड की राजनीति में नई हलचल

उर्मिला सनावर के दून पहुंचने के बाद उसका एक नया ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया है। जिससे उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रसारित ऑडियो में सुरेश राठौर कथित तौर पर उर्मिला पर किसी मामले में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लेने का दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, इस ऑडियो की पुष्टि अभी होनी है।

प्रसारित बातचीत में सुरेश राठौर यह दावा करते हैं कि यदि उर्मिला दुष्यंत गौतम का नाम ले लेतीं, तो उनका पार्टी से निष्कासन नहीं होता। ऑडियो में दोनों के बीच बेहद तीखी और भावनात्मक बातचीत सुनाई देती है, जिसमें निजी रिश्तों से लेकर राजनीतिक साजिशों तक के आरोप-प्रत्यारोप सामने आते हैं। ऑडियो में राठौर खुद को लंबे समय तक न्यायिक और संवैधानिक पदों पर रहने वाला बताते हुए कहते हैं कि उन्होंने जज की कुर्सी पर बैठकर कई फैसले किए हैं और आज भी उनके फैसले गूगल पर उपलब्ध हैं।

वहीं उर्मिला पलटवार करते हुए कहती हैं कि वह दूसरों की जिंदगी के फैसले तो कराते हैं, लेकिन अपनी जिंदगी का फैसला सही नहीं कर पाए। बातचीत के दौरान राठौर यह आरोप लगाते हैं कि उर्मिला ने उनके साथ धोखेबाजी की और दुष्यंत गौतम सहित कुछ अन्य लोगों के कहने पर उनका नाम लेने से इनकार किया। इसके जवाब में उर्मिला कहती हैं कि राठौर शुरू से ही उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं थे और वह दुष्यंत गौतम को बर्बाद करना चाहते थे।

उर्मिला सनावर से बुधवार को SIT ने लंबी पूछताछ की। देहरादून में अज्ञात स्थान पर 5 घंटे हुई पूछताछ में उर्मिला के बयान रिकॉर्ड किए गए और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई। उर्मिला के अनुसार पुलिस ने उनके फोन से 48 कॉल रिकॉर्डिंग ली हैं जिन्हें अब फोरेंसिक जांच को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आज उन्होंने पुलिस को दो और नई रिकॉर्डिंग सौंपी हैं, जिससे अंकिता भंडारी केस की जांच में मदद मिलेगी।

कौन-कौन से सवाल पूछे गए, तारीखें भी नोट की गईं

उर्मिला ने बताया कि SIT ने उनसे अंकिता भंडारी केस से जुड़े ही सभी सवाल पूछे। रिकॉर्डिंग कब की हैं, किन तारीखों पर बातचीत हुई और सुरेश राठौर ने ये बातें कब बताईं- इन सभी बिंदुओं को पुलिस ने नोट किया है।

उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान कुछ बातें उन्हें अब जाकर पता चली हैं। उर्मिला के मुताबिक, वह जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही हैं और पुलिस टीम भी उनके साथ सहयोगात्मक रवैया अपना रही है।

देहरादून में पूछताछ पूरी, आज हरिद्वार में होगी आगे की कार्रवाई

उर्मिला सनावर ने बताया कि बुधवार को देहरादून में उनकी पूछताछ पूरी हो गई है। अब गुरुवार को वह देहरादून से हरिद्वार जाएंगी, जहां SIT की टीम उनसे आगे की पूछताछ करेगी।

सूत्रों के अनुसार, फिलहाल देहरादून में  तीन मुकदमों के संबंध में सवाल-जवाब किए गए हैं। इससे पहले भी देर रात उर्मिला से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर पर पूछताछ हो चुकी थी। एसआईटी की पूछताछ के बाद खुद उर्मिला ने बताया कि उनसे क्या सवाल पूछे गए और कितने पुलिस वालों ने उनसे कितने घंटों तक पूछताछ की।

ऑडियो में यह भी दावा किया गया है कि दुष्यंत गौतम का नाम न लेने की वजह से ही राठौर का पार्टी से निष्कासन हुआ और यह बात उर्मिला को पहले से मालूम थी। उर्मिला इस पर जवाब देती हैं कि बिना चार्जशीट के किसी पर डकैती और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाना उन्हें सीधे जेल भिजवा सकता था। पूरी बातचीत में बार-बार दुष्यंत गौतम का जिक्र, दबाव, निष्कासन और कथित सियासी साजिशों की बातें सामने आती हैं, जिससे यह मामला निजी विवाद से निकलकर राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिख रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *