युवा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, संदिग्धों में मां भी, सत्ता से जुड़ा डॉक्टर भी

 

Arjun murder case mother and son became enemies mystery revolves around property and relationships
देहरादून अर्जुन हत्याकांड: कत्ल की कहानी में परिवार की भी साजिशें, मां-बेटे ही हो गए थे एक दूसरे के दुश्मन

देहरादून डालनवाला थाना क्षेत्र के तिब्बती मार्केट के पास हमलावरों ने कारोबारी अर्जुन शर्मा को गोली मार दी। पत्नी की तहरीर पर अर्जुन की मां बीना शर्मा और साथी कारोबारी विनोद उनियाल समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। संपत्ति और संबंध के इर्द-गिर्द गुत्थी उलझी है।

अर्जुन हत्याकांड की गुत्थी संपत्ति और रुपयों के लेनदेन के विवाद के साथ ही संबंधों के इर्द-गिर्द उलझी हुई है। हत्या के आरोप में नामजद विनोद उनियाल ने 10 दिन पहले दो फरवरी को अर्जुन पर उसके चेक में फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए बसंत विहार थाने में शिकायत दी थी।

पुलिस ने इस मामले में तीन फरवरी को ही प्राथमिकी दर्ज की थी। अब अर्जुन की पत्नी अभिलाषा ने विनोद और अर्जुन की मां बीना शर्मा समेत चार लोगों पर हत्या करने की आशंका जताई है। तहरीर में विनोद और बीना की नजदीकियों का भी जिक्र है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक अर्जुन के एक और भाई हैं जिनका नाम अतुल शर्मा हैं।

अर्जुन के पिता रमेश चंद शर्मा भारतीय सेना में कर्नल के पद पर तैनात थे जो करीब 38 वर्ष पूर्व सेवा के दौरान बलिदान हो गए थे। उस समय अर्जुन और अतुल नाबालिग थे। रमेश चंद्र शर्मा के बलिदान होने पर भारत सरकार ने उनकी पत्नी बीना शर्मा को आजीविका चलाने के लिए गैस एजेंसी दी थी। दून स्थित उनकी पैतृक संपत्ति में एजेंसी पिछले 37 वर्षों से संचालित है।

हत्या की सूचना मिलने पर रोते हुए दून अस्पताल पहुंचे परिजन
इस संपत्ति पर शर्मा परिवार ने बैंक ऑफ बड़ौदा से आठ करोड़ रुपये लोन लिया था। इसमें अर्जुन शर्मा बतौर गवाह और गारंटर थे। बीना की विनोद नाम के व्यक्ति से अच्छी जान पहचान है। इतना ही नहीं विनोद व उसकी पत्नी संगीता उनियाल से काफी घनिष्ठ संबंध हैं। बीना ने विनोद को कई बार मोटी रकम दी थी। इसे लेकर अर्जुन का अपनी मां से विवाद चल रहा था।

हत्या की सूचना मिलने पर रोते हुए दून अस्पताल पहुंचे परिजन
दोनों के मध्य झगड़ा होता था। बीना ने वर्ष 2024 में बेटे अर्जुन शर्मा के खिलाफ मारपीट के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अर्जुन ने गैस गोदाम की संपत्ति के लेनदेन व धोखाधड़ी के संबंध में वर्ष 2025 में माता बीना शर्मा, विनोद उनियाल एवं उसकी पत्नी संगीता उनियाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद बीना शर्मा ने अपने बेटे अर्जुन से असुरक्षा की दृष्टि से उच्च न्यायालय में रिट दायर कर अपनी सुरक्षा के लिए आदेश प्राप्त किया था। इसके बाद एक साल से थाना बसंत विहार से एक महिला कांस्टेबल को उनकी सुरक्षा में नियुक्त किया गया था।

अर्जुन हत्याकांड
इसके बाद अर्जुन शर्मा और बीना शर्मा के बीच आपसी मनमुटाव व संपत्ति का झगड़ा चलता रहा। अर्जुन वर्तमान में विनोद उनियाल से काफी परेशान थे। उनका कहना था कि विनोद उनियाल ने उनकी मां को अपने प्रभाव में लेकर करोड़ों रुपये हड़प लिए हैं। विनोद उनियाल ने भी थाना बसंत विहार में अर्जुन शर्मा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

तिब्बती मार्केट जहां पर अर्जुन को मारी गई गोली
वर्तमान में अर्जुन शर्मा का रुपयों के लेनदेन का विनोद उनियाल से ही विवाद चल रहा था। अर्जुन शर्मा की पत्नी के अनुसार उनके संपत्ति के विवाद संबंधी अन्य कोई जानकारी उनको नहीं है। अर्जुन की मां बीना शर्मा ने अपनी जीएमएस रोड वाली संपत्ति अजय खन्ना को बेच दी थी। इस पर अर्जुन व अजय खन्ना के मध्य सिविल कोर्ट में वाद चल रहा है। अर्जुन शर्मा ने उक्त प्रॉपर्टी के वाद में सिविल कोर्ट से स्टे लिया था। सभी पहलुओं पर पुलिस गहनता से जांच कर रही है।

अर्जुन के कत्ल की कहानी में परिवार का तानाबाना भी है और साजिशों के गलियारे भी। इस ताने बाने में कई लोग हैं। साजिशें तो ऐसी हैं कि मां बेटे ही एक दूसरे के दुश्मन हो गए। कई मुकदमे ऐसे हुए कि हाईकोर्ट में भी गए। हालांकि, अभी तक गैस एजेंसी ही एक ऐसी वजह बताई जा रही है जो कि पुलिस की जांच की सबसे मजबूत और अहम कड़ी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस इसी कड़ी के सहारे इन साजिशों के गलियारों से होती हुई इस ताने बाने को खोलना चाह रही है।

Dispute over 42 crore rupees businessman murdered in open market, mother also under suspicion
देहरादून में गोलीकांड: 42 करोड़ का विवाद; बीच बाजार दिन दहाड़े कारोबारी की हत्या, मां पर भी संदेह

पैसों को लेकर आपसी विवाद के चलते तिब्बती मार्केट के सामने युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिन दहाड़े  हत्या  से पूरे क्षेत्र में भय है।

डालनवाला थाना क्षेत्र के तिब्बती मार्केट के पास अज्ञात हमलावरों ने व्यवसायी अर्जुन शर्मा (42 वर्ष ) को गोली मार दी। पुलिस उन्हें गंभीर हालत में दून अस्पताल लेकर पहुंची. जहां डॉक्टरों ने मृत लाया घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में रुपयों के लेनदेन का विवाद हत्या का कारण माना जा रहा है।

पत्नी की लिखित शिकायत  पर अर्जुन की मां बीना शर्मा और साथी व्यवसायी विनोद उनियाल समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी लिखी गई है। अर्जुन शर्मा जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के स्वामी थे।

पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे कंट्रोल रूम से डालनवाला थाने में तिब्बती मार्केट के बाहर गोली चलने की सूचना मिला थी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर देखा तो अर्जुन जमीन पर पड़े थे। उन्हें उठाकर तत्काल दून अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर

देहरादून में कारोबारी की हत्या
घटना की सूचना पर उच्चाधिकारी भी हत्या स्थल निरीक्षण को पहुंचे। शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज में नीले रंग की स्कूटी पर सवार दो हमलावर गोली मारकर भागते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि अर्जुन परेड ग्राउंड में रोजाना टेनिस खेलने आते थे। बुधवार को भी उन्हें गोली मारी गई तो वह टेनिस खेलकर हीबाहर निकले थे। मार्केट के बाहर एक ठेली से अनानास खरीदे । पास में ही उनकी गाड़ी खड़ी थी।

दोपहर बाद अर्जुन की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने डालनवाला थाने में लिखित शिकायत देकर अपनी सास बीना शर्मा,विनोद उनियाल, संगीता उनियाल, डॉक्टर अजय खन्ना पर संदेह जताया। डालनवाला पुलिस ने चारों के खिलाफ प्राथमिकी लिख ली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अर्जुन का अपने पारिवारिक व्यवसाय और रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद था। इसी विवाद के चलते उनकी माता ने पहले ही अपने बेटे से खुद की जान को खतरा बता उच्च न्यायालय से सुरक्षा भी ले रखी थी।

42 करोड़ से अधिक के लेनदेन का विवाद

अर्जुन के स्वामित्व वाली अमरदीप गैस एजेंसी में काम करने वाले वीके कुमार ने बताया कि अर्जुन और विनोद उनियाल के बीच 42 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का मामला है। उन्होंने बताया कि अर्जुन विनोद पर लगातार रकम वापस करने का दबाव बना रहे थे। एक साल पहले विनोद ने अर्जुन की मां से तीन करोड़ रुपये लेकर दो फ्लैट खरीदे थे। इस रकम के वापस न करने पर भी विवाद था।

जिलेभर में सघन जांच अभियान शुरू

हत्याकांड के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देश पर आरोपितों की पकड़ कौ अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हमलावर नीले रंग की स्कूटी पर सवार थे और गोली मारने के बाद वहां से कोर्ट की तरफ भागे थे। पुलिस ने जिले की सीमाओं के साथ ही शहर के अंदर सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है।

Arjun murder case accused waited patiently smoking a cigarette hen shot businessman in chest
हत्यारे ने तसल्ली से सिगरेट पीते किया इंतजार; फिर कारोबारी के सीने में मारी गोली, हुआ फरार
तिब्बती मार्केट के सामने कारोबारी और टेनिस प्लेयर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या की घटना से पूरे इलाके में दहशत है।

देहरादून में कारोबारी की हत्या

देहरादून में हुई अर्जुन शर्मा की हत्या करने से पहले आरोपियों ने तिब्बती मार्केट से कुछ ही दूर पहले एक दुकान पर खड़े होकर सिगरेट पी थी। इसके बाद उन्होंने घटना को अंजाम दिया। चश्मदीदों के मुताबिक हमलावर काफी देर से उस दुकान पर खड़े थे।

वह अर्जुन के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। अर्जुन जैसे ही टेनिस खेलकर बाहर निकले हमलावर सक्रिय हो गए। अर्जुन ने पहले अपनी कार में टेनिस किट रखी। इसके बाद वे फल लेने गए। वे फल लेकर लौट रहे थे तभी हमलावर आए और गोली मार दी और फरार हो गए।

देहरादून में गोलीकांड: 42 करोड़ का विवाद; बीच बाजार दिन दहाड़े कारोबारी की हत्या, मां पर भी शक, तस्वीरें

सीने में मारी गोली
बदमाशों ने सीधा निशाना साधकर अर्जुन के सीने में गोली मारी। प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से बताया जा रहा है कि मौके पर एक ही गोली चलने की आवाज आई थी। हमलावरों और अर्जुन के बीच दूरी भी बहुत ज्यादा नहीं थी। शुरुआती जांच में देसी तमंचे से गोली चलाने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस विभाग के विशेषज्ञ तमाम बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रहे हैं।

इन आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज

मृतक अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा की लिखित शिकायत पर सास बीना शर्मा, सास के साथी कारोबारी विनोद उनियाल, विनोद की पत्नी संगीता उनियाल, एसके मैमोरियल हाॅस्पिटल के डॉक्टर अजय खन्ना के खिलाफ डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन पर बीएनएस की धारा 103(1) में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
देहरादून में कारोबारी की हत्या
सड़क पर बिखरे थे खून से सने अनानास के टुकड़े

अर्जुन का हत्या तिब्बती मार्केट के गेट नंबर सात और आठ के बीच हुई। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम के पहुंचकर जांच पूरी करने तक कटे हुए अनानास के टुकड़े खून से सने हुए पड़े थे। अर्जुन को जब गोली मारी गई उससे ठीक पहले ही उन्होंने अनानास खरीदे थे। उन्हें अनानास बेचने वाले फल विक्रेता ने बताया कि फल खरीदते वक्त अर्जुन ने मोलभाव भी किया था। कह रहे थे कि सही दाम लगा लो तुमसे रोज फल खरीदूंगा।

देहरादून में कारोबारी की हत्या
गाड़ी में रखा था किटबैग, रहे हैं टेनिस प्लेयर

टेनिस खेलने के लिए बाद अर्जुन परेड ग्राउंड से बाहर निकले थे। उनकी गाड़ी की पिछली सीट पर किटबैग रखा था। बताया जा रहा है उन्हें खेलों का काफी शौक रहा है। जिला स्तर पर हुईं प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने हिस्सा लिया था।

देहरादून में कारोबारी की हत्या
बुद्धा चौक की ओर से भागे बदमाश

तिब्बती मार्केट में वारदात को अंजाम देने के बाद 250 मीटर दूर बुद्धा चौक की ओर भागे थे। पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में नीले रंग की स्कूटी पर सवार दो बदमाश घटना के तुरंत बाद बुद्धा चौक की ओर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके आगे वह किस तरफ भागे इसकी जांच के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं।

Arjun Murder Case Dispute started over repayment of a gas agency loan doctor is at center of story
अर्जुन हत्याकांड: गैस एजेंसी का लोन चुकाने से शुरू हुआ विवाद; अब कहानी के केंद्र में आया शहर का नामी डॉक्टर

अर्जुन हत्याकांड में एक नया नाम सामने आया है। अर्जुन की मां ने संपत्ति को बैंक में बंधक रख कुछ और लोन भी उठाया था। अब वह इस संपत्ति को बेचना चाह रही थी। इस बात की भनक अर्जुन को लग गई। शहर के नामी डॉक्टर ने अर्जुन की मां के कहने पर एजेंसी का लोन चुकाया था।

देहरादून में कारोबारी की हत्या
अर्जुन हत्याकांड की कहानी बलिदानी कोटे से मिली उनके परिवार की गैस एजेंसी बताई जा रही है। इस कहानी में कई और किरदार हैं लेकिन केंद्र में डॉक्टर अजय खन्ना का नाम आ रहा है। बताया जा रहा है कि शहर के इस नामी डॉक्टर ने अर्जुन की मां के कहने पर एजेंसी का लोन चुकाया था। अब अर्जुन की मां इस एजेंसी को बेचना चाह रही थी।

जबकि, अर्जुन इसके पक्ष में नहीं था। चूंकि डॉक्टर के करोड़ों रुपये इस लोन चुकाने में खर्च हो गए तो अब वह भी रकम को वापस चाह रहा था। इसी उलझन भरी कहानी में किसी एक किरदार ने भाड़े के शूटर बुलाकर अर्जुन का काम तमाम कर दिया।

अमरदीप गैस एजेंसी अर्जुन के पिता के बलिदान होने के बाद कोटे से परिवार को मिली थी। यह एजेंसी उनकी मां के नाम पर थी। कारोबार को चलाने के लिए बैंक से लोन भी चल रहा था। इसके अलावा सूत्रों का कहना है कि अर्जुन की मां ने इस संपत्ति को बैंक में बंधक रख कुछ और लोन भी उठाया था। अब वह इस संपत्ति को बेचना चाह रही थी। इस बात की भनक अर्जुन को लग गई।

देहरादून में कारोबारी की हत्या
अर्जुन नहीं चाहता था कि यह एजेंसी बेची जाए। इस पर उसने बैंक को शिकायत कर दी। बैंक ने जब पाया कि बंधक संपत्ति को बेचने का प्रयास हो रहा है तो उसने आपत्ति लगा दी। यहीं से एंट्री होती है डॉक्टर साहब की। अर्जुन की मां के कहने पर डॉक्टर अजय खन्ना और उनके साथियों ने इस संपत्ति को बंधक कर लिया गया लोन चुका दिया। अब बैंक की तरफ से यह संपत्ति बिल्कुल मुक्त हो गई।
देहरादून में कारोबारी की हत्या
ऐसे में बैंक इसमें कोई दखल नहीं दे सकता था। चूंकि संपत्ति बेहद मौके की जगह है तो यहां पर दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों जिनमें ज्यादा मुनाफा हो के लिए एकदम मुफीद है। इस पर कुछ और लोगों की भी नजर थी। बीच में कांटा था बस अर्जुन जो नहीं चाहता था कि उनका ठीक-ठाक चलता व्यापार बंद हो जाए।

देहरादून में कारोबारी की हत्या
अर्जुन के कत्ल की कहानी में परिवार का तानाबाना भी है और साजिशों के गलियारे भी। इस ताने बाने में कई लोग हैं। साजिशें तो ऐसी हैं कि मां बेटे ही एक दूसरे के दुश्मन हो गए। कई मुकदमे ऐसे हुए कि हाईकोर्ट में भी गए।

Dehradun Crime Dispute over 42 crore rupees businessman murdered in open market, mother also under suspicion

हालांकि, अभी तक गैस एजेंसी ही एक ऐसी वजह बताई जा रही है जो कि पुलिस की जांच की सबसे मजबूत और अहम कड़ी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस इसी कड़ी के सहारे इन साजिशों के गलियारों से होती हुई इस ताने बाने को खोलना चाह रही है।

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