आयुष मलिक कनवर्जन:धरा गया चांदनी का फुफेरा भाई तौफीक,आठ फरार
Ayush conversion case: Chandni’s cousin arrested;Photo of clean-shaven Ayush goes viral; speculation intensifies about his return to Hinduism.
आयुष धर्मांतरण प्रकरण: चांदनी का फुफेरा भाई तौफीक पकड़ा, आयुष का बिना दाढ़ी वाला फोटो वायरल होने पर चर्चाएं तेज,आयुष की बहन का नही कोई वीडियो
शहर के दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक ने इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया। पिता ने जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करा रखी है, जिस पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
शहर कोतवाली पुलिस ने चर्चित आयुष धर्मांतरण प्रकरण में एक और आरोपी तौफीक उर्फ भोला को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी चांदनी कुरैशी का फुफेरा भाई है। पुलिस इस मामले में आरोपी युवती व उसके पिता को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आठ आरोपी अभी भी वांछित चल रहे हैं।
आयुष मलिक उर्फ रहमान उर्फ मोहम्मद अली।
मोहल्ला दयानंद नगर निवासी प्रसिद्ध दवा कारोबारी देवराज मलिक के इकलौते पुत्र आयुष मलिक के धर्मांतरण के आरोप में शहर कोतवाली में आठ दिन पहले तीन मौलाना समेत 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोपियों पर आयुष को प्रेम जाल में फंसाकर संपत्ति हड़पने का आरोप था। सोमवार को इस मामले में पुलिस ने आयुष को प्रेमजाल में फंसाने की आरोपी युवती चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी निवासी काजीवाड़ा शामली को गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तार आरोपित तौफीक उर्फ भोला।
पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि इस मामले में शनिवार को एक और आरोपित चांदनी के फुफेरे भाई तौफीक उर्फ भोला निवासी काजीवाड़ा को पकड़ा। पुलिस अधीक्षक के अनुसार पुलिस पूछताछ में आरोपित ने योजनाबद्ध तरीके से आयुष मलिक का कनवर्जन कराने की बात कही है।
4 साल पहले आरोपित तौफीक ने आयुष मलिक के परिवार पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव डाला था, दी थी धमकी
शामली कनवर्जन मामले में पुलिस एक और आरोपित चांदनी कुरैशी के फुफेरे भाई तौफीक को निकाहनामे के साथ पकड़ा है।
उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित कनवर्जन मामले की जांच में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कोतवाली शामली पुलिस ने मामले में वांछित चल रहे आरोपित तौफीक उर्फ भोला ( पुत्र ) रफीक को पकड़ लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपित के कब्जे से एक कथित निकाहनामा भी मिला है, जिसे जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। मामले में अब तक तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद आरोपितों की तलाश जारी है।
चांदनी कुरैशी और आयुष मलिक
पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह ने बताया कि मामला दयानंद नगर निवासी देवराज मलिक की शिकायत पर लिखा है। शिकायत में आरोप था कि उनके पुत्र आयुष मलिक को योजनाबद्ध अपने प्रभाव में लेकर उसका कनवर्जन कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम में चांदनी कुरैशी, उसके परिवार के सदस्य और अन्य सहयोगी शामिल थे।
शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने आयुष मलिक पर दबाव बनाया और बाद में करीब चार वर्ष पुराने एक कथित निकाहनामे का हवाला दे देवराज मलिक और उनके परिवार पर इस्लाम अपनाने का दबाव डाला। विरोध करने पर परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां देने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस पकड में चांदनी कुरैशी का फुफेरा भाई
6 जून को कोतवाली शामली में दर्ज हुआ था मुकदमा
इस मामले में 6 जून 2026 को थाना कोतवाली शामली में धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस लिख जांच शुरू की गई थी। जांच में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपित चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को पकड़ न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है। अब तौफीक उर्फ भोला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।
निकाहनामे की पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद निकाहनामे की वैधानिक और तथ्यात्मक जांच कराई जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि दस्तावेज कब, कहां और किन परिस्थितियों में तैयार किया गया था। साथ ही इसकी प्रामाणिकता की भी जांच होगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसका इस मामले से क्या संबंध है।
ये लोग किए गए हैं नामांकित
थाने में लिखी एफआईआर में चांदनी कुरैशी, राहिल कुरैशी, सुमाईला कुरैशी, राबिया कुरैशी, आस मोहम्मद उर्फ आसू कुरैशी, हुमा कुरैशी, इस्लाम कुरैशी, सलीम उर्फ भोला और मौलवी मुनव्वर समेत नौ लोग नामांकित किये गए है। पुलिस का कहना है कि शेष बचे 6 भागे आरोपित की गिरफ्तारी को अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
आरोपित तौफीक पर पहले से भी कई मुकदमे
पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित तौफीक उर्फ भोला के खिलाफ पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज रहे हैं, जिनमें विद्युत अधिनियम, शांति व्यवस्था भंग करने और मारपीट व धमकी से जुड़े मामले शामिल हैं। हालांकि, वर्तमान कार्रवाई धर्म परिवर्तन और धमकी से जुड़े इस प्रकरण के संबंध में की गई है।
पिता के साथ आयुष मलिक।
मौलानाओं की तलाश में पुलिस टीमें दे रही दबिश
आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक की तरफ से शहर कोतवाली में चांदनी कुरैशी, उसकी तीन बहनों, पिता, भाई, मौलाना मुनव्वर व अन्य दो अज्ञात मौलानाओं समेत 11 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं। मौलानाओं समेत आठ आरोपियों की तलाश में एसआईटी, एसओजी, क्राइम ब्रांच समेत कई टीमें लगी है। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि वांछित आरोपितों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही है। पुलिस आयुष मलिक व चांदनी और उसके परिवार के लोगों के बैंक खाते भी खंगाल रही है जिससे उनमें वित्तीय लेनदेन की जानकारी हो सके।
आयुष मलिक की बिना दाढ़ी वाली फोटो, जो वायरल हो रही है।
हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन आज
हिंदू रक्षा दल उत्तराखंड प्रदेशाध्यक्ष ललित शर्मा ने आज कार्यकर्ताओं के साथ शामली के निजी चिकित्सक के घर के बाहर प्रदर्शन और पांच कार्यकर्ताओं के आत्मदाह करने की घोषणा कर रखी थी। ललित शर्मा का आरोप है कि आयुष मलिक के कन्वर्जन में निजी चिकित्सक का हाथ रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए एक सप्ताह का समय दिया था लेकिन पुलिस प्रशासन ने अब तक चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ललित शर्मा के आह्वान पर हिंदू रक्षा दल के उप्र अध्यक्ष श्रवण चंदेल व शामली के जिलाध्यक्ष भगवानदास ने सोशल मीडिया पर अपने वीडियो वायरल कर कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में दोपहर तीन बजे शामली पहुंचने का आह्वान किया था।
सोशल मीडिया पर बिना दाढ़ी वाली आयुष की फोटो वायरल, हिंदू धर्म में वापसी की चर्चाएं तेज
शहर के प्रसिद्ध दवा कारोबारी देवराज मलिक के इकलौते पुत्र आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली के धर्मांतरण का मामला सोशल मीडिया पर पूरी तरह से छाया हुआ है। शनिवार शाम को सोशल मीडिया पर आयुष मलिक की क्लीन शेव की फोटो वायरल हो रही है। इस फोटो को लेकर उसकी हिंदू धर्म में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हालांकि फोटो को लेकर पुलिस और परिजन अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के व्हाटसएप ग्रुपों पर फोटो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी की जा रही हैं। एसपी एनपी सिंह का कहना है कि आयुष मलिक अपने परिजनों के पास है, इस बारे में वे ही सही बता सकते हैं। उधर, आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक का कहना है कि उनकी अपने पुत्र से बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने एआई से फोटो एडिट कर वायरल किया जाना बताया है।
आरोपित चांदनी कुरैशी
आयुष को परेशान नहीं करने का महिला का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक महिला हाथ जोड़कर कह रही है कि मेरे भाई को कोई परेशान न करें। वह अपनी मर्जी से मुसलमान बना है। उसके पीछे कोई न पड़े। इस बारे में पिता देवराज मलिक का कहना है कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला उनके परिवार की नहीं है। न ही वे उसे जानते हैं और न ही वह आयुष की बहन है। इस बारे में उन्होंने पुलिस से शिकायत करते हुए भ्रामक वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली निवासी मुफ्ती मुकर्रम के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कहा गया कि जब आयुष ने मीडिया के सामने स्वेच्छा से मुस्लिम बनने की बात कही है तो फिर क्यों चांदनी कुरैशी के परिवार को परेशान किया जा रहा है। पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है।
आयुष मलिक की बहन बताने वाली युवती का सच सामने आया, पिता देवराज ने बताई पूरी कहानी
आयुष मलिक के धर्मांतरण का मामला गरमाता जा रहा है। इस मामले में रोज नए-नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एक युवती का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रही युवती आयुष की बहन बता रही है।
उत्तर प्रदेश के शामली के चर्चित आयुष मलिक कनवर्जन में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में एक युवती स्वयं को आयुष मलिक की बहन बताते हुए दावा करते हुए कह रही है कि आयुष ने अपनी इच्छा से इस्लाम स्वीकार किया है और वह दोबारा हिंदू धर्म में वापस नहीं आएगा। युवती ने लोगों और मीडिया से अपील करते हुए कहा कि उसके भाई को परेशान न किया जाए और उसके निर्णय का सम्मान किया जाए।
वायरल वीडियो में युवती कहती दिखाई दे रही है कि आयुष ने किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया है। उसने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म बदलता है, तो उसे उसी रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। अपने बयान में युवती ने पूर्व में कनवर्जन कर चुके अन्य लोगों का भी उल्लेख करते हुए मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए।
पिता देवराज ने कहा- भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें
हालांकि, वीडियो सामने आने के कुछ ही समय बाद आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक ने युवती के दावों को निरस्त कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वीडियो में दिख रही युवती न आयुष की बहन है और न ही उनकी बेटी है। उसका उनके परिवार से कोई संबंध है। देवराज मलिक ने समाज और क्षेत्र के लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर मामले को प्रभावित करने और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि युवती द्वारा स्वयं को आयुष की बहन बताना पूरी तरह गलत और तथ्यहीन है। ऐसे में लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो को पुलिस भी गंभीरता से ले रही है। जांच एजेंसियां पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वीडियो में दिख रही युवती कौन है। उसका वास्तविक परिचय क्या है और उसने क्यों स्वयं को आयुष की बहन बताया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी संगठित प्रयास में सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी तो नहीं फैलाई गई।

