विधानसभा चुनाव तैयारियां? सोनिया और राहुल ने गले लगाया मौहम्मद दीपक

बाबा दुकान विवाद: कोटद्वार आएंगे राहुल गांधी, ‘मोहम्मद’ दीपक के जिम की लेंगे मेंबरशिप, दिल्ली में की मुलाकात
उत्तराखंड कोटद्वार बाबा दुकान विवाद हमेशा किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहता है. अब राहुल गांधी ने मोहम्मद दीपक से मुलाकात की है.
दिल्ली में राहुल गांधी से मिले दीपक कुमार. (@Rahul Gandhi FACEBOOK)

देहरादून 23 फरवरी 2026 : कांग्रेस के सीनियर लीडर और सांसद राहुल गांधी ने उत्तराखंड कोटद्वार ‘बाबा’ दुकान विवाद से चर्चाओं में आए दीपक कुमार कश्यप उर्फ ​​मोहम्मद दीपक से दिल्ली में भेंट की. राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दीपक कुमार के साथ अपनी कुछ फोटो पोस्ट की. उन्होंने दीपक कुमार की प्रशंसा भी की है. भेंट आज राहुल के दिल्ली स्थित निवास पर हुई है.

अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया के नेतृत्व में कोटद्वार के दीपक ने नेता विपक्ष राहुल गांधी से आज नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। वालिया ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटद्वार के हमारे भाई मौहम्मद  दीपक कुमार को अपने आवास पर आमंत्रित कर उनसे आत्मीय मुलाकात की।

दीपक कुमार की तारीफ करते हुए राहुल गांधी ने लिखा,

हर इंसान, एक समान, यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान. उत्तराखंड के भाई मोहम्मद दीपक से मुलाकात. एकता और साहस की ऐसी ही लौ हर भारतीय युवा में जलनी चाहिए.

वहीं राहुल गांधी से मिलने के बाद दीपक कुमार ने मीडिया से बात की. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें मिलने  बुलाया था. इसीलिए वो दिल्ली आए और राहुल गांधी से मिले. राहुल गांधी ने दीपक कुमार के परिवार से भी बात की. दीपक का कहना है कि उन्हें राहुल ने भरोसा दिया है कि डरने को कोई बात नहीं है. क्योंकि आपने कोई गलत काम नहीं किया है. आपने अच्छा काम किया है.

सोनिया गांधी से भी मिले राहुल: दीपक कुमार के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि वो कोटद्वार आएंगे और उनके जिम की मेंबरशिप लेंगे. दीपक कुमार ने कहा कि राहुल गांधी यदि कोटद्वार आकर उनके जिम की मेंबरशिप लेगे तो उन्हें बहुत खुशी होगी. दीपक कुमार का कहना है कि पहले उन्हें जरूर धमकियां मिले है. फिलहाल उन्हें कोई धमकियां नहीं मिल रही है. अब तो कोटद्वार का माहौल बहुत अच्छा है. राहुल गांधी ने दीपक कुमार की मुलाकात सोनिया गांधी से भी कराई है.

दीपक कुमार ने बताया कि उन्हें राहुल गांधी से मिलकर काफी अच्छा है. कोई इंसान तो है, जो उन्हें समझ रहा है. दीपक का कहना है कि उन्होंने जो भी आवाजा उठाई है, वो इंसानियत के नाते उठाई है.

इससे पहले भी राहुल गांधी ने दीपक कुमार की तारीफ करते हुए पोस्ट किया था. उस समय राहुल गांधी ने दीपक कुमार को भारत का हीरो भी कहा था. राहुल गांधी ने लिखा था कि, उत्तराखंड का दीपक भारत का हीरो है. दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहा है, उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं. वह नफ़रत के बाज़ार में प्यार की दुकान की जीती-जागती निशानी है, और यही बात सत्ताधारी पार्टी को सबसे ज़्यादा दुख देती है. संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक जहर फैला रहा है, ताकि भारत बंटा रहे और कुछ लोग डर के मारे राज कर सकें.

राहुल ने लिखा था,

उत्तराखंड में BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताकतों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हुई हैं. नफरत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता. शांति के बिना विकास सिर्फ एक नारा है. हमें और दीपक चाहिए, जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो संविधान के लिए पूरी ताकत से खड़े हों. हम तुम्हारे साथ हैं भाई, डरो मत, तुम एक बहादुर शेर हो.

जानें पूरा विवाद: दरअसल, उत्तराखंड कै पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार शहर में ‘बाबा’ नाम से एक कपड़ों की दुकान है, जिसके मालिक एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति हैं. बीती 26 जनवरी को इसी दुकान के नाम पर एक विवाद खड़ा हो गया था. उस रोज हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने दुकान के मालिक से बाबा नाम को हटाने की मांग की थी. उनका कहना था कि कोटद्वार में सिद्धबली बाबा हिंदुओं के आराध्य देवता हैं ऐसे में बुजुर्ग दुकानदार पर दुकान का नाम हटाने का दबाव बनाया जा रहा था.

Rahul Gandhi Mohammad Deepak
दिल्ली में राहुल गांधी से मिले ‘मोहम्मद’ दीपक कुमार (@Rahul Gandhi FACEBOOK)
इसी हंगामे के बीच दुकान के पास में ही जिम चलाने वाले दीपक कुमार कश्यप पहुंचे और बुजुर्ग दुकानदार के साथ खड़े हुए. उन्होंने साफ शब्दों ने कहा कि, दुकान का नाम नहीं बदला जाएगा. बहस बढ़ने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दीपक से उसका नाम पूछा, तो दीपक ने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया. यह घटना बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.

राहुल गांधी से गले मिलते मौहम्मद दीपक. (@Rahul Gandhi FACEBOOK)
सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद मामला और बढ़ गया. इसके बाद हिंदू संगठनों के सदस्य कोटद्वार पहुंचे और जमकर हंगामा किया, जिससे यह मामला नेशनल पॉलिटिक्स का मुद्दा बन गया. कई विपक्षी पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे को सड़क से लेकर पार्लियामेंट तक उठाया है. अब राहुल गांधी ने मोहम्मद दीपक से दिल्ली में अपने आवास पर मुलाकात की, जिसके बाद ये विवाद फिर सुर्खियों में आ गया।

कैसे चर्चा में आया मौहम्मद दीपक का नाम

मोहम्मद दीपक से जुड़ा पूरा विवाद 26 जनवरी को शुरू हुआ था, जब कोटद्वार में ‘Ahmed’s बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ नामक दुकान का नाम बदलने को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं और दुकान संचालक के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान मोहम्मद दीपक ने आकर दुकान मालिक का समर्थन किया।

बाद में ये विवाद और बढ़ा। इस प्रकरण में दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। दीपक ने मीडिया में ये कहकर सहानुभूति बटोरी कि विवाद से पहले उनके जिम में प्रतिदिन लगभग 150 सदस्य आते थे, जो अब घटकर 12 से 15 रह गए हैं और उन्हे जिम का किराया देने के साथबेटी पढाने में भी कठिनाई हो रही है । इसी पर सुप्रीम कोर्ट के 15 सेकुलर वकीलों ने मौहम्मद दीपक को डेढ़ लाख रुपए भेजे।

मोहम्मद दीपक का नाम चर्चा आने पर उनके सोशल मीडिया कमेंट्स पर काफी सवाल खड़े हुए। सबसे ज्यादा पहलगाम आतंकी हमले  के समय उनकी टिप्पणी पर लोग भड़के थे। तब मौहम्मद दीपक ने पीड़ित हिंदुओं का ही मजाक बनाया था। बाद में सोशल मीडिया पड़ताल में मोहम्मद दीपक का कनेक्शन दुबई के कारोबारी चांद मौला बख्श से निकला था।

मोहम्मद दीपक कौन है?
दक्षिणपंथी पोर्टल OPINDIA की कोटद्वार घटना के समय खोजी सोशल प्रोफाइल के अनुसार……

मामले की गहराई में जाने से पहले, एक नाम पर ध्यान देना ज़रूरी है: मोहम्मद दीपक। वह कोटद्वार में “हल्क जिम” नाम से एक जिम चलाते हैं और स्थानीय स्तर पर एक प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते हैं। कहा जाता है कि दीपक युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय रावत के करीबी हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर उपलब्ध तस्वीरों से पता चलता है कि उनके कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं से भी घनिष्ठ संबंध हैं।

मोहम्मद दीपक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह नेगी के साथ।
मोहम्मद दीपक के फेसबुक अकाउंट से मुस्लिम समुदाय के साथ उनके घनिष्ठ संबंधों का भी पता चलता है। इनमें दुबई स्थित व्यवसायी चांद मौला बख्श प्रमुख हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट के अनुसार, चांद मौला बख्श मोहम्मद दीपक के लिए बॉडीबिल्डिंग शो आयोजित करते हैं। हालांकि, उन्होंने धीरे-धीरे ये पोस्टें हटानी शुरू कर दी है।

मोहम्मद दीपक का पद
मोहम्मद दीपक के साझा किए गए एक वीडियो में एक युवक नाचता दिख रहा है, जिसके साथ उन्होंने लिखा है, ‘चांद भाई ने कोटद्वार को दुबई जैसा बना दिया है।’

मोहम्मद दीपक की फेसबुक पोस्ट
मोहम्मद दीपक ने दुबई के 4 और 5 सितारा होटलों में नौकरी के लिए युवाओं को साक्षात्कार हेतु आमंत्रित करते हुए एक विज्ञापन भी प्रकाशित किया है। चांद मौला बख्श के बारे में एक और तथ्य उल्लेखनीय है: वे भी दुबई में होटल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।

दुबई में साक्षात्कार के लिए दीपक का आवेदन
दुबई में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं का जश्न मनाने के लिए कौथिग नामक एक उत्सव आयोजित किया जाता है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दुबई में रहते हैं, लेकिन उनके कौथिग के मुख्य आयोजक चंद मौला बख्श हैं। दुर्भाग्य से, गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी भी चंद मियां द्वारा आयोजित इस कौथिग में शामिल होते हैं और चंद भाई को सच्चा उत्तराखंडी कहते हैं।

मोहम्मद दीपक का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते हैं कि मोहम्मद नाम में अपार शक्ति है।

इसके अलावा, उनकी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से मुसलमानों के साथ उनकी घनिष्ठ मित्रता को दर्शाते हैं, जिनमें से अधिकांश जिम या सैलून मालिक हैं। मोहम्मद दीपक की एक अन्य वायरल पोस्ट में पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को मुसलमान कहने वालों को “चुट्टी@” कहा गया है।

पहलगाम हमले पर मोहम्मद दीपक की पोस्ट
उसी पोस्ट पर एक टिप्पणी में, वह कहता है कि अगर आतंकवादियों ने हिंदू पुरुषों को मारने से पहले उनकी पैंट उतार दी, तो उन्होंने महिलाओं के क्या-क्या कपड़े उतारे होंगे?

मोहम्मद दीपक की महिलाओं पर टिप्पणी
दीपक कुमार के मोहम्मद दीपक बनने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि उनके नाम परिवर्तन के पीछे कुछ सामाजिक और वैचारिक कारण हो सकते हैं, जिन पर चर्चा चल रही है।

दीपक कुमार के सोशल मीडिया अकाउंट्स के विश्लेषण से पता चलता है कि उनके फेसबुक वॉल पर हिंदू त्योहारों की शुभकामनाओं वाले पोस्ट लगभग न के बराबर हैं, जबकि ईद जैसे मुस्लिम त्योहारों के लिए कई पोस्ट मौजूद हैं। इससे यह सवाल उठता है: क्या कोई इस्लामी नेटवर्क दीपक का ब्रेनवॉश कर रहा था, जो गर्व से अपने नाम के आगे “मोहम्मद” जोड़ता है और अपनी ताकत का श्रेय मोहम्मद को देता है?

मोहम्मद दीपक को धर्मनिरपेक्ष बताया जा रहा है, लेकिन उनके कार्यों से स्पष्ट है कि वे इस्लाम से गहराई से प्रभावित हैं। ऐसे में क्या यह संभावना नहीं है कि इसे हथियार बनाकर ‘जिम जिहाद’ छेड़ने की साजिश रची जा रही हो?

अब मोहम्मद दीपक को बहाना बनाकर देवभूमि की छवि धूमिल करने का खेल शुरू हो गया है। इससे पहले देहरादून के विकास नगर और मसूरी के बुल्लेशाह मजार में कश्मीरी मुसलमानों के मामलों में भी यही कहानी गढ़ने की कोशिश की गई थी कि देवभूमि उत्तराखंड अब नफरत का राज्य बन गया है। लेकिन जनता के मुखर विरोध ने कट्टरपंथियों को डरा दिया है।

पहाड़ी समुदाय अब मुसलमानों की साजिशों के खिलाफ आवाज उठा रहा है, और देवभूमि को अपने कब्जे में लेने की जिहादियों और दंगाइयों की योजनाएँ विफल होती दिख रही हैं। इस संदर्भ में, जिहादियों के खिलाफ लड़ने वालों को बदनाम करने का एक नया तरीका निकाला गया है। ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए जिससे यह संदेश जाए कि देवभूमि के हिंदू सनातन धर्म के लिए लड़ने वालों के खिलाफ हैं।

मोहम्मद दीपक जिहादियों के इस शतरंज के खेल में एक छोटे से मोहरे से ज्यादा कुछ नहीं, जिसे आगे बढ़ाकर एक शक्तिशाली योद्धा बना दिया गया। मोहम्मद दीपक को भारत का नायक बताकर उसका मनोरंजन करने वाले लोग इस तमाशे का लुत्फ उठा रहे हैं, जबकि दीपक इसे अपनी तरक्की समझ रहा है। हालांकि, पाठ के अनुसार, उसे इस बात का एहसास नहीं है कि आने वाली चालों में उसे राजा को फंसाने के लिए बलिदान किया जा सकता है।
शतरंज की बिसात इस्लामी जिहादियों ने बिछाई है, और राहुल गांधी जैसे नेता मैदान में उतरकर खेल रहे हैं, सत्ता को मुस्लिम मतदाताओं को अपने पाले में करने की कोशिश में हैं। इसमें आगे दावा किया गया है कि उनका संयुक्त उद्देश्य देवभूमि में “दार-उल-इस्लाम” स्थापित करना है। लेख में तर्क दिया गया है कि अगर ऐसा नहीं होता, तो मोहम्मद दीपक को “मोहम्मद” नाम में ताकत नहीं दिखती, और न ही राहुल गांधी उसे प्रोत्साहित कर रहे होते।
हालांकि, इस नाम के इस्तेमाल से जुड़े हथकंडे इतिहास और भूगोल दोनों में स्पष्ट हैं, इन सबका एक ही लक्ष्य है: उत्तराखंड में सीरिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसा ही मॉडल लागू करना। देवभूमि के लोगों को यह बात जल्द से जल्द समझ लेनी चाहिए; अन्यथा, जब वे इस धर्मनिरपेक्षता के नशे में चूर हो जाएंगे, तो वे यह नहीं पूछेंगे कि आप कांग्रेसी हैं या भाजपा समर्थक; वे सीधे-सीधे उनके प्रति अविश्वासी बन जायेंगें।

 

TAGGED:

RAHUL GANDHI MOHAMMAD DEEPAK
MOHAMMAD DEEPAK MEET RAHUL
कोटद्वार बाबा दुकान विवाद
राहुल गांधी से मिले मोहम्मद दीपक
KOTDWAR BABA SHOP DISPUTE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *