टीसीआई ने स्वास्थ्य, नेत्र जांच और सड़क सुरक्षा पहलों के साथ मनाया ड्राइवर डिग्निटी डे 2026
टीसीआई ने स्वास्थ्य, नेत्र जांच और सड़क सुरक्षा पहलों के साथ मनाया ड्राइवर डिग्निटी डे 2026
सात राज्यों में कार्यक्रमों से 1280 ड्राइवर लाभान्वित
हरिद्वार 18 सितंबर 2026 -ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआई) ने ड्राइवरों के योगदान को सम्मान देते हुए और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए ड्राइवर डिग्निटी डे 2026 मनाया।
इस अवसर पर
टीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री मनोज त्रिपाठी
ने कहा, “भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) को सुचारू रूप से बनाए रखने में ड्राइवरों की भूमिका बेहद अहम है। ड्राइवर डिग्निटी डे उनके योगदान को सम्मान देने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का अवसर है। स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच पहलों, ड्राइवर सम्मान और टीसीआई सेफ सफर के माध्यम से हमारा लक्ष्य अपने ड्राइवरों को सहयोग देना और एक अधिक सुरक्षित लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।”
इस अवसर पर टीसीआई ने सात राज्यों के विभिन्न स्थानों पर 1280 ड्राइवरों के लिए रेगुलर स्वास्थ्य जांच, नेत्र परीक्षण, चिकित्सक परामर्श और स्वास्थ्य काउंसलिंग का आयोजन किया। इन पहलों का उद्देश्य निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए अच्छे स्वास्थ्य एवं बेहतर दृष्टि के महत्व को रेखांकित करना था।
टीसीआई सेफ सफर के अंतर्गत ड्राइवरों ने सड़क सुरक्षा जागरूकता सत्रों में हिस्सा लिया, जिनमें शराब पीकर वाहन न चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचने और गति सीमा का पालन करने जैसी अहम बातों पर जोर दिया गया। ड्राइवरों को उनके योगदान के लिए प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए गए, वहीं कार्यक्रमों के दौरान जलपान की व्यवस्था की गई। आयोजन के तहत लोकेशन इंचार्ज ने ड्राइवरों का स्वागत किया और उनसे संवाद किया।
- ये गतिविधियां सात राज्यों के कई स्थानों पर आयोजित की गईं, जिनमें हरियाणा में ताज नगर और पटौदी, पंजाब में राजपुरा, उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद, महाराष्ट्र में भिवंडी, गुजरात में सानंद, कर्नाटक में बिदादी, तथा उत्तराखंड में हरिद्वार और रुद्रपुर सहित अन्य स्थान शामिल रहे।

टीसीआई ड्राइवरों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण पर केंद्रित पहलें नियमित रूप से करती रहती है, ताकि ऐसी संस्कृति को बढ़ावा मिले जो भारत को गतिशील बनाए रखने वाले लोगों को पहचान भी दे और सहयोग भी।


