उत्तराखंड:अपराधों की बाढ में चार पुलिस चौकी प्रभारी निलंबित

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की समीक्षा बैठक, कई पुलिसकर्मियों पर निलंबन कार्रवाई, देहरादून युवती हत्याकांड में विशेष अनुसंधान दल गठित
उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ली अपराध और कानून व्यवस्था पर हाई लेवल समीक्षा बैठक, कई पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड
UTTARAKHAND DGP DEEPAM SETH
बैठक लेते पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ (फोटो सोर्स- Police Department)

देहरादून 03 फरवरी 2026 : ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर लापरवाह एम्स चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक साहिल वशिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही देहरादून में एक युवती के जघन्य हत्या में प्रथम दृष्टया लापरवाह खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रद्युम्न नेगी को भी निलंबित किया गया है.

ऋषिकेश और देहरादून प्रकरण जांच पुलिस अधीक्षक (अपराध) विशाखा अशोक भदाणे को

महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संवेदनशीलता के दृष्टिगत दोनों प्रकरणों की जांच पुलिस अधीक्षक (अपराध) विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी गई है. पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने घटना में अन्य कर्मियों की ओर से शिथिलता बरतने की 7 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ली लॉ एंड ऑर्डर को लेकर उच्च स्तरीय बैठक

बता दें कि 3 फरवरी उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अपराध और कानून व्यवस्था पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली जिसमें गंभीर आपराधिक घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है.

Uttarakhand DGP Deepam Seth
उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ (फोटो सोर्स- Police Department)
भगवानपुर फायरिंग केस में भी उपनिरीक्षक निलंबित

हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में बिनारसी गांव में रविदास जयंती पर दो पक्षों में  संघर्ष और फायरिंग की घटना में गंभीर लापरवाही पर क्षेत्रीय प्रभारी चुड़ियाला उपनिरीक्षक सूरत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पूरे प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक (अपराध)  हरिद्वार जितेंद्र मेहरा को सौंपी गई है. अन्य पुलिस कर्मियों की लापरवाही पर विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है.

काशीपुर किसान आत्महत्या प्रकरण में पुलिस कर्मियों के विरुद्ध जांच के निर्देश

उधम सिंह नगर के काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में भूमि संबंधी मामले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आरोपों के दृष्टिगत भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामलों में निष्पक्ष व कार्रवाई को अनिवार्य रूप से पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तरीय समय से जांच के निर्देश दिए गए हैं.

पुलिस क्षेत्राधिकारी की ओर से पारदर्शी जांच करते हुए स्पष्ट रूप से सिविल या क्रिमिनल प्रकृति का उल्लेख किया जाएगा. उसके बाद ही अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही लंबित भूमि संबंधी मामलों की पुलिस मुख्यालय से लगातार अनुश्रवण किया जाएगा.

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बैठक में पुलिस अधिकारी (फोटो सोर्स- Police Department)
देहरादून युवती हत्याकांड में विशेष अनुसंधान दल गठित: वहीं, देहरादून युवती की हत्या की घटना में यथाशीघ्र कार्रवाई को देहरादून वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह की ओर से जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक (नगर)  के पर्यवेक्षण में विशेष अनुसंधान दल गठित की गयी है. मुकदमे की विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को सौंपी गयी है.

विशेष अनुसंधान दल की ओर से प्रकरण में दर्ज मुकदमे में विवेचना की गुणवत्ता, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों के संकलन, घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेजों का अवलोकन व हत्यास्थल पर उपस्थित  प्रत्यक्षदर्शी के बयानों के आधार पर यथाशीघ्र कार्रवाई करते हुए यथासंभव आरोपित के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा जाएगा. ताकि, प्रकरण को न्यायालय में फास्ट ट्रैक ट्रायल कराकर आरोपित को कठोरतम सजा दिलाई जा सके.

विशेष अनुसंधान दल में यें शामिल रहेंगें अधिकारी

क्षेत्राधिकारी नगर
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर
प्रभारी एसओजी
प्रभारी फील्ड यूनिट

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