लस्ट जिहाद:ऋषिकेश बालिका रेप में सोफियान, होटल मालिक,संचालक बंदी

ऋषिकेश बच्ची से दुष्कर्म केस, 24 घंटे में मुख्य आरोपित के साथ होटल मैनेजर और संचालक भी बंदी

ऋषिकेश 01 सितंबर 2026 : तीर्थनगरी ऋषिकेश में 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मुख्य आरोपित समेत होटल के मैनेजर और संचालक बंदी कर लिये हैं. पुलिस के अनुसार,  घटना सामने आने के  24 घंटे में ये तीनों बंदी कर लिये गये ।  जांच में होटल प्रबंधन की मिलीभगत सामने आने पर पुलिस ने मैनेजर और संचालक पकड़ मामले में संबंधित धारायें बढ़ाई हैं. पुलिस ने होटल का लाइसेंस निरस्त करने को सराय एक्ट में उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को रिपोर्ट भी भेज दी है.

29 अगस्त को होटल ले जाने का आरोप: देहरादून पुलिस अधीक्षक देहात जया बलूनी के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 30 अगस्त 2026 को कोतवाली ऋषिकेश में दी लिखित शिकायत  में आरोप लगाया था कि 29 अगस्त को मुजफ्फरनगर का 21 वर्षीय युवक सोफियान  उनकी 16 वर्षीय अवयस्क बेटी को बहला-फुसलाकर पुराने रेलवे स्टेशन के पास चेला चेतराम रोड पर होटल ले गया. होटल में युवक ने बच्ची मारपीट कर उससे दुष्कर्म किया. घटना के बाद किशोरी की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार को एम्स ऋषिकेश लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया.  गंभीरता प्रकरण देख पुलिस ने तत्काल मुकदमा लिख जांच शुरू की.

ऋषिकेश वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी ने बताया प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता और आरोपी के बीच संपर्क सोशल मीडिया ऐप Snapchat के माध्यम से हुआ था. आरोपित  बाहरी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है. घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून से फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया. टीम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए , जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया.

24 घंटे में मुख्य आरोपित के साथ होटल मैनेजर और संचालक भी बंदी
POCSO समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा: ऋषिकेश पुलिस ने शुरुआत में धारा 137(2), 65, 115(2), 123 बीएनएस और धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा लिखा था. मामला गंभीर देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर आरोपित की पकड़कर को तत्काल पुलिस टीम गठित हुई.

हरिद्वार में फ्लाईओवर के नीचे से मुख्य आरोपित बंदी: मुख्य आरोपित सोफियान की तलाश में पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापे मारे. इसी बीच 31 अगस्त 2026 को गुप्त सूचना पर पुलिस ने आरोपित को हरिद्वार क्षेत्र में सिंहद्वार फ्लाईओवर के नीचे से पकड़ा. पुलिस के अनुसार, आरोपित से मोबाइल फोन ले लिया गया. पुलिस का दावा है कि मोबाइल की जांच में प्रकरण संबंधित पीड़िता के फोटो और वीडियो भी मिले हैं. इन डिजिटल साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है.

जांच में होटल प्रबंधन की मिलीभगत भी स्पष्ट: मुख्य आरोपित से पूछताछ और अब तक जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस को होटल में बच्ची आने देने से संबंधित गंभीर तथ्य सामने आए. पुलिस के  अनुसार , प्रकरण में बच्ची को होटल में उचित पहचान एवं सत्यापन बिना और आवश्यक रजिस्टर प्रविष्टि बगैर  आने दिया गया था.

इतना ही नहीं, पुलिस का कहना है कि होटल प्रबंधन को रेप का पता था फिर भी  इसकी सूचना पुलिस और संबंधित सहायता एजेंसी को नहीं दी. जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि बच्ची से बाहर ले जाते होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद करना भी सामने आया. इन तथ्यों पर पुलिस ने होटल मैनेजर 34 वर्षीय वैभव गुप्ता   और होटल संचालक 36 वर्षीय राहुल अग्रवाल (दोनों निवासी ऋषिकेश) को पूछताछ को अभिरक्षा में लिया.

पूछताछ बाद मैनेजर और संचालक भी बंदी: पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों पर दोनों की रेप में मिलीभगत पर होटल मैनेजर और संचालक को भी बंदी किया गया.

मामले में अब धारा 5/6/15/16/19/21 पॉक्सो एक्ट और धारा 61(2)/238 बीएनएस  बढ़ाई गई है. इस तरह मामले में पुलिस ने अब तक कुल तीन आरोपियों मुख्य आरोपित, होटल मैनेजर और होटल संचालक को बंदी किया है.

होटल का लाइसेंस निरस्त होगा: पुलिस ने मामले में होटल प्रबंधन की मिलीभगत सामने आने पर होटल लाइसेंस निरस्त कराने को कार्रवाई शुरू कर दी है. इसको सराय एक्ट में उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को रपट भेजी गई है. अब प्रशासन रिपोर्ट के आधार पर होटल लाइसेंस पर आगे कार्रवाई करेगा.

महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एम्स पहुंचकर जाना पीड़िता का हाल
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पुलिस अधीक्षक देहात जया बलूनी और कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट से फोन पर घटना की जानकारी ली।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर नाबालिग छात्रा को ऋषिकेश में ही आकर बहला-फुसलाकर होटल में बुलाना और फिर नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करना एक सोचे-समझे षडयंत्र का हिस्सा लगता है।

उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष नजर रखने की अपील की। होटल प्रबंधन की भूमिका पर सख्त रुख अपनाते हुए अध्यक्ष ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर प्रदेश के सभी होटलों में कम से कम तीन माह का सीसीटीवी बैकअप अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। इससे पुलिस, महिला आयोग और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को संदिग्ध गतिविधियों की जांच में मदद मिल सकेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वैध पहचान पत्र और आयु सत्यापन के बिना नाबालिगों को कमरा देने वाले होटलों को चिह्नित कर उनके खिलाफ पॉक्सो सहित अन्य संबंधित धाराओं में सह-अभियुक्त के रूप में कार्रवाई की जाए।

होटल में तोड़फोड़
अतिरिक्त रकम लेकर अधूरे दस्तावेजों पर कमरे देते हैं

पुराने रेलवे स्टेशन के समीप चेला चेतराम मार्ग पर  होटल में बच्ची से रेप की जांच में होटल की संदिग्ध काले कारोबार की परतें खुल रही हैं। होटल का इस्तेमाल अनैतिक गतिविधियों में होने की बात सामने आने पर होटल मालिक और मैनेजर की भूमिका भी संदेह में है।  होटल में अतिरिक्त रकम लेकर कमरों की बुकिंग होती थी और पहचान  अभिलेख की जांच नहीं होती ।

आक्रोशित लोग
होटल की निगरानी व्यवस्था भी संदेह के घेरे में

जांच  ने मामला गंभीर बना दिया। होटल संचालक को युवक के मुस्लिम और किशोरी के अवयस्क होने की जानकारी थी। फिर भी अतिरिक्त रकम ले कमरा दिया गया। और पहचान संबंधी पूरे अभिलेख भी नहीं लिए गए। होटल की निगरानी व्यवस्था भी नही  है। जांच में सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर बंद किए जाने और उसके पीछे बिजली नहीं होने के बहाना बनाया। कमरों के लिए सामान्य किराये से अतिरिक्त रकम वसूली जाती थी। पुलिस होटल में अनैतिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

मौके पर मौजूद पुलिस
रेप कर नाबालिग का वीडियो बनाया

रेप बाद नाबालिग का वीडियो बनाया गया है। बताया जा रहा है कि वीडियो बनाते आरोपित हंस रहा था। पुलिस आरोपित और उसके दोस्त के मोबाइल फोन ट्रेस कर डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां पता कर रही हैं कि घटना में मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड हुआ या नहीं । रिकॉर्डिंग हुई तो उसे किसी अन्य के साथ साझा किया गया या नही।

वहीं आज सुबह तक आरोपित पकड़े  ना जाने से लोगों का गुस्सा भड़क चुका था. लोगों ने होटल पर विरोध प्रदर्शन कर तोड़फोड़ भी की थी.

*विवरण बंदी अभियुक्त :-*

1-सोफियान (पुत्र तुफैल अहमद, निवासी ग्राम गढ़ी, थाना जानसठ, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, उम्र 21 वर्ष)।
2-वैभव गुप्ता (पुत्र देवेंद्र गुप्ता, निवासी मार्ग नं0-02, देहरादून रोड, ऋषिकेश, उम्र 34 वर्ष)
3-राहुल अग्रवाल (पुत्र विनोद अग्रवाल, निवासी अद्वैतानंद मार्ग, ऋषिकेश, उम्र 36 वर्ष)।

*पुलिस टीम:-*

1- प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिह बिष्ट, कोतवाली ऋषिकेश
2- वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी, कोतवाली ऋषिकेश
3- उप निरीक्षक विकसित पंवार
4- उप निरीक्षक राजकुमार
5- उप निरीक्षक निखलेश बिष्ट
6- महिला उप निरीक्षक ज्योति शर्मा
7- हेड कांस्टेबल सन्दीप राठी
8- कांस्टेबल तेज सिह
9- कांस्टेबल अभिषेक
10- कांस्टेबल हिमाशु

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