देहरादून में भी 5-स्टार होटलों से लेकर रेस्तराओं तक पर छापे,तीन पर ताले
देहरादून के फाइव स्टार होटलों पर छापा, खाद्य पदार्थों के लिए सैंपल, एनालॉग पनीर और गैर दुग्ध उत्पादों पर विशेष नजर
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों ने फाइव-स्टार होटलों और रिसॉर्ट मालिकों से खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर ध्यान देने को कहा
देहरादून-मसूरी रोड के प्रमुख फाइव स्टार होटलों में छापा
देहरादून 11 अगस्त 2026 : खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता से खिलवाड़ पर धामी सरकार की अब बड़े होटल प्रतिष्ठानों पर भी निगाहें टेढ़ी हो गई हैं. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभागीय आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने देहरादून-मसूरी रोड के प्रमुख फाइव स्टार होटलों में छापा मारकर विशेष जांच अभियान चलाया.
देहरादून में सभी बड़े होटलों समेत कई प्रतिष्ठानों के किचन, स्टोर और खाद्य सामग्री की जांच हुई. कार्रवाई में एक बड़े होटल से मसालों और दूसरे बड़े होटल से तैयार दाल के नमूने जांच को लिए गए हैं. दोनों सैंपल प्रयोगशाला भेजे गये हैं. रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी.
खाद्य संरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची: खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने होटलों में किचन, स्टोर, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेज्ड खाद्य सामग्री, रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की. अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए. अभियान के दौरान विभाग की नजर खासतौर पर एनालॉग पनीर और अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों पर रही. विभाग ने साफ कर दिया कि किसी भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, लेबलिंग, स्रोत और मानकों में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी.
फाइव स्टार होटलों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए: अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि-


अपर आयुक्त बोले हर नागरिक को शुद्ध खाद्य पदार्थ देना सरकार का मकसद: अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि राज्य सरकार की नीति साफ है कि उत्तराखंड के हर नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले. मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि विभाग का मकसद केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों में गुणवत्ता, स्वच्छता और जिम्मेदार खाद्य प्रबंधन की संस्कृति विकसित करना भी है. खासतौर पर पर्यटन प्रदेश होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को भी सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जरूरी है.
होटल मालिकों को चेताया जारी रहेगी चेकिंग: अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि-

जग्गी ने कहा कि विभाग ने खाद्य कारोबारियों को भी चेताया है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है.
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त का बयान: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि-

एनालॉग पनीर और गैर दुग्ध पदार्थों पर विशेष नजर: एनालॉग पनीर, गैर-दुग्ध उत्पादों या किसी भी प्रकार की मिलावटी और गैर-मानक खाद्य सामग्री के इस्तेमाल या बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा. ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में प्रभावी कार्रवाई होगी. उन्होंने अधिकारियों को होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिठाई प्रतिष्ठानों समेत सभी खाद्य कारोबारियों की नियमित और औचक जांच जारी रखने के निर्देश दिए हैं.
एनालॉग पनीर क्या है? एनालॉग पनीर एक कृत्रिम या नकली खाद्य उत्पाद है, जो दिखने और स्वाद में असली पनीर जैसा होता है. इसे दूध के बजाय पाम ऑयल जैसे सस्ते वनस्पति तेल, स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर और केमिकल्स मिलाकर तैयार होता है. ये स्वास्थ्य को हानिकारक हो सकता है.
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर एक्शन, तीन रेस्टोरेंट कराए गए बंद, लैब भेजे गए सैंपल
फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन करने पर देहरादून में तीन रेस्टोरेंट बंद कर दिए गए. खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार ऐसी कार्रवाई कर रहा है.
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन
लोगों की थाली तक पहुंच रहे दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ पर अभियान चला रहा है. अभियान में खाद्य प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता के साथ-साथ किचन की स्वच्छता, खाद्य लाइसेंस, कच्चे माल के स्रोत, खरीद के बिल, पैकेजिंग और लेबलिंग की जांच की गई. राजधानी देहरादून के तीन रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आने पर उन्हें मौके पर ही बंद करा दिया गया.
दूध और पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच को लैब भेजे गए हैं. ऐसे में जांच रिपोर्ट के आधार पर इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर विभागीय टीमों ने होटल, रेस्टोरेंट, दुग्ध प्रतिष्ठानों और अन्य खाद्य कारोबारियों के यहां सघन निरीक्षण किया. खासतौर पर पनीर, दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और इनके वास्तविक स्रोत पर फोकस किया गया. खाद्य पदार्थों में मिलावट, अनधिकृत दुग्ध उत्पादों का इस्तेमाल और स्वच्छता मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी.
वहीं, अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि, अभियान में तीन बड़े होटल के किचन और स्टोर का निरीक्षण किया गया. टीम ने खाद्य सामग्री के स्रोत, खरीद के बिल, लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि और पैकेजिंग की जांच की. निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी पैक्ड इमली की लेबलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर निर्माता को नोटिस जारी किया गया. साथ ही तैयार दाल के दो और चीज का एक सैंपल जांच के लिए लिया गया.
राजपुर रोड स्थित वन विभाग कार्यालय के बाहर संचालित रेस्टोरेंटों में भी टीम ने छापेमारी की. यहां दो रेस्टोरेंट के किचन में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां मिलीं. खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार होने तक इन्हें बंद रखने के निर्देश दिए गए. एक रेस्टोरेंट से खुले पनीर का नमूना लेकर उसके वास्तविक घटकों और गुणवत्ता की जांच शुरू की गई. वहीं, एक अन्य प्रतिष्ठान में मौके पर वैध खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था और किचन में भी गंभीर गंदगी मिली. नियमों का पालन होने तक खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए. खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर तीन रेस्टोरेंटों को मौके पर बंद कराया गया.
इसके अलावा, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम, देहरादून रमेश सिंह के नेतृत्व में एफडीए की टीम ने नेहरू ग्राम और छह नंबर पुलिया क्षेत्र के दुग्ध प्रतिष्ठानों में इंस्पेक्शन किया. संदेह के आधार पर मौके से दूध और पनीर का सैंपल लिया. विभाग के अनुसार, सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच को भेजा जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता में कमी या मिलावट पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर कानूनी कार्रवाई होगी. सरकार की इस कार्रवाई का संदेश साफ है जनता की थाली में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों को अब कोई ढील नहीं है.
वहीं, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभागीय आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि,

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