कैप्टन स्मित मच्छार की कुशल को सोमनाथ व काशी विश्वनाथ में विशेष पूजा,हमला चाकू नही कुल्हाड़ी से
कैप्टन स्मित के लिए काशी और सोमनाथ में विशेष महापूजा, बचपन के दोस्त बोले- गर्व है, नाम रोशन हो गया और बहुत नेक परिवार
कैप्टन स्मित मछार ने दुबई-तेल अवीव फ्लाईदुबई फ्लाइट को क्रैश होने से बचाया, को-पायलट के हमले का बहादुरी से मुकाबला कर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।
कैप्टन स्मित की बहादुरी पर उनके पड़ोसियों का रिएक्शन।
कैप्टन स्मित मछार ने फ्लाईदुबई फ्लाइट को क्रैश होने से बचाया।
को-पायलट के हमले का बहादुरी से मुकाबला कर यात्रियों को सुरक्षित रखा।
इजरायली और भारतीय प्रधानमंत्रियों के साथ राष्ट्रपति ने उनकी असाधारण बहादुरी की सराहना की।
मुंबई 01 अक्टूबर 2026 । दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश करने की कोशिश कर रहे को-पायलट का डटकर मुकाबला करके सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने बचाने वाले दिलेर कैप्टन स्मित मछार एक रियल हीरो बनकर सामने आए हैं। देश और दुनिया उन पर गर्व कर रही है। इसी क्रम में उनके बचपन के दोस्त और मुंबई के लोगों ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की है।
मुंबई में स्मित के पड़ोसी प्रतीक गांधी का कहना है कि कैप्टन स्मित ने बचपन में ही सूझबूझ का परिचय दिया था। मुंबई में पायलट के परिवार के साथ ही रहने वाले गांधी ने कहा, “वह हमेशा से बहुत शांत और संयमित रहे हैं। आस-पास के सबसे शांत लोगों में से एक।”
‘हमें गर्व है कि देश का नाम रोशन किया’
गांधी ने कहा, “हमें गर्व है कि उनका जन्म यहीं हुआ और उन्होंने हमारे देश के लिए इतना शानदार काम किया है। वह हमेशा से बहुत शांत स्वभाव के थे।” गांधी बचपन में स्मिथ के पड़ोसी थे और उनके साथ क्रिकेट खेला करते थे।

इसके अलावा मुंबई में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा, “नाम रोशन हो गया।” और साथ ही यह भी कहा कि यह बहुत नेक परिवार है। वहीं, उनके एक और दोस्त ने कहा कि स्मित तुम जल्दी वापस आ जाओ।
सोमनाथ मंदिर में पूजा
उधर, श्री सोमनाथ मंदिर ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि राष्ट्र के गौरव, वीर पायलट स्मित मछार के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ में विशेष महापूजा रखी गई।
पोस्ट में लिखा गया, “तेल-अवीव की उड़ान के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और अद्वितीय कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए 9/11 जैसे क्रूर षड़यंत्र को नाकाम कर 180 अनमोल जिंदगियों को सुरक्षित बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार के लिए श्री सोमनाथ महादेव की विशेष महापूजा की गई, एवं अविरत ‘महामृत्युंजय मंत्रजाप अनुष्ठान’ प्रारंभ किया गया है। इस जांबाज युवा को भगवान शिव अपनी विशेष कृपा से शीघ्र ही पूर्णतः स्वस्थ करें। जय हिंद!”
राष्ट्र के गौरव, वीर पायलट स्मित मच्छर के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ में विशेष महापूजा 🔱🇮🇳
तेल-अवीव की उड़ान के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और अद्वितीय कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए 9/11 जैसे क्रूर षड़यंत्र को नाकाम कर 180 अनमोल जिंदगियों… https://t.co/Kcts3cxHmM pic.twitter.com/rASF3ILsoC
— Shree Somnath Temple (@Somnath_Temple) October 1, 2026
काशी में भी हुई पूजा
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की मंगलकामना से श्री काशी विश्वनाथ धाम में 21 शास्त्रियों द्वारा रुद्राभिषेक कराया गया एवं 11 शास्त्रियों से 1 लाख महामृत्युंजय मंत्रों का जाप कराया जा रहा है। बाबा विश्वनाथ उन्हें शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करें और राष्ट्र एवं मानवता की सेवा के लिए दीर्घायु प्रदान करें।
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की मंगलकामना से श्री काशी विश्वनाथ धाम में 21 शास्त्रियों द्वारा रुद्राभिषेक कराया गया एवं 11 शास्त्रियों द्वारा 1 लाख महामृत्युंजय मंत्रों का जाप कराया जा रहा है । बाबा विश्वनाथ उन्हें शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान…
— Shri Kashi Vishwanath Temple Trust (@ShriVishwanath) October 1, 2026
नेतन्याहू ने क्या कहा?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें असली हीरो कहा और भारतीय पायलट की असाधारण बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने को-पायलट का मुकाबला किया और हवा में होने वाली एक बड़ी तबाही को रोका।
सऊदी अरब के अस्पताल में हो रहा इलाज
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, कैप्ट स्मित का सऊदी अरब के तबुक के एक अस्पताल में इलाज हो रहा है। बुधवार को उनकी फ्लाइट का रास्ता बदलकर उन्हें वहां ले जाया गया था, क्योंकि 174 लोगों को ले जा रहे प्लेन को क्रैश करने की कोशिश में को-पायलट ने हवा में ही उन पर चाकू से हमला कर दिया था।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के रहने वाले स्मित के शरीर पर खून लगा हुआ था और वह कॉकपिट के फर्श पर पड़े थे। ऐसी हालत में उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर सैकड़ों लोगों की जान बचाई। इससे यात्रियों और क्रू को को-पायलट पर काबू पाने में मदद मिली, जबकि यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो पायलटों ने विमान को उतारने में मदद की।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय कैप्टन की हिम्मत और सूझबूझ की तारीफ करते हुए कहा कि पायलट की बहादुरी ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया है और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की है। उन्होंने कहा, “मैं देश के सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि हम सब सुमीत की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें और भाई सुमीत का सम्मान करें, जिन्होंने भारत का मान-सम्मान बढ़ाया है।”

प्लेन के ‘क्रैश Axe’ का पहली बार हुआ गलत इस्तेमाल! स्मित मछार पर चाकू से नहीं हुआ था हमला
ओमानी को-पायलट ने चाकू नहीं, बल्कि विमान में क्रैश एक्स से कैप्टन पर हमला किया. विमानों में यह कुल्हाड़ी कानूनन रखी जाती है ताकि आग बुझाई जा सके और क्रैश की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता बनाया जा सके. पहली बार इसका दुरुपयोग हुआ है.
इमरजेंसी में इस्तेमाल किया जाने वाला क्रैश एक्स का पहली बार हुआ गलत इस्तेमाल.
विमान सुरक्षा नियमों के बारे में आम लोगों की सोच अक्सर गलत होती है. कई लोग मानते हैं कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी हर नुकीली चीज जब्त कर लेती है, इसलिए कॉकपिट में कोई हथियार नहीं पहुंच सकता. लेकिन दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई के प्लेन में हुई घटना में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर उन्हें गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें पहुंचाईं.
जांच से साफ हुआ कि उन्होंने कोई चाकू या बाहरी हथियार तस्करी से नहीं लाया. बल्कि उन्होंने कॉकपिट में पहले से मौजूद फायर एक्स यानी क्रैश एक्से का इस्तेमाल किया. अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के मुताबिक यह कुल्हाड़ी फैक्टरी में ही विमान के साथ फिट की जाती है. विमानन नियमों के तहत रखना अनिवार्य है. यह कोई विकल्प नहीं बल्कि कानून है.
ईरान के पास दुनिया की सबसे ज्यादा स्पीड वाली हाइपरसोनिक मिसाइल
इस कुल्हाड़ी का मकसद किसी हमले के लिए नहीं बल्कि आपात स्थिति में जान बचाना है. कॉकपिट के अंदर दीवारों, छत की लाइनिंग और फर्श के पैनलों के पीछे छिपे बिजली के तारों या सर्किट में आग लगने पर सामान्य तरीके से पहुंचना मुश्किल होता है. ऐसे में क्रू सदस्य इस कुल्हाड़ी से पैनल काटकर आग बुझाते हैं. यह विमान की संरचना के अंदर छिपी आग को नियंत्रित करने को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है.
इस कुल्हाड़ी का जिक्र इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में भी किया है… देखिए वीडियो
कुल्हाड़ी इमरजेंसी एक्जिट का औजार भी है
विमान दुर्घटना या क्रैश होने पर एयरफ्रेम मुड़-तुड़ सकता है और सामान्य निकास द्वार जाम हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में क्रू सदस्य कुल्हाड़ी से मलबा हटाकर या कमजोर हिस्सों को काटकर वैकल्पिक रास्ता बना सकते हैं. यह उपकरण विंडशील्ड तोड़ने के लिए नहीं है, जैसा कि कई लोग गलत समझते हैं.
इसकी असली भूमिका जीवन रक्षा की है. सामान्य परिस्थितियों में यह सुरक्षित जगह पर रखा रहता है और केवल प्रशिक्षित क्रू ही इसे इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इस घटना में पहली बार इस सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल किसी को घायल करने के लिए हुआ, जिससे पूरी दुनिया हैरान है.
यह घटना विमानन सुरक्षा के मौजूदा नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. एक तरफ एयरपोर्ट पर यात्रियों से नेल कटर तक जब्त किए जाते हैं, दूसरी तरफ कॉकपिट में पहले से एक धारदार कुल्हाड़ी मौजूद रहती है. को-पायलट जैसे भरोसेमंद व्यक्ति द्वारा इसका दुरुपयोग होने से साफ है कि सिर्फ बाहरी सुरक्षा काफी नहीं.
क्रू सदस्यों की मानसिक स्थिति, बैकग्राउंड चेक और कॉकपिट के अंदर के उपकरणों की निगरानी को और सख्त बनाने की जरूरत है. एविएशन इंडस्ट्री को अब इस बात पर गंभीरता से सोचना होगा कि जीवन रक्षक औजार किसी आपात स्थिति का कारण न बन जाए.
यह घटना याद दिलाती है कि सुरक्षा नियम कितने भी सख्त हों, उनका दुरुपयोग संभव है. कुल्हाड़ी का असली मकसद आग बुझाना और आपात निकास है, लेकिन अब उद्योग को इसे और सुरक्षित रखने के उपाय ढूंढने होंगे.
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