उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने अपनाई बिजली खरीद की नवाचारी रणनीतियाँ अपनाईं

उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने बिजली खरीद की नवाचारी रणनीतियाँ अपनाईं

देहरादून  11 फरवरी 2026 -उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने अपनी नियमित बिजली आपूर्ति योजना में पावर एक्सचेंज के उपयोग को बढ़ाया है। डेटा-आधारित खरीद रणनीतियों के सहारे UPCL ने वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल–दिसंबर 2025) में ₹160 करोड़ से अधिक की बचत की है। साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्र (REC) बेचकर ₹125 करोड़ की अतिरिक्त आय भी अर्जित की है।

सौर, जल, पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से बेहतर आपूर्ति और कोयला आधारित उत्पादन की स्थिरता के कारण अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान डे-अहेड मार्केट (DAM) और रियल-टाइम मार्केट (RTM) में बिजली की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) पर 9MFY26 के दौरान DAM में औसत दैनिक बाजार समाशोधन मूल्य ₹3.85 प्रति यूनिट रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14% कम है, जबकि RTM में औसत कीमत ₹3.56 प्रति यूनिट रही, जो साल-दर-साल 16% कम है। इन कीमतों ने UPCL को प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली खरीदने और महंगी दीर्घकालिक द्विपक्षीय समझौतों पर निर्भरता घटाने का अवसर दिया।

UPCL ने शुरुआत में DEEP पोर्टल (Discovery of Efficient Electricity Price) पर निविदाएँ आमंत्रित की थीं। लेकिन DEEP पर ऊँची कीमतों के कारण, DISCOM ने पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध विभिन्न उत्पादों का उपयोग करते हुए विविधीकृत खरीद रणनीति अपनाई। इससे UPCL को कम दरों पर बिजली खरीदने और कुल खरीद लागत को अनुकूलित करने में मदद मिली। 9MFY26 के दौरान, UPCL ने लगभग 850 मिलियन यूनिट (MU) बिजली लंबी अवधि के अनुबंधों के माध्यम से औसतन ₹3.59 प्रति यूनिट की दर से खरीदी, जबकि DEEP पोर्टल पर यही दर ₹5.50 प्रति यूनिट थी। इससे प्रति यूनिट लगभग ₹2 की बचत हुई और कुल मिलाकर करीब ₹160 करोड़ की बचत हुई।

दिसंबर माह में जल विद्युत की कम उपलब्धता और सर्दियों की बढ़ती मांग के कारण UPCL आमतौर पर DEEP पर निर्भर रहता था। लेकिन दिसंबर 2025 में, जहाँ DEEP पर दरें ₹4.30 प्रति यूनिट थीं, वहीं UPCL ने रणनीतिक रूप से पावर एक्सचेंज के LDC अनुबंधों का उपयोग करते हुए ₹3.40 प्रति यूनिट की कम दर पर बिजली खरीदी। इससे केवल दिसंबर 2025 में ही लगभग ₹20 करोड़ की बचत हुई।

उत्तराखंड एक जल-समृद्ध राज्य है और यहाँ नवीकरणीय ऊर्जा का पर्याप्त उत्पादन होता है। अपनी नवीकरणीय ऊर्जा दायित्व (RPO) पूरा करने के बाद, UPCL के पास अतिरिक्त नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्र (REC) उपलब्ध रहते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक UPCL ने इन अतिरिक्त RECs को पावर एक्सचेंज पर बेचकर आय अर्जित की है। इस अवधि में UPCL ने 35 लाख RECs औसतन ₹350 प्रति REC की दर से बेचे, जिससे लगभग ₹125 करोड़ की अतिरिक्त आय हुई।

इस विकास पर टिप्पणी करते हुए  UPCL के प्रबंध निदेशक श्री अनिल कुमार     ने कहा, कि “हमारे पावर प्रोक्योरमेंट डिवीजन, जिसका नेतृत्व हमारे निदेशक (प्रोजेक्ट्स) श्री अजय कुमार अग्रवाल कर रहे हैं, ने मौसम की स्थिति का विश्लेषण सहित वैज्ञानिक और डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाया है, ताकि मांग और आपूर्ति के संतुलन को बनाए रखते हुए किफायती दरों पर बिजली खरीदी जा सके। पावर एक्सचेंज के डे-अहेड मार्केट और रियल-टाइम मार्केट जैसे बाजार खंडों का उपयोग करते हुए तथा लंबी अवधि के अनुबंधों की खोज करके हमने मांग और आपूर्ति की अनिश्चितताओं को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने की क्षमता बढ़ाई है।”

उन्होंने आगे कहा, कि “इससे अल्पकालिक बाजार तंत्रों के माध्यम से लागत का अनुकूलन हुआ है और REC व्यापार के जरिए अतिरिक्त राजस्व भी उत्पन्न हुआ है। हम अपने राज्य के उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और किफायती बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध प्रतिस्पर्धी दरों का लाभ उठाते रहेंगे।”

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