केजीएमयू से मजारें हटाने की उल्टी गिनती शुरु,चलेगा बुलडोजर

‘खाली जमीन पर पूर्व कर्मचारियों को दफनाया, फिर वहीं बना दी मजार’, अब चलेगा KGMU के अवैध निर्माण पर बुलडोजर! प्रशासन ने दिया अल्टीमेटम
लखनऊ के प्रतिष्ठित केजीएमयू परिसर में बनी अवैध मज़ारों को हटाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. कांग्रेस और सपा के अभियान से बेपरवाह केजीएमयू प्रशासन ने पांच मज़ार कमेटियों को दूसरा नोटिस जारी कर दिया है. प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि अस्पताल के विस्तार के लिए ज़मीन की ज़रूरत है और नोटिस की अवधि खत्म होते ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी.

KGMU के अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन (Photo: Screengrab)

लखनऊ ,09 फरवरी 2026,लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने परिसर के भीतर बनी पांच अवैध मज़ारों को हटाने के लिए सोमवार को दूसरा नोटिस जारी किया. इससे पहले 22 जनवरी को कुल छह मज़ारों को नोटिस दिया गया था, जिनमें से केवल न्यू ऑर्थोपेडिक परिसर स्थित मज़ार कमेटी ने जवाब दिया. बाकी पांच कमेटियों के चुप्पी साधने पर अब उन्हें 28 फरवरी को कुलसचिव के सामने पेश होने का अंतिम मौका दिया गया है. प्रवक्ता डॉक्टर के.के. सिंह के अनुसार, ये मज़ारें केजीएमयू के पूर्व कर्मचारियों की हैं जिन्हें परिजनों ने खाली ज़मीन पर दफन कर बाद में अवैध रूप से बनाया था.

इन पांच प्रमुख स्थानों पर बनी हैं मज़ारें

केजीएमयू प्रशासन ने जिन स्थानों पर मज़ारों को चिन्हित किया है, उनमें क्वीन मैरी हॉस्पिटल परिसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, न्यू बॉयज हॉस्टल, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग और शताब्दी फेज-2 अस्पताल परिसर शामिल हैं.


केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि संस्थान का विस्तार हो रहा है और उसे इस ज़मीन की सख्त आवश्यकता है. चूंकि ये निर्माण 30 से 40 साल पुराने हैं और अवैध रूप से बनाए गए हैं, इसलिए इन्हें हटाना ज़रूरी हो गया है.

बकौल केजीएमयू प्रवक्ता- जो 6 मजार हैं वो सभी 30 से 40 साल पुरानी हैं. इनमें से कई मजार केजीएमयू के पूर्व कर्मचारियों की हैं. मौत के बाद परिजनों ने खाली जमीन पर उनको दफना दिया था और बाद में उन पर मज़ारें बना दी गईं.

बुलडोजर एक्शन को तैयार प्रशासन

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, केजीएमयू और जिला प्रशासन की संयुक्त ध्वस्तीकरण रूपरेखा तैयार  है. 15 दिनों में अतिक्रमण नहीं हटे, तो अंतिम नोटिस के बाद बुलडोजर एक्शन होगा. ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी भवन और टीजी हॉस्टल के पास स्थित मज़ारों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है. नोटिस अवधि पूरी होते ही केजीएमयू परिसर इन अवैध निर्माणों से मुक्त कराने को भारी पुलिस बल के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी.

जवाब संतोषजनक नही तो प्रशासन ने दुबारा चिपकाया नोटिस

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ  ने कैम्पस में 6 अवैध मजार चिन्हित कर 22 जनवरी को नोटिस दे हटाने के निर्देश दिए थे.6 में से 5 मजारों ने कोई जवाब नहीं दिया जिसे लेकर दोबारा नोटिस KGMU ने चिपकाया है. एक मजार का जवाब  संतोषजनक नहीं माना गया.

KGMU प्रवक्ता डॉक्टर KK सिंह के अनुसार पहले नोटिस का कोई जवाब न आने पर हमने दोबारा नोटिस देकर 15 दिन का समय दिया है, एक मजार  से आया जवाब संतोषजनक नहीं है.उनके पास पक्के प्रमाण नहीं है.यह सिर्फ एक व्यक्ति का जवाब है, मजार प्रबंधन का नहीं इसलिए दोबारा नोटिस जारी किया गया है.

शाहमीना मजार और हरमैन साहब दरगाह को नोटिस नहीं

शाहमीना मजार और हरमैन साहब दरगाह से केजीएमयू ने नोटिस नही दिया है.दूसरे नोटिस में सभी अवैध चिन्हित मजारों को 15 दिन का और समय दिया गया है.इसके अलावा 28 फरवरी को व्यक्तिगत प्रशासन को जाकर भी जवाब दे सकते हैं.अगर 15 दिन में कोई ठोस जवाब या व्यक्तिगत सुनवाई तक मामला नहीं पहुंचा तो केजीएमयू प्रशासन कार्रवाई करेगा.

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