उत्तराखंड:एक माह में निबटाये जायेंगें 50 हज़ार भूमि विवाद के मामले
उत्तराखंड में भूमि विवादों के निदान को चलेगा विशेष अभियान, राजस्व न्यायालयों में 50 हजार से अधिक मामले लंबित
उत्तराखंड सरकार ने लंबित भूमि विवादों के समाधान के लिए एक माह का विशेष अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि अभियान के अंत तक सभी लंबित मामलों को शून्य स्तर पर लाया जाए। राजस्व न्यायालयों में 50 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित होंगी, जिनकी साप्ताहिक समीक्षा मुख्य सचिव करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को दिए निर्देश. File Photo
मुख्यमंत्री धामी ने भूमि विवादों पर विशेष अभियान के दिए निर्देश
एक माह में लंबित मामलों को शून्य स्तर तक लाने का लक्ष्य
तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित होंगी
देहरादून। उत्तराखंड में लंबित भूमि संबंधी विवादों को समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आमजन को त्वरित न्याय और प्रशासनिक राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूमि विवादों के निस्तारण के लिए माहभर का विशेष अभियान चलाने के निर्देश मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि अभियान के अंत तक भूमि विवाद से जुड़े मामलों को शून्य के स्तर तक लाया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य के राजस्व न्यायालयों में ही 50 हजार से अधिक मामले लंबित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़े होते हैं और लंबे समय तक इनके लंबित रहने से कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द तथा प्रशासनिक विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि इन विवादों का निस्तारण पारदर्शी, निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
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इस विशेष अभियान की साप्ताहिक समीक्षा मुख्य सचिव करेंगे, ताकि प्रगति की लगातार निगरानी हो सके और आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक कदम तत्काल उठाए जा सकें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समय-सीमा का पालन हर हाल में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियान को प्रभावी बनाने को जरूरत पड़ने पर तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित होंगी। इनमें संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी और चकबंदी विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे, जिससे राजस्व, पुलिस व प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अभियान से आमजन को राहत मिलेगी और शासन-प्रशासन के प्रति भरोसा अधिक मजबूत होगा।

