इथेनॉल

E85 हाई इथेनॉल फ्यूल पर भी चलेंगी पुरानी BS4-BS6 कारें! आ रहा कन्वर्जन किट, कीमत होगी इतनी
Flex Fuel Conversion Kit: इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के डायरेक्टर जनरल दीपक बलानी ने आजतक से ख़ास बातचीत में बताया कि, एक फ्लेक्स-फ्यूल कन्वर्जन किट की सफलता पूर्वक टेस्टिंग हो चुकी है. जो पुराने BS4 और BS6 वाहनों में लगाया जा सकता है. जिससे ये वाहन हाई इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल पर भी चल सकती है।
ये फ्लेक्स-फ्यूल कन्वर्जन किट BS4 जैसी पुरानी कारों में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. Photo: ITG

नई दिल्ली,22 जून 2026, भारत में फ्यूल तेजी से बदल रहा है. देश ने E20 का टार्गेट पूरा कर लिया है और E100 फ्यूल को कानूनी मंजूरी मिल चुकी है. पेट्रोल में इथेनॉल का डोज लगातार बढ़ रहा है. सरकार ने हाल ही में E85 (पेट्रोल में 85% इथेनॉल) फ्यूल को दिल्ली में लॉन्च किया है और हायर ब्लेंडेड फ्यूल का नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है. ऐसे में करोड़ों पुराने वाहन मालिकों के मन में एक ही सवाल है, क्या उनकी BS4 और BS6 कारें ‘फ्यूचर’ के फ्यूल पर दौड़ पाएंगी?

पेट्रोल में बढ़ता इथेनॉल पुराने वाहन मालिकों के लिए चिंता जरूर बना है. लेकिन इस बीच एक बड़ा समाधान सामने आता दिख रहा है. महज 15 हजार से 20 हजार रुपये की लागत वाला नया कन्वर्जन किट न केवल पुराने वाहनों को हायर इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल के लिए कम्पैटिबल बना सकता है, बल्कि इससे लोगों को नई कार खरीदने के भारी खर्च से भी राहत मिल सकती है. अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर लागू होती है, तो भारत के करोड़ों पुराने वाहन चालकों के लिए यह एक गेमचेंजर साबित हो सकती है.

इस बारे में इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के डायरेक्टर जनरल दीपक बलानी ने आजतक से ख़ास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने इथेनॉल ट्रांजिशन और भविष्य में आने वाले इस कन्वर्जन किट से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दिए. पेश है इस बातचीत के कुछ ख़ास अंश.

सवाल: भारत के फ्यूल ट्रांजिशन और पेट्रोल में बढ़ते इथेनॉल के बारे में आपकी क्या राय है?

जवाब: ये एक बहुत बड़ी बात है. दुनिया के बहुत कम देश हैं जो ऐसा कर पाए हैं. भारत ने तय समय से पहले ही E20 का टार्गेट पूरा कर लिया है और अब E100 को भी सरकार से मंजूरी मिल गई है. केवल E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग से देश ने तकरीबन साढ़े 4 करोड़ बैरल क्रूड ऑयल कम इंपोर्ट किया है. जिसके चलते तकरीबन 1 लाख 90 हजार करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत की है. इसके अलावा किसानों को इथेनॉल प्रोग्राम के जरिए सबसे बड़ा फायदा हुआ है. इससे तकरीबन 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपये किसानों को गया है. 900 मिट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है.

अब सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग को और आगे बढ़ा रही है. हाल ही में E85 फ्यूल लॉन्च किया गया है. इसके अलावा मारुति सुजुकी ने अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार और हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी दो बाइक्स (स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स) के फ्लेक्स फ्यूल वर्जन को पेश किया है. इन वाहनों में E85 फ्यूल का इस्तेमाल होगा. जिसकी कीमत रेगुलर पेट्रोल के मुकाबले तकरीबन 20 रुपये कम है.

सवाल: पुराने वाहनों में E20 फ्यूल के इस्तेमाल के बाद माइलेज में गिरावट और मेंटनेंस बढ़ने की शिकायत है.

जवाब: E20 फ्यूल को लॉन्च करने से पहले सभी जरूरी एजेंसियों द्वारा इसकी टेस्टिंग पुराने और नए वाहनों में की गई थी. पुणे बेस्ड देश की प्रमुख ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा इस फ्यूल की टेस्टिंग की गई थी. चूंकि इथेनॉल की कैलोरिफिक वैल्यू पेट्रोल के मुकाबले कम होती है इसलिए इसकी एनर्जी डेंसिटी भी कम होती है. इसलिए संभव है कि, पुराने वाहनों में माइलेज में तकरीबन 4-5% की गिरावट देखने को मिले. लेकिन इसका ऑक्टेन नंबर ज्यादा होता है इसलिए पावर ज्यादा मिलती है.

सवाल: पुराने वाहन मालिकों के लिए हायर इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल के इस्तेमाल के लिए क्या उपाय हो सकते हैं?

जवाब: इस मामले में एक बहुत ही बेहतर तकनीक उभर कर आई है, जिसमें फ्लेक्सी-फ्यूल कन्वर्जन किट कहते हैं. इस कन्वर्जन किट का इस्तेमाल पुराने BS4 और BS6 वाहन में किया जा सकता है, ताकि उनमें हायर ब्लेंडेड फ्यूल (E20 से E100) का प्रयोग किया जा सके. ये किट अमेरिका, ब्राजील और फिनलैंड जैसे देशों में मैन्युफैक्चर किया जा रहा है और इनका वहां पर बखूबी इस्तेमाल भी किया जा रहा है.

हमने दो साल पहले ऐसी ही दो किट्स विदेश से मंगाया और इसे IIT दिल्ली को ट्रायल और टेस्टिंग करने के लिए दिया था. जिन्होनें इस किट को हर तरह के फ्यूल (E20, E85 और E100) के साथ टेस्ट किया है. इस टेस्टिंग के दौरान मारुति डिजायर का इस्तेमाल किया गया था. जिसे सिटी ट्रैफिक से लेकर हाईवे तक तकरीबन 5,000 किलोमीटर तक चलाकर टेस्ट किया गया.

सवाल: इस कन्वर्जन किट की टेस्टिंग के नतीजे क्या रहें?

जवाब: इस कन्वर्जन किट से मिलने वाले नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं. सबसे अच्छी बात ये रही है कि, इस दौरान इसमें कोई तकनीकी समस्या नहीं आई. वाहन का इमिशन कम्प्लायंस भी सही रहा, मलतब गाड़ी न केवल दौड़ी बल्कि नियमों के दायरे में सही ढंग से चली. कुल मिलाकर इस कन्वर्जन किट की टेस्टिंग काफी हद तक सफल रही है. इस टेस्टिंग की एक रिपोर्ट हमने सरकार को भेजी है और सरकार को सुझाव दिया है कि, पुराने वाहनों में इस किट का इस्तेमाल किया जा सकता है.

हालांकि टेस्टिंग के दौरान माइलेज थोड़ा कम रहा है, लेकिन कंपोनेंट्स में किसी तरह की कोई समस्या नहीं आई. जहां तक माइलेज कम होने की बात है इसलिए हायर इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल की कीमत भी सरकार ने कम रखी है. हाल ही में E85 पेट्रोल को दिल्ली में लॉन्च किया गया है, जहां इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रतिलीटर है. वहीं रेगुलर E20 पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये है. यानी हायर ब्लेंडेड फ्यूल तकरीबन 20 रुपये सस्ता है.

सवाल: इस कन्वर्जन किट को किस तरह के वाहनों में इस्तेमाल कर सकते हैं?

जवाब: फिलहाल इस किट की टेस्टिंग की रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है और अनुरोध किया गया है कि, सरकार इसका परीक्षण ARAI द्वारा भी कराए, ताकि इसे पुराने वाहनों में आसानी से इस्तेमाल किया जा सके. इसके लिए BIS स्टैंडर्ड और तकनीकी की भी जरूरत होगी. यदि सरकार रेगुलेटरी कम्प्लायंस और पॉलिसी लेकर आएगी तो चीजें प्रॉपर चैनल से आगे बढ़ेंगी. जहां तक वाहनों के टाइप की बात है तो ये BS4 और BS6 जैसे पुराने चारपहिया वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है.

सवाल: इस कन्वर्जन किट की कीमत क्या होगी?

जवाब: अभी इसे इंपोर्ट कर के भारत लाया गया है तो जाहिर है कि ये किट महंगा होगा. जब हमने इसे इंपोर्ट किया था उस वक्त इसकी कीमत तकरीबन 50,000 रुपये थी. लेकिन यदि सरकार सभी जरूरी टेस्टिंग प्रोसेस पूरी कर के स्थानीय स्तर पर इसका प्रोडक्शन लोकल वेंडर्स द्वारा करवाती है तो इसकी कीमत काफी कम हो जाएगी. एक अनुमान है कि, इसकी कीमत तकरीबन 20,000 रुपये के आसपास होगी.

सवाल: क्या ये किट केवल चारपहिया वाहनों के लिए होगी?

जवाब: फिलहाल हमने अभी केवल चारपहिया वाहनों पर ही इस किट की टेस्टिंग की है. लेकिन विदेशों में टू-व्हीलर्स के लिए भी ऐसे किट्स कमर्शियली मौजूद हैं. आगे चलकर यदि जरूरत पड़ी तो हम दोपहिया वाहनों के लिए भी इस तरह के कन्वर्जन किट की टेस्टिंग कर सकते हैं.

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