जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मॉड्यूल:मुमं शुभेंदु से लेकर जंतर-मंतर तक थे निशाने पर

CM शुभेंदु की हत्या का प्लान, जंतर मंतर पर थी नजर … बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद के टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश

इस मॉड्यूल का सबसे खौफनाक टास्क अर्पिता को सौंपा गया था. अर्पिता सरकार जिम्मेदारी दी गई थी कि वह हनी ट्रैप का सहारा लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दफ्तर (CMO) तक अपनी पहुंच बनाए.

जांच में सामने आया है कि आरोपी लगातार इन विदेशी नंबरों के जरिए पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बातचीत कर रहा था.कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है. बर्दवान पुलिस स्टेशन में 31 जुलाई 2026 को दर्ज हुई एफआईआर से बेहद चौंकाने वाले और खतरनाक खुलासे हुए हैं. एनडीटीवी के पास मौजूद एफआईआर की कॉपी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद हमीम मंडल पाकिस्तान से संचालित होने वाले सोशल मीडिया हैंडल और कई विदेशी व्हाट्सएप नंबरों के सीधे संपर्क में था.

यह पूरा नेटवर्क भारत की संप्रभुता, एकता और सुरक्षा को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहा था.

पाकिस्तान और विदेशी नंबरों से चल रहा था जासूसी नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी लगातार इन विदेशी नंबरों के जरिए पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बातचीत कर रहा था. एफआईआर में पाकिस्तान और अन्य देशों के 6 से ज्यादा व्हाट्सएप नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट का साफ तौर पर जिक्र किया गया है.

+92 सीरीज का पहला नंबर: इसे ‘राणा’ नाम का शख्स चला रहा था.
+92 सीरीज का दूसरा नंबर: यह ‘C9Uzhair’ नाम से ऑपरेट किया जा रहा था.
+1 (अमेरिकी नंबर): ‘+1 (279….8)’ नंबर को ‘Abid Jutt’ नाम का हैंडलर इस्तेमाल कर रहा था.
ब्रिटेन और अमेरिका के अन्य नंबर: इसके अलावा ‘+44 7……4’, ‘+44 …..3’ और ‘+52 9….2’ जैसे नंबर ‘Hamid’ नाम के शख्स द्वारा चलाए जा रहे थे.
एफआईआर में ‘Element X’ के एक अकाउंट @ranabhai:matrix.org का भी जिक्र है. इसे सीधे पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था.

ISI के इशारे पर काम कर रहे थे हमीम और अर्पिता
पश्चिम बंगाल के बर्दवान का रहने वाला मोहम्मद हमीम मंडल उर्फ ‘हमीम फुएगो’ एक आपराधिक साजिश के तहत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के ऑपरेटिव के तौर पर काम कर रहा था. उसके साथ झारखंड की रहने वाली अर्पिता भी इस साजिश में बराबर की भागीदार थी.

यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के साथ मिलकर एक संगठित जासूसी रैकेट चला रहा था. इनके मुख्य काम में शामिल थे.

स्थानीय युवाओं की भर्ती करना और हथियारों का इंतजाम करना.
वीआईपी लोगों और देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की खुफिया जानकारी जुटाना.
वीवीआईपी लोगों को हनी ट्रैप में फंसाना, अपहरण और हत्या जैसी वारदातों की योजना बनाना.
जांच एजेंसियों को हमीम के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के हैंडलरों के साथ हुई कई आपत्तिजनक चैट मिली हैं.
जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी में हमले की साजिश
पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है. यह आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे थे. वहां पहुंचकर इनका मकसद प्रदर्शनकारी आम लोगों पर हमला करके बड़ी अराजकता फैलाना था.

सीएम शुभेंदु अधिकारी की हत्या का प्लान था
इस मॉड्यूल का सबसे खौफनाक टास्क अर्पिता को सौंपा गया था. अर्पिता को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह हनी ट्रैप का सहारा लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दफ्तर (CMO) तक अपनी पहुंच बनाए. इसके बाद शुभेंदु अधिकारी की हत्या करने का प्लान तैयार किया गया था.

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि जिन पाकिस्तानी हैंडलरों के नाम इस केस में सामने आए हैं, वे सभी कुख्यात शहजाद भट्टी के गुर्गे हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई हैं.

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