पुरानी पेंशन स्‍कीम की वापसी से सरकार की “ना”,विकल्प भी बताया

पुरानी पेंशन स्‍कीम की होगी वापसी? सरकार कर द‍िया साफ, रास्‍ता भी बता द‍िया

नई दिल्ली 11 अगस्त 2026। Old Pension Scheme पर केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है. साफ कहा है क‍ि हम तो इसे फ‍िर चालू नहीं करने वाले. हां, राज्‍य सरकार चलाना चाहते हैं तो वे स्‍वतंत्र हैं. लेकिन इसी के साथ केंद्र ने राज्‍यों को सीएजी की र‍िपोर्ट भी द‍िखाई.

केंद्रीय कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं. इस बीच केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि ओल्ड पेंशन स्कीम की वापसी होगी या नहीं. लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार ने OPS से दूरी इसलिए बनाई थी क्योंकि यह सरकारी खजाने पर असहनीय बोझ डाल रही थी. लेकिन सरकार ने रास्‍ता भी बता द‍िया क‍ि अगर यह लागू होगी तो कैसे.

पुरानी पेंशन स्कीम की होगी वापसी सरकार कर दिया साफ, रास्ता भी बता दिया
सरकार ने संसद में बताया कि ओल्ड पेंशन स्कीम की अब वापसी नहीं होगी.

केंद्र ने संसद कहा क‍ि राज्य अपने स्तर पर OPS बहाल कर रहे हैं, यह उनका अपना फैसला है. वे इसके ल‍िए स्वतंत्र हैं. लेकिन सीएजी की स्टेट फाइनेंस ऑडिट रिपोर्ट्स कहती हैं क‍ि ऐसा करना राज्यों की इकोनॉमी के ल‍िए बेहद खतरनाक साब‍ित हो सकता है.

‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम’ है व‍िकल्‍प

सरकार ने कर्मचारियों की चिंता समझते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम की जगह ‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS पेश क‍िया है. सरकार र‍िटायरमेंट के बाद की जरूरतें समझती है, इसल‍िए इस स्‍कीम में खास प्रावधान क‍िए गए हैं. यह योजना कर्मचारियों को महंगाई से जुड़ी तयशुदा पेंशन की गारंटी देती है और कम से कम 10,000 रुपये प्रति माह के न्यूनतम भुगतान का भरोसा प्रदान करती है.

OPS और NPS में आख‍िर अंतर क्‍या

इस पूरे विवाद की जड़ OPS और NPS के काम करने के तरीके का अंतर है. पुरानी पेंशन योजना यानी OPS पूरी तरह से डिफाइंड बेनिफिट व्यवस्था थी, जिसका भुगतान सीधे सरकार के वार्षिक बजट और टैक्सपेयर्स के पैसे से किया जाता था और कर्मचारी को अपने वेतन से कोई अंशदान नहीं देना पड़ता था. इसके विपरीत, NPS एक ‘डिफाइंड कॉन्ट्रिब्यूशन’ व्यवस्था है, जिसमें कर्मचारी और सरकार दोनों मिलकर पेंशन खाते में अंशदान करते हैं और उस पैसे को बाजार में निवेश किया जाता है. केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 से सशस्त्र बलों को छोड़कर बाकी सभी नए भर्ती कर्मचारियों के लिए OPS बंद करके NPS अनिवार्य किया था.

NPS से आखिर क्यों नाराज कर्मचारी?

कर्मचारी संगठनों का विरोध NPS में मिलने वाली पेंशन की अनिश्चितता को लेकर है. NPS में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन पहले से तय नहीं होती, बल्कि यह रिटायरमेंट के समय जमा हुए कुल फंड और उस समय की एन्युटी दरों और बाजार के रिटर्न पर निर्भर करती है. इससे यह स्थिति पैदा हो गई कि एक समान पद और समान वर्षों तक सेवा देने वाले दो कर्मचारियों को बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण अलग-अलग पेंशन मिल सकती थी. कर्मचारी यूनियनों ने संसद के जरिए बाजार के जोखिमों और घटती एन्युटी दरों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था.

UPS में कितनी मिलेगी पेंशन?

UPS की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कम से कम 25 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत आजीवन सुनिश्चित भुगतान के रूप में दिया जाता है. उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का आखिरी 12 महीनों का औसत मूल वेतन 80,000 रुपये है, तो उसे 40,000 रुपये प्रति माह की सुनिश्चित पेंशन मिलेगी. वहीं, जिन कर्मचारियों की सेवा 10 से 25 वर्ष के बीच होगी, उन्हें उनकी सेवा अवधि के अनुपात में पेंशन दी जाएगी.

न्यूनतम 10,000 पेंशन और DR का डबल फायदा

UPS के तहत उन कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है जिनकी सेवा अवधि कम रही है. कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी करने पर न्यूनतम 10,000 रुपये प्रति माह की सुनिश्चित पेंशन तय की गई है. इसके अलावा, NPS की खामी को दूर करते हुए UPS में महंगाई का असर कम करने के लिए महंगाई राहत यानी डीआर की व्यवस्था जोड़ी गई है. यह महंगाई राहत सुनिश्चित पेंशन, न्यूनतम पेंशन और पारिवारिक पेंशन तीनों पर लागू होगी, जिससे बढ़ती महंगाई के साथ पेंशन की क्रय शक्ति बनी रहेगी.

जीवनसाथी को 60% पारिवारिक पेंशन

कर्मचारी की अचानक मौत होने पर उसके आश्रित परिवार को आर्थिक संकट से बचाने को UPS में पारिवारिक पेंशन का मजबूत नियम बनाया गया है. यदि सेवाकाल के बाद पेंशनभोगी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके वैध रूप से विवाहित जीवनसाथी (पति या पत्नी) को कर्मचारी की अंतिम तयशुदा पेंशन का 60 प्रतिशत हिस्सा पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा. इसके साथ ही जीवनसाथी को नियमानुसार महंगाई राहत (DR) का लाभ भी मिलता रहेगा, जिससे परिवार का भरण-पोषण सुरक्षित रहेगा.

रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी के अलावा मिलेगा एक्स्ट्रा एकमुश्त पैसा

UPS में लाभ केवल मासिक पेंशन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रिटायरमेंट के समय एक अतिरिक्त एकमुश्त रकम भी दी जाएगी. यह भुगतान कर्मचारी को मिलने वाली ग्रेच्युटी से पूरी तरह अलग और अतिरिक्त होगा. इसकी गणना कर्मचारी की सेवा के हर छह महीने के बदले एक महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता के 10वें हिस्से के आधार पर की जाएगी. सरकार ने साफ किया है कि इस एकमुश्त निकासी का कर्मचारी की मासिक 50% सुनिश्चित पेंशन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.

 

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