12 वर्ष में फ्रैजाइल 5 से 5 सबसे तेजी से बढी इकोनॉमी में आया भारत:मोदी

What Is Fragile Five India Was Part Pm Modi Red Fort Speech Why India Was Included
‘फ्रैजाइल फाइव’ क्या है, जिसमें कभी भारत भी था शामिल? PM मोदी ने लाल किले से किया उल्लेख, जानें क्यों मिली थी ये लज्जाजनक पहचान
कभी ‘फ्रैजाइल फाइव’ में शामिल भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में कैसे पहुंचा? प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से 12 साल के आर्थिक परिवर्तन का उल्लेख किया।

नई दिल्ली 15 अगस्त 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने भारत की आर्थिक यात्रा का जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत दुनिया की ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं से निकलकर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत का यह बदलाव देश के लोगों के प्रयासों से संभव हुआ है।

PM मोदी ने लाल किले से किया ‘फ्रैजाइल फाइव’का उल्लेख 

क्या है ‘ Fragile Five ’?
‘फ्रैजाइल फाइव’ शब्द वैश्विक निवेश बैंक ‘मॉर्गन स्टेनली’ ने साल 2013 में दिया था। इसमें पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं को रखा गया था, जिन्हें बाहरी वित्तीय झटकों के प्रति खास तौर पर संवेदनशील माना जाता था। उस समय इस समूह में भारत के साथ ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की शामिल थे। यह ऐसा दौर था जब इन अर्थव्यवस्थाओं में विदेशी पूंजी के प्रवाह में अचानक बदलाव का असर पड़ने का खतरा अधिक माना जाता था।

भारत ‘फ्रैजाइल फाइव’ में क्यों शामिल हुआ था?
भारत को इस समूह में शामिल किए जाने के पीछे कई आर्थिक चिंताएं थीं। उस समय देश में महंगाई काफी ऊंची थी। चालू खाते का घाटा बढ़ रहा था। रुपये पर दबाव था। भारत विदेशी पूंजी पर भी काफी निर्भर था। ऐसे में वैश्विक पूंजी के प्रवाह में अचानक बदलाव भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता था। इन्हीं कमजोरियों के चलते मॉर्गन स्टेनली ने भारत को ‘Fragile Five’ में रखा था।

2014 में भारत इस समूह से बाहर निकला
भारत 2014 में ‘फ्रैजाइल फाइव’ की सूची से बाहर निकल गया। इस दौरान देश के बाहरी आर्थिक संतुलन में सुधार हुआ और विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत हुआ। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने भी भारत में आए इस बदलाव को रेखांकित किया था। IMF के मुताबिक, उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारत ने सबसे तेज मैक्रोइकोनॉमिक बदलाव दर्ज किया था।

मोदी और BJP UPA दौर से करते रहे तुलना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अक्सर ‘फ्रैजाइल फाइव’ के इस संदर्भ का इस्तेमाल करते रहे हैं। इसके जरिए वे UPA दौर की आर्थिक स्थिति की तुलना 2014 के बाद भारत की आर्थिक प्रगति से करते हैं। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भी इसी बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में ‘फ्रैजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने तक का सफर तय किया है।

2047 तक विकसित देश बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने का लक्ष्य भी दोहराया। उन्होंने कहा कि 1947 में आजादी मिलने के बाद से भारत की बड़ी आकांक्षाएं रही हैं, लेकिन कई बार देश की प्रगति उस गति से नहीं हो सकी, जिसकी उम्मीद थी। अब भारत अभूतपूर्व गति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प किसी भी ताकत से रोका नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय करता है तो इसका दुनिया पर बड़ा संदेश जाता है और इससे भारत को देखने का नजरिया भी बदल रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब महान बनता है, जब वह अपनी उपलब्धियां हासिल करता है।

रक्षा उत्पादन चार गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सात गुना
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स और रेलवे के क्षेत्र में हुई प्रगति को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन चार गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना वृद्धि हुई है। आधुनिक रेलवे कोच के उत्पादन में 21 गुना बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन आंकड़ों को भारत की बदलती आर्थिक और औद्योगिक क्षमता से जोड़ते हुए देश की प्रगति का उदाहरण बताया।

रक्षा उत्पादन में हो रही वृद्धि का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नयी पीढ़ी की रक्षा प्रौद्योगिकी विकसित करके हमें वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में लक्ष्य लेकर चलना है। हमें ड्रोन, तथा ड्रोन रोधी प्रणाली विकसित करनी होगी और हाइपरसोनिक रक्षा प्रौद्योगिकी में नेतृत्व करना होगा। मोदी ने देश में रक्षा उत्पादन में हो रही वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनौती आंतरिक या बाहर, भारत हर परिस्थिति को तैयार है।

बदल गए युद्ध के तरीके
उन्होंने कहा कि आज युद्ध की प्रकृति बदल रही है। अब युद्ध सीमा पर ही होता है, यह गारंटी नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब युद्ध में रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर, डाटा सेंटर निशाना बनाये जा रहे हैं और मौलिक अवसंरचनायें व कारखानें नष्ट किये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की विकास की सप्तधारायें
मोदी ने भारत के आर्थिक और रणनीतिक उत्थान को एक रोडमैप भी बताया। उन्होंने विकास की सप्तधाराओं का उल्लेख किया, जिनसे देश को आगे बढ़ाने की योजना है।प्रधानमंत्री ने ‘सप्तधारा’ में विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, बुनियादी ढांचा, रक्षा, हरित एवं समुद्री अर्थव्यवस्था तथा ‘सॉफ्ट पावर’ को प्रमुख क्षेत्र बताया।
मोदी ने सी-295 सैन्य परिवहन विमान परियोजना का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मेड-इन-इंडिया’  किया रेखांकित
उन्होंने कहा कि हमने ‘मेड-इन-इंडिया’ विमान के निर्माण की दिशा में सफलता हासिल की है। ‘मेड-इन-इंडिया’ रक्षा परिवहन विमान सी-295 पहले ही उड़ान भर चुका है और सफलतापूर्वक अपनी उड़ान पूरी कर चुका है। अपने संबोधन में मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं चलना चाहिए।

रक्षा बलों की क्षमतायें बढ़ाने की आवश्यकता
मोदी ने कहा कि साइबर सुरक्षा भी रक्षा का एक ऐसा क्षेत्र है, जहां देश युवाओं की क्षमताओं का उपयोग भारत और पूरी दुनिया के हित में कर सकता है। उन्होंने बदलते समय की परिस्थितियों में तैयार रहने के लिए स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर ध्यान केंद्रित करने और मपर जोर दिया।

भारत का रक्षा निर्यात 50 गुना बढ़ा
पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुए बदलाव को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि रक्षा उत्पादन में लगभग चार गुना वृद्धि हुई है। मोदी ने कोई समयसीमा बताए बिना कहा कि भारत का रक्षा निर्यात 50 गुना बढ़ गया है और लगभग 100 देशों को भारतीय सैन्य हार्डवेयर तथा उपकरणों की आपूर्ति की जा रही है।

वैश्विक पटल पर धीरे-धीरे बढ़ रही भारत की प्रतिष्ठा
उन्होंने कहा कि वैश्विक पटल पर भारत की प्रतिष्ठा धीरे-धीरे बढ़ रही है। बदलते हुए समय में अस्त्र-शस्त्र की तरफ काम करना है, सैन्य बलों का सामर्थ्य बढ़ाना है। पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत पहल की हैं। नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के घरेलू रक्षा उत्पादन की मात्रा वित्त वर्ष 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो 2014 में 46,000 करोड़ रुपये थी।

क्या कहते हैं आंकड़ें
आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में ‘नारी शक्ति’ की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जिसमें रक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी शामिल है।

इंटरनेट यूजर्स चार गुना, डिजिटल ट्रांजैक्शन 100 गुना बढ़े
डिजिटल क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या चार गुना बढ़ी है। डिजिटल ट्रांजैक्शन में 100 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी एक बड़ी ताकत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, अर्थव्यवस्था से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक भारत में पिछले 12 वर्षों में बड़े बदलाव हुए हैं और देश 2047 के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

Pm Narendra Modi Speech 15th August From Red Fort Listed 10 Achievements And Outlined The Strategy For Target 2027 Election
PNG गैस से न्यूक्लियर पावर तक… प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से गिनाई 10 उपलब्धियां, ‘लक्ष्य 2027’ यूं साधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों के सामने कई बड़ी उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने न्यूक्लियर पावर, किसानों को अनुदान से लेकर 10 से अधिक उपलब्धियां गिनी। उन्होंने कहा कि हम 2014 के बाद से तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमें देश को और अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने पीएनजी गैस, न्यूक्लियर पावर, किसानों को सब्सिडी, नल जल योजना, समुद्री इलाके, नए कानून बनाने आदि कई महत्वपूर्ण फैसलों की चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें और अधिक आत्मनिर्भर बनकर अपनी हित रक्षा करनी होगी। आज हर भारतीय ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों से जुड़ रहा है।

1-पीएनजी गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में पाइप्ड गैस वितरण (PNG) का दायरा पिछले 12 वर्षों में 700 शहरों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले यह केवल 70 शहरों तक ही उपलब्ध कराई गई थी। हम आगे भी इसी रफ्तार से बढ़ेंगे।

2-न्यूक्लियर पावर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा समय की मांग है। हम 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करना है पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करके एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है।

3-किसानों को अनुदान 
मोदी ने कहा कि वैश्विक बाजार में यूरिया की एक बोरी की कीमत लगभग 3,000 रुपये है, लेकिन भारतीय किसानों को यह खाद 300 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने आगे कहा कि जहां DAP की वैश्विक बाजार कीमत 5,000 रुपये तक पहुंच गई है, वहीं भारतीय किसानों को यह 1,350 रुपये में ही उपलब्ध कराई जा रही है।

4-समुद्री इलाके ‘गो अहेड एरिया’ में बदला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में, समुद्री इलाके का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा ‘नो-गो एरिया’ (जहां जाने की मनाही हो) घोषित किया गया था, जहां खोजबीन पर रोक थी। हमने इन ‘नो-गो एरिया’ को ‘गो-अहेड एरिया’ (जहां आगे बढ़ने की अनुमति हो) में बदल दिया है।

5-पिछले सदी के कानून समाप्त किये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने सैकड़ों पुराने कानूनों को निरस्त किया गया है। पिछली सदी के कानूनों के भरोसे 21वीं सदी में आगे नहीं बढ़ा जा सकता।

6-रक्षा,रेलवे,मोबाइल प्रोडक्शन पर प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ा है, जबकि खादी और ग्रामोद्योगों का उत्पादन लगभग पांच गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग सात गुना बढ़ी है। आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है।

7-आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो नेटवर्क विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किया। जिस गति और पैमाने पर यह काम किया गया है। यह गति, यह विस्तार और ये उपलब्धियां आजादी के बाद पहली बार देखे गए बदलाव को दर्शाती हैं, और यह सब पिछले एक दशक में हुआ है।

8-डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में पहचान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना हो गई है, पेटेंट ग्रांट चार गुना बढ़ गए हैं।

9-डिजिटल लेनदेन सौ गुना बढ़ गए
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल लेनदेन सौ गुना बढ़ गए हैं। हमने आम नागरिकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी उतनी ही गंभीरता से काम किया है।

10-नल जल का कनेक्शन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने पहले की तुलना में औसतन 15 गुना अधिक वार्षिक गति से नल से पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। गैस कनेक्शन पहले की सालाना गति से छह गुना अधिक गति से दिए गए हैं।

11-शौचालय और आवास
हमने गरीबों के लिए शौचालय चार गुना वार्षिक गति से बनाए हैं और वंचितों को आवास पहले की तुलना में तीन गुना अधिक गति से उपलब्ध कराए हैं। देश में गवर्नेंस में भी भारी बदलाव आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *