भारत मंडपम शर्टलेस प्रदर्शन:कांग्रेस की थू-थू,सहयोगी किनारे,बुद्धिजीवियों ने की निंदा

भारत मंडपम में शर्टलेस प्रदर्शन, गठबंधन के सहयोगी रहे कूट, कांग्रेस में भी पड़ गई फूट?

AI समिट में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से उसके ही सहयोगी नाराज हैं. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से संदेश दिया कि विरोध का तरीका और मंच दोनों सोच-समझकर चुनना चाहिए था.
देहरादून 23 फ़रवरी , 2026. AI समिट में युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पार्टी को महंगा पड़ गया. सहयोगी दलों ने उससे दूरी बना ली है.यूथ कार्यकर्ताओं का शर्ट उतारकर AI समिट में प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी में भी सराहना नही मिली.अखिलेश यादव, आदित्य ठाकरे, बाहुल सुप्रियो समेत सहयोगी दलों के कई नेताओं ने भी इस पर नाखुशी जताई है.
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की युवा इकाई के प्रदर्शन ने विपक्षी खेमे में दरार पैदा कर दी है. इस घटना के बाद इंडिया गठबंधन के कई सहयोगी दलों ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस से दूरी बना ली है, जिससे विपक्ष की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं. घटना तब विवाद में आई जब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया. इस कदम पर कांग्रेस के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आ गए. वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अनुशासन और जिम्मेदारी सर्वोपरि होनी चाहिए. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से संदेश दिया कि विरोध का तरीका और मंच दोनों सोच-समझकर चुनना चाहिए.

इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कांग्रेस पर हमला बोल चुके थे, लेकिन अब पार्टी के भीतर से उठती आवाजों ने स्थिति और असहज बना दी है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन स्थान का चयन गलत रहा. हालांकि पार्टी लाइन तय होने पर कई नेता सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के समर्थन में उतर गये।

सहयोगी दलों ने सुनाई खरी-खोटी
कांग्रेस के लिए असली चुनौती विपक्षी दल नहीं, बल्कि उसके अपने सहयोगी बनते दिखते हैं. संसद में साथ रणनीति बनाने वाले दलों ने भी इस विषय पर अलग रुख अपना लिया है. संसद में सरकार के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहने वाली समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल ने भी इस मामले में कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा झूठी पार्टी है, सरकार भ्रम फैलाती है,  झूठ भी बोलती है लेकिन फिर भी वे इस तरह के प्रदर्शनों के पक्ष में नहीं हैं जो विदेशी प्रतिनिधियों और विदेश में राष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाएं.

आरजेडी के मनोज झा ने कहा कि देश में इस सरकार को लेकर गुस्सा है कई विषयों को लेकर खासकर भारत अमेरिकी ट्रेड डील को लेकर, फिर भी वो एआई समिट में प्रदर्शन को अच्छा विकल्प नहीं मानते हैं. उनके अनुसार प्रदर्शन को सही जगह का चुनाव जरूरी होता है, जगह दूसरी होनी चाहिए थी.

शिव सेना उद्धव गुट के अरविंद सावंत और आदित्य ठाकरे के बयान में भी कांग्रेस से दूरी बनाई गई है. अरविंद सावंत कहते हैं कि राजनीति में विरोध का अधिकार सबको है मगर प्रदर्शन करने की जगह की समझ भी होनी चाहिए. एआई का मंच अंतरराष्ट्रीय था यहां से बचना चाहिए था. जबकि आदित्य ठाकरे का कहना है कि एआई समिट एक प्रोफेशनल प्लेटफार्म था यहां पर राजनैतिक विरोध प्रदर्शन नहीं होना चाहिए था.

पश्चिम बंगाल के आईटी मंत्री बाबुल सुप्रियो ने सोशल मीडिया पर यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने लिखा कि जिस मंच पर अंतरराष्ट्रीय नेता और वैश्विक उद्योग जगत के प्रमुख लोग मौजूद हों, वहां ऐसा प्रदर्शन देश की प्राथमिकताओं को लेकर गलत संदेश देता है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों के लिए संघर्ष किया जा सकता है, लेकिन इसकी कीमत देश की गरिमा और सम्मान को नुकसान पहुंचाकर नहीं चुकाई जानी चाहिए.

नई दिल्ली में शुक्रवार को एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अर्द्धनग्न प्रदर्शन पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बेहद नाराजगी जताई है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं इस कृत्य की निंदा भी की है।

मायावती ने भी की निंदा

बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में देश और विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे। यह इवेन्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में था, इस दौरान जिन भी लोगों ने अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निन्दनीय है।

अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना जरूरी,यूथ कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन पर बोलीं मार्गरेट अल्वा Congress’leader Margaret Alva on IYC protest at AI Summit
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बनाए रखनी होगी.

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन को लेकर हुए विवाद के बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बनाए रखनी होगी.

कांग्रेस नेता अल्वा की यह बात तब आई जब इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने नई दिल्ली में अल इम्पैक्ट इंडिया समिट के भारत मंडपम वेन्यू पर ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ लिखे नारे वाली अपनी-अपनी शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताने को अपनी शर्ट उतार दी.

मीडिया से बातचीत में अल्वा ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में “इंटरनेशनल इवेंट्स में गरिमा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए.” इस बीच, दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के सिलसिले में ग्वालियर से जितेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है.

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हुए प्रदर्शन की प्रचलित जांच में यह पांचवीं गिरफ्तारी है. यादव की गिरफ्तारी से पहले, चार और नेताओं, कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव को पटियाला हाउस कोर्ट ने पकड़ा था और पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया था.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों ने इंडियन यूथ कांग्रेस के नेता कृष्णा हरि की कार से टी-शर्ट और पोस्टर बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल भारत मंडपम में AI समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन में किया गया था. पुलिस ने एक और यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारी को भी हिरासत में लिया है और बाकी प्रदर्शनकारियों की तलाश में छापेमारी कर रही है.

इससे पहले, एक बयान में, इंडियन यूथ कांग्रेस ने कहा कि उसके वर्कर ‘एआई समिट में देश की पहचान से समझौता करने वाले प्रधानमंत्री’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारी को हिरासत में ले लिया.

इस बीच, कल इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ कई राज्यों में प्रदर्शन किया. सूरत और जम्मू में, भाजपा कैडर ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया, जबकि दिल्ली में, भाजपा युवा मोर्चा के सदस्यों ने घटना की निंदा करते हुए प्रर्दशन किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को इस विरोध प्रदर्शन को देश का अपमान करने वाला शर्मनाक प्रदर्शन कहा. मेरठ में एक सभा को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा, “दुर्भाग्य देखिए कांग्रेस पार्टी के नेता शर्म महसूस करने के बजाय, बेशर्मी से देश का अपमान करने वालों का समर्थन कर रहे हैं, यह मुद्दा कांग्रेस पार्टी के साथ चल रहा है.”

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YOUTH CONGRESS SHIRTLESS PROTEST
BHARAT MANDAPAM VENUE
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MARGARET ALVA
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राजनीतिक संदेश और गठबंधन पर असर
यानी इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने कांग्रेस को आईना दिखाने का काम किया है, सहयोगी दलों की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस को एक स्पष्ट संकेत है कि राजनीति अपनी जगह है मगर जहां देश की गरिमा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा या उसकी छवि की बात होगी वो कांग्रेस की गलत नीतियों पर उसका साथ छोड़ भी सकते हैं.

यह कांग्रेस के लिए बड़ी सीख है क्योंकि कई नेता गाहे बगाहे कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते रहे हैं और समय-समय पर यह चर्चा भी उठती रही है कि गठबंधन का नेतृत्व ममता बनर्जी या एमके स्टालिन जैसे क्षेत्रीय नेता कर सकते हैं.

हालांकि संख्या बल के आधार पर लोकसभा में कांग्रेस दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी कांग्रेस के ही हैं, यह उसे औपचारिक बढ़त जरूर दिलाता है लेकिन मौजूदा विवाद ने स्पष्ट कर दिया है कि गठबंधन में नेतृत्व केवल संख्या से नहीं, बल्कि भरोसे और समन्वय से तय होता है.

Academics expressed outrage over the Youth Congress’s actions at the AI Summit, criticizing and admonishing
IYC Shirtless Protest Row: एआई समिट में यूथ कांग्रेस के कृत्य पर शिक्षाविद आक्रोशित, आलोचना के साथ शिक्षा भी

एआई सम्मेलन में यूथ कांग्रेस के नग्न प्रदर्शन पर शिक्षाविदों ने कड़ी अलोचना की है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा भी दी।
भारत मंडपम में भारतीय युवा कांग्रेस का प्रदर्शन – फोटो : X

पिछले सप्ताह देश में एआई इम्पैक्ट सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें कांग्रेस यूथ कांग्रेस ने सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन किया। इसे लगभग 160 शिक्षाविदों ने बेहद खेदजनक और नासमझी भरा बताया है। उन्होंने कहा है कि यह विपक्षी दल की वैध लोकतांत्रिक असहमति और वैश्विक मंच पर राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की रक्षा करने की अनिवार्यता के बीच अंतर करने में असमर्थता दर्शाता है। उन्होंने आज संयुक्त बयान में कहा कि राहुल गांधी से जुड़े विरोध प्रदर्शन ने ऐसे समय एक दुर्भाग्यपूर्ण धारणा पेश की ,जब वैश्विक निवेशक और प्रौद्योगिकी नेता,एआई और उन्नत प्रौद्योगिकियों में दीर्घकालिक भागीदार के रूप में भारत की विश्वसनीयता का आकलन कर रहे थे।

शीर्ष शिक्षाविदों ने की अलोचना
उन्होंने आगे कहा, “संसद सदस्य के रूप में,रचनात्मक लोकतांत्रिक आलोचना और उन कार्यों के बीच अंतर करना संवैधानिक जिम्मेदारी है,जो अनजाने में भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा कमजोर कर सकते हैं।” संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित, आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत, आईआईटी धारवाड़ के निदेशक वेंकप्पैया आर देसाई, आईआईटी जोधपुर के निदेशक अविनाश कुमार अग्रवाल और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और प्रोफेसर शामिल थे।

घरेलू राजनीतिक प्रचार का स्थान नहीं था
विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस की आलोचना करते हुए शिक्षाविदों ने कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट एक निर्णायक राष्ट्रीय और सभ्यतागत क्षण है। यह भारत की दुनिया को स्पष्ट घोषणा थी कि देश चौथी औद्योगिक क्रांति के युग में एक गंभीर और संप्रभु तकनीकी शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा, “इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस का हालिया विरोध बेहद निंदनीय और नासमझी भरा है। यह न तो कोई पक्षपातपूर्ण मंच था और न ही घरेलू राजनीतिक प्रचार का स्थान। यह एक अंतरराष्ट्रीय मंच था, जहां भारत दुनिया के सामने अपनी तकनीकी क्षमताओं, रणनीतिक दृष्टि और राष्ट्रीय क्षमता का प्रदर्शन कर रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “ऐसे क्षण को राजनीतिक प्रदर्शन के अवसर में बदलना गंभीर रूप से निर्णयहीनता और वैध लोकतांत्रिक असहमति तथा वैश्विक मंच पर राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की रक्षा करने की अनिवार्यता के बीच अंतर करने में असमर्थता को दर्शाता है।”

शिक्षाविदों ने यह भी कहा कि यह चिंताजनक है कि कांग्रेस का अपनाया दृष्टिकोण इतने महत्वपूर्ण वैश्विक संधिकाल में व्यापक राष्ट्रीय हित को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित नहीं करता है। “ऐसे समय जब चीन और पाकिस्तान जैसे विरोधी देश सार्वजनिक रूप से शिखर सम्मेलन के महत्व पर सवाल उठाते हैं । या उसे कम करने की कोशिश करते हैं, तो कोई भी घरेलू राजनीतिक आचरण जो इन कथनों को मजबूत करता प्रतीत होता है, गंभीर जांच का पात्र है।” उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन भारत के तकनीकी आत्मविश्वास और स्वदेशी आधारभूत मॉडल विकसित करने, वैश्विक पूंजी आकर्षित करने, नैतिक शासन ढांचे को आकार देने और उद्योग 4.0 में एक निर्णायक आवाज के रूप में उभरने की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा का स्पष्ट प्रदर्शन था। शिक्षाविदों ने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत की प्रगति उसके वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों और नीतिगत ढांचों का सामूहिक परिणाम है।

क्या है मामला?
पिछले शुक्रवार को, इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट में एक प्रदर्शनी हॉल में नग्न होकर नाटकीय विरोध प्रदर्शन किया। वे सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपे टी-शर्ट लिए घूम रहे थे, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल से उन्हे मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हटा दिया। दिल्ली पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में अब तक पांच आईवाईसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

 

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