किच्छा में बेहड को थप्पड, राजेश शुक्ल को थप्पड मार शुरुआत तो बेहड ने ही की

किच्छा पालिका चुनाव में बवाल, विवाद के दौरान विधायक बेहड़ को जड़ा थप्पड़, देर रात मतपेटियां जमा करने पर फिर हंगामा

किच्छा 23 सितंबर 2026 । नगर पालिका चुनाव में सोमवार को किच्छा में बवाल हो गया। मंडी समिति में बने स्ट्रांग रूम में मौजूद विधायक तिलकराज बेहड़ और प्रत्याशी से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की भिड़ंत हो गई। देर शाम यह मामला शांत होने के बाद एक बार फिर देर रात  मतपेटियां जमा करते समय फिर हंगामा हो गया।
इससे पहले दोपहर में मतदान में शुक्ला और बेहड़ में जमकर कहासुनी हो गई। इसी बीच पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थक ने विधायक बेहड़ पर हाथ छोड़ दिया। फिर जमकर धक्का मुक्की हुई। अधिकारियों और पुलिस ने बीच बचाव किया।
घटना के विरोध में विधायक बेहड़ धरने पर बैठ गए। इधर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। पुलिस ने तत्काल राजेश शुक्ला को हिरासत में सिडकुल चौकी पहुंचाया। वहीं, विधायक बेहड़ को भी हिरासत में लेकर कोतवाली किच्छा में बैठा दिया। देर शाम सबको छोड़ दिया गया।
मंगलवार किच्छा और सिरौलीकलां में नगर पालिका चुनाव में मतदान था। सुबह आठ बजे से ही मतदान शुरू हुआ। सुबह तेज गति से मतदान के बाद दोपहर में धीमी गति से वोट पड़ेह वहीं करीब दो बजे से फिर तेजी आई।
वोटिंग में कई बार बूथों पर वोट डालते मतदाताओं को रोकने आदि के आरोपों को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह और पुलिस अधिकाइयों में झड़प भी हुई।
हल्की नोंकझोंक और तनातनी के बीच चलते चुनाव में शाम चार बजे विधायक तिलकराज बेहड़ और प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह मंडी समिति स्ट्रांग रूम पहुंचे।
यहां उन्होंने मतदान वाले बाॅक्स रखते परदे लगाने का विरोध किया। इसमें अधिकारियों और विधायक में कई बार कहासुनी हो गई।
विधायक बेहड ने कहा कि पर्दे से पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। कुछ देर में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी अपने समर्थकों के साथ मंडी समिति आ धमके और उनकी विधायक बेहड़ से कहासुनी शुरू हो गई।
दोनों की भिड़ंत में राजेश शुक्ला के साथ के युवक ने विधायक बेहड़ पर हाथ छोड़ दिया। इससे गर्मागर्मी और  तनातनी के बीच विधायक बेहड़ समर्थकों संग धरने पर बैठ गए।
जवाब में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी अपने समर्थकों संग धरने पर बैठ गए। पुलिस ने बिगड़ती स्थिति में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को  हिरासत में ले सिडकुल चौकी पहुंचा दिया। इधर धरने पर बैठे विधायक तिलकराज बेहड़ बेहोश हो गए।
कार्यकर्ताओं ने उन्हें जैसे तैसे संभाला। उनके होश में आते ही पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले कोतवाली बैठा दिया।
मुझे थप्पड़ मारा गया है, मैं तहरीर दूंगा : बेहड़
विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा है कि वे वहां अपनी बात रखने गए थे। अधिकारियों को अपनी बात बता भी दी। इसी बीच पूर्व विधायक राजेश शुक्ला समर्थकों संग पहुंचे और नाराज हो सीधे उनसे आ भिड़े । तभी उन्हें धक्का और थप्पड़ मारा गया। वे पुलिस को लिखित शिकायत देंगें।

देर रात मतपेटियां जमा करते कांग्रेस प्रत्याशी बाहर निकालने पर हंगामा

विधायक और पूर्व विधायक को हिरासत में लेने से शांत हुआ वातावरण फिर गर्मा गया। कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने स्ट्रांग रूम में मतपेटियां जमा करते बिना स्ट्रांग रूम बंद किए उनको बाहर करने का आरोप लगाया।
पूर्व विधायक रुद्रपुर राजकुमार ठुकराल व कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के हंगामे के बाद पुलिस ने उनको बाहर धकेल दिया।
राजेश प्रताप सिंह ने प्रशासन पर मतपेटियां बदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा पुलिस का इस्तेमाल कर मतपेटियां बदल रही है। पुलिस ने हंगामा करते कांग्रेस प्रत्याशी को हटाने का प्रयास किया परंतु वह वहां से नहीं उठे।

निकाय चुनाव महासंग्राम: सच में बदली आशंका… 10 बिंदू में पूरा घटनाक्रम

किच्छा नगर पालिका चुनाव में स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला में जमकर बवाल हुआ।

रविवार को प्रचार समाप्त होते ही विधायक तिलक राज बेहड़ व पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच संवादहीनता संभाल पाने में प्रशासन विफल रहा।
नगर पालिका चुनाव में जैसी आशंका थी, मतदान के अंतिम समय वही हो भी गया। स्ट्रांग रूम के बाहर पर्दे लगाने का विरोध करते विधायक तिलक राज बेहड़ और भाजपा से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए। कहासुनी, धक्का-मुक्की और फिर हाथापायी। इस बीच पूर्व विधायक शुक्ला के समर्थक ने विधायक बेहड़ पर हमला कर उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।
अधिकारियों के बीचबचाव के बाद विधायक बेहड़ मंडी परिसर में धरने पर बैठे गए तो पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी दूसरी तरफ धरना देने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठियां फटकारी व शुक्ला को हिरासत में लेकर सिडकुल चौकी पहुंचा दिया। विधायक बेहड़ धरनास्थल पर बेहोश हो गए। कुछ देर बाद होश में आने पर पुलिस ने उनको भी हिरासत में कोतवाली पहुंचा दिया। करीब एक घंटे बाद दोनों को छोड़ा गया।
मंगलवार को नगर पालिका चुनाव के लिए मतदान चल रहा था।
भाजपा ने कांग्रेस विधायक बेहड़ पर एक बूथ पर कुर्सी डालकर बैठने और मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। शाम चार बजे के दौरान अचानक विधायक बेहड़ को स्ट्रांग रूम के बाहर पर्दे लगाने की सूचना मिली तो वह प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के साथ मंडी समिति पहुंच गए। विरोध करने पर बेहड़ की आरओ हिमांशु कफल्टिया से तीखी नोकझोंक हो गई।
आरओ ने सबको मतगणना स्थल से बाहर होने को कह दिया। विधायक बेहड़ स्ट्रांग रूम के बाहर आ गए और कुर्सी डालकर बैठ गए। इधर, एसपी काशीपुर, सीओ काशीपुर सहित भारी फोर्स वहां तैनात कर दिया गया। विधायक बेहड़ के स्ट्रांग रूम पर मौजूद होने की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी समर्थकों संग वहां पहुंच गए। वह कार से उतरते ही भड़कते हुए पहुंचे और बेहड़ की मौजूदगी का विरोध जताते हुए हंगामा कर दिया। पूर्व विधायक की आक्रामकता से दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए।
धक्का-मुक्की हुई तो अधिकारी और पुलिसकर्मी बीच-बचाव में जुट गए। इसी बीच पूर्व विधायक शुक्ला के समर्थक ने विधायक बेहड़ पर हाथ छोड़ दिया। इससे दोनों पक्षों में तनातनी हो गई।
रविवार शाम विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेस कांफ्रेस कर स्ट्रांग रूम में मतपेटियों की सुरक्षा की मांग रखी। उसके बाद पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की भी प्रतिक्रिया सामने आ गई। रविवार शाम से ही दोनों में आरोप प्रत्यारोप प्रारंभ हो गया । जिसके चलते टकराव की आशंका दिखने लगी थी।
मतदान बीच दोपहर एक बजे कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह का पुलिस से टकराव हुआ। इधर, भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी एक बूथ पर कांग्रेस विधायक बेहड़ की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। फिर दोपहर तीन बजे अचानक स्ट्रांग रूम के सामने पर्दे लगाये जाने की जानकारी मिलने पर विधायक बेहड़ मंडी समिति पहुंचे और अपनी आपत्ति जताई। पर्दे तो हट गए लेकिन वहां फिर से पर्दे लगाए जाने की आशंका पर विधायक बेहड़ स्ट्रांग रूम के बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए। इसकी जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला वहां पहुंचे तो वातावरण गर्मा गया।
इन सब गतिविधियों में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मतदान प्रक्रिया देखने बूथों पर पहुंचे तो थे लेकिन दोनों के बीच  कटुता नहीं समझ सके। पुलिस ने समय रहते वहां सावधानी और कठोरता दिखाई होती तो वातावरण इतना खराब नहीं होता।
पूर्व विधायक जिस आक्रामकता से स्ट्रांग रूम पर पहुंचे, अगर पुलिस ने उन्हे अंदर आने से रोक लिया होता तो यह घटनाक्रम बवाल में नहीं बदलता और दोनों पक्ष अलग -अलग अपनी बात करते रहते। न रोक पाने का परिणाम पूर्व विधायक शुक्ला की आड़ में समर्थक के विधायक बेहड़ को थप्पड़ मारने की घटना के रूप में सामने आ गया। प्रशासन लगातार दोनों में चलते वाक युद्ध का आंकलन कर अपना होमवर्क करता तो शायद इस टकराव से बच सकता था।

किच्छा में बेहड़-शुक्ला की राजनीतिक प्रतिद्वंदिता फिर गरमाई, 2011 की घटना दोहराई, नया नहीं है दोनों के बीच संघर्ष 

किच्छा नगर पालिका चुनाव में मतदान में विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला में थप्पड़ मारने जैसी घटना सामने आई है। यह घटना 2011 में रामलीला मैदान विवाद में हुई ऐसी ही एक पुरानी राजनीतिक शत्रुता की याद दिलाती है।

नगर पालिका परिषद किच्छा और सिरौलीकलां के मतदान में मंगलवार जैसा बवाल हुआ, उसने एक बार फिर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला में चली आ रही पुरानी राजनीतिक शत्रुता चर्चा में ला दी है।
बताते हैं कि वर्ष 2011 में रामलीला मैदान के विवाद को लेकर दोनों आमने -सामने आ गए थे। तब आरोप था कि बेहड़ ने राजेश शुक्ला को थप्पड़ जड़ दिया था। तब यह प्रकरण पूरे प्रदेश की राजनीतिक में चर्चा का केंद्र बन गया था।

किच्छा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति विधायक बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के इर्द- गिर्द घूमती रही है। अक्सर दोनों में किसी न किसी विषय को लेकर तनातनी रहती है। कई बार तो टकराहट भाषाई मर्यादा भी लांघ जाती है।
मंगलवार को निकाय चुनाव के मतदान में शाम को एकाएक हुआ घटनाक्रम और विधायक के थप्पड़ जड़ने जैसी आश्चर्यजनक घटना सामने आई, उसने राजनीतिक गलियारों में वर्ष 2011 की घटना को भी चर्चा में ला दिया।

वर्ष 2011 में रुद्रपुर के भदईपुरा में श्रीरामलीला मैदान को लेकर विवाद हुआ था। इसे लेकर विधायक तिलकराज बेहड़ और राजेश शुक्ला में काफी कहासुनी हो गई थी।

आरोप था कि गुस्से में तिलक राज बेहड़ ने राजेश शुक्ला को थप्पड़ मार दिया था। 15 साल बाद अब किच्छा नगर पालिका चुनाव में मंगलवार को थप्पड़ मारने जैसी घटना सामने आई है।

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