जगदीश बाबला पर्यावरण स्वर्ण सेवा अभिनंदन ग्रंथ लोकार्पण,30 विभूतियां सम्मानित

पर्यावरणविद् जगदीश बाबला के 50 वर्षीय सेवाकाल पर अभिनंदन ग्रंथ का लोकार्पण,30 से अधिक विभूतियों का  सम्मान

विश्व पर्यावरण सप्ताह समापन पर हिमालय पर्यावरण सोसायटी का भव्य आयोजन

देहरादून, 13 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ पर्यावरण सप्ताह के समापन पर हिमालय पर्यावरण सोसायटी, देहरादून ने दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में भव्य सम्मान समारोह एवं अभिनंदन ग्रंथ लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया । इस अवसर पर पाँच दशकों से पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय पर्यावरणवादी जगदीश बाबला के 50 वर्षीय सेवाकाल पूर्ण होने पर उनके अभिनंदन ग्रंथ “हर दिल अजीज – जगदीश बाबला” के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कर्नल अजय कोठियाल, KC, SC, VSM, राज्यमंत्री, सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार, कार्यक्रम अध्यक्ष लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार पद्माकांत शर्मा ‘प्रभात’, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर बी.के. जोशी, श्रीमती कमला पंत तथा श्री जगदीश बाबला ने दीप प्रज्वलन से किया ।

इस अवसर पर पर्यावरणवादी जगदीश बाबला ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर,आंगन एवं आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो संपूर्ण समाज और विश्व स्वतः ही स्वच्छ एवं स्वस्थ बन सकता है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में चर्चित युवा कथक कलाकार आरुषि क्षेत्री ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। दिल्ली से पधारे कथक कलाकार आर्यव आनंद ने अपनी उत्कृष्ट कथक प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध कर दिया।

संस्था के महासचिव रोहित कोचगवे ने स्वागत करते हुए संस्था की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। संस्थाध्यक्ष  जगदीश बाबला ने हिमालय पर्यावरण सोसायटी की दीर्घ पर्यावरणीय एवं सामाजिक यात्रा का परिचय दिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर देवेंद्र पालीवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि युद्ध कला में जंगल को समझना भी सिखाया जाता है और भूत चाल से शत्रु को चकमा दे उसमें खुद को छिपाना भी।

वक्ताओं ने कहा कि श्री जगदीश बाबला का जीवन सेवा, समर्पण एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता समाज और पर्यावरण के लिए निरंतर कार्य किए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।

हिमालय पर्यावरण सोसायटी पिछले पाँच दशकों से पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरण के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था ने देहरादून की तिब्बती कॉलोनी, हिंदी भवन परिसर, प्रेस क्लब, आशियाना परिसर, सहस्रधारा, चारणगांव, चकराता रोड सहित अनेक स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाए हैं। वर्षों पूर्व लगाए गए पौधे आज विशाल एवं छायादार वृक्षों के रूप में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।

श्री जगदीश बाबला के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर इससे पूर्व वर्ष 1994 एवं 2001 में भी अभिनंदन स्मारिकाओं का प्रकाशन किया जा चुका है। वर्ष 1994 में ठाकुर वीर सिंह भंडारी के सानिध्य में अनेक सामाजिक संस्थाओं ने उनका सामूहिक अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया  था।

श्री पद्माकांत शर्मा ‘प्रभात’ को उनके दीर्घकालीन साहित्यिक, पत्रकारिता एवं सामाजिक योगदान को “हिमालय गौरव मेधा रत्न सम्मान–2026” से सम्मानित किया गया। सम्मान-पत्र वाचन वरिष्ठ कवि, साहित्यकार एवं चित्रकार लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ‘विमल’ ने किया ।

समारोह में प्रोफेसर बी.के. जोशी, श्रीमती कमला पंत, डॉक्टर शशि प्रभा, डॉ. धर्मानन्द मैठाणी, श्री रवीन्द्रनाथ कौशिक, डॉक्टर बृजभूषण शर्मा, श्रीमती सुमित्रा धूलिया, डॉक्टर ज्योति श्रीवास्तव, श्री उत्पल सामंत, पंडित मुरलीधर जग्गूड़ी, श्रीमती भारती मिश्रा एवं श्री आर.के. गोमल, ललित लखेडा 30 विभूतियों को शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, संगीत, समाजसेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को  उत्तरीय, सम्मान-पत्र, स्मृति चिह्न एवं पौधा भेंट किया गया।

कार्यक्रम में प्रोफेसर बी.के. जोशी, श्रीमती कमला पंत तथा कार्यक्रम अध्यक्ष श्री पद्माकांत शर्मा ‘प्रभात’ ने भी अपने विचार व्यक्त किए और संस्था के कार्यों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में एडवोकेट वर्तिका त्रिपाठी, एडवोकेट दीप्ति शर्मा, उत्कर्ष शुक्ला, रीना त्रिपाठी, श्री लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ‘विमल’, आरती मिश्रा सहित अनेक सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में जनता दल सैकुलर उत्तराखंड के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता सुकृति आर्य, साहित्य कर्मी रजनीश  त्रिवेदी, आर्य समाज धामावाला के अध्यक्ष सुधीर गुलाटी (Sudhir Gulati),आशीष निझोन (Asis Nijhon), डॉक्टर अमरदीप (Dr Amardeep),डॉक्टर माया वी. सक्सेना (Dr maya v saxena),भगवान प्रसाद घिल्डियाल (B P Ghildiyal),वैज्ञानिक श्री जुयाल  ,एडवोकेट राम ऋषि पाल ,एडवोकेट दीप्ति शर्मा ,जी. के. मैंदोला,आर. पी. श्रीवास्तव ,वेद नौटियाल , उत्पल सामंत तथा जे. बी. गोयल आदि भी थे।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती भारती मिश्रा ने किया। अंत में संस्था अध्यक्ष  जगदीश बाबला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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