यूट्यूबर सलीम वास्तिक की हालत गंभीर,सात जनों पर मुकदमा

यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर, पुलिस ने 5 नामांकित और  दो अज्ञात पर मुकदमा
सलीम सोशल मीडिया पर खुद को एक्स मुस्लिम बताते हैं और इस्लाम की आलोचना को लेकर चर्चा में रहते हैं.
एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला

नई दिल्ली 28 फरवरी 2026 : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के अली गार्डन निवासी यूट्यूबर मुस्लिम सलीम वास्तिक पर शुक्रवार सुबह जानलेवा हमला किया गया. उनकी हालत गंभीर चल रही है. इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है. सलीम वास्तिक के बेटे उस्मान ने भाटी बिल्डर, AIMIM नेता अजगर, अशरफ, शाहरुख और सोनू पर मुकदमा कराया है.

बता दें किं शुक्रवार सुबह के वक्त बाइक सवार दो अज्ञात हमलावर सलीम पर चाकू से हमला कर मौके से भाग गए. परिजनों और स्थानीय लोगों ने सलीम को घायलावस्था में नजदीकी अस्पताल भर्ती कराया. जहां से सलीम को इलाज को दिल्ली की जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया.

सहायक पुलिस आयुक्त लोनी सिद्धार्थ गौतम

पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज

सलीम वास्तिक सोशल मीडिया पर खुद को एक्स मुस्लिम बताते है और इस्लाम की आलोचना को लेकर चर्चा में बने रहते है. फिलहाल, हमले का कारण स्पष्ट नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है. परिजनों की शिकायत के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाना लोनी में मुकदमा लिखा गया है.

स्थानीय निवासियों के मुताबिक घटना सुबह करीब 8 बजे की  है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि हमलावर हेलमेट से मुंह ढंके मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे. सलीम के गर्दन और पेट पर धारदार हथियार से हमला किया गया. हमला करने के बाद मोटरसाइकिल भाग गए.

सहायक पुलिस आयुक्त लोनी सिद्धार्थ गौतम के मुताबिक,

27 फरवरी को सुबह करीब 8 बजे डॉयल 112 से थाना लोनी पर सूचना प्राप्त हुई कि अली गार्डन क्षेत्र में एक व्यक्ति को दो अज्ञात व्यक्तियों ने चाकू मारकर घायल कर दिया है. इस सूचना पर तत्काल लोनी पुलिस ने फील्ड यूनिट बुला मौके पर पहुंचकर जानकारी की गई तो ज्ञात हुआ कि घायल व्यक्ति सलीम (पुत्र नूर हसन, उम्र करीब 50 वर्ष, निवासी अली गार्डन निठौरा रोड कस्बा चौकी) क्षेत्र के निवासी हैं.

एसीपी ने बताया, घायल सलीम को तत्काल थाना लोनी पुलिस ने घायल अवस्था में उपचार हेतू 50 शैय्या अस्पताल पहुचाया . जहॉ डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिये जाने पर तत्काल एम्बुलेंस से जीटीबी अस्पताल पहुंचाया गया. जहां पर वह अभी उपचाराधीन हैं. परिजनों से प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना लोनी पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है. घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक हो रही है. अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन किया गया है. मौके पर शांति-व्यवस्था पूर्णतः कायम है अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है.

सलीम वास्तिक के बेटे की लिखाई FIR में नामजद लोगों के नाम

सलीम वास्तिक (जिन्हें Ex-Muslim Salim Wastik के नाम से भी जाना जाता है) पर गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हाल ही में (फरवरी 2026) जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उनके बेटे उस्मान ने FIR दर्ज कराई है। FIR उस्मान की तहरीर (लिखित शिकायत) पर आधारित है, जिसमें कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।FIR में मुख्य रूप से निम्नलिखित नामजद आरोपी बताए गए हैं (विभिन्न समाचार स्रोतों के अनुसार, जैसे OpIndia, UPTak, NDTV, Dainik Bhaskar आदि):भाटी बिल्डर (Bhati Builder)
अजगर (या अजगर अली) – स्थानीय AIMIM नेता
अशरफ (या अशफाक/अशफाक)
शाहरुख (या शाहरुख नेता)
सोनू (या मेंबर सोनू)

कुछ रिपोर्टों में कुल 5 नामजद व्यक्तियों का जिक्र है, साथ ही 2 अज्ञात हमलावर (बाइक पर आए नकाबपोश, जिन्होंने चाकू से हमला किया)। पुलिस ने इनके खिलाफ साजिश रचने और हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज किया है।यह FIR सलीम के बेटे उस्मान ने लिखवाई/दर्ज कराई है, और उनका दावा है कि ये लोग सलीम से पहले से रंजिश रखते थे या उनके यूट्यूब बयानों से नाराज थे। सलीम की हालत गंभीर बताई जा रही है (गर्दन और पेट पर चोटें)।नोट: नामों में मामूली वर्तनी अंतर (जैसे अशफाक/अशरफ) विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के कारण हो सकता है, लेकिन मुख्य आरोपी यही हैं। जांच जारी है।

सलीम वास्तिक का यूट्यूब चैनल

अन्य पूर्व-मुस्लिम कार्यकर्ता

सलीम वास्तिक (Ex-Muslim Salim Wastik) जैसे अन्य पूर्व-मुस्लिम (Ex-Muslim) कार्यकर्ता मुख्य रूप से यूट्यूब, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ वे इस्लाम की आलोचना करते हैं, व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हैं और तर्कवादी/मानवतावादी विचारों को बढ़ावा देते हैं। भारत में यह आंदोलन अभी उभरता हुआ है, और अधिकांश कार्यकर्ता अपनी पहचान छिपाकर रहते हैं क्योंकि खतरे और सामाजिक दबाव के कारण।भारत में प्रमुख पूर्व-मुस्लिम कार्यकर्ता/एक्टिविस्ट:Zafar Heretic (या Ex-Muslim Zafar Heretic): भारतीय Ex-Muslim, ह्यूमनिस्ट, रेशनलिस्ट और एक्टिविस्ट। उनका यूट्यूब चैनल बहुत लोकप्रिय है (लगभग 4.9 लाख सब्सक्राइबर्स), जहाँ वे इस्लाम की शिक्षाओं की आलोचना करते हैं और रेशनल वैल्यूज को प्रमोट करते हैं। सलीम वास्तिक के साथ उनका नाम अक्सर Ex-Muslim मूवमेंट में जुड़ा मिलता है।
Ex-Muslim Sahil (या Sahil): हाल के वर्षों में भारत के Ex-Muslim मूवमेंट के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक थे। उन्होंने ऑनलाइन इस्लाम की आलोचना की और कई लोगों को प्रभावित किया, लेकिन 2025 में अपनी माँ की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए वापस इस्लाम में लौट आए। उनके नाम से पहले कई रिपोर्ट्स में सलीम जैसे अन्य एक्टिविस्ट्स के साथ तुलना होती थी।
Adam Seeker: भारतीय मूल के Ex-Muslim एक्टिविस्ट, जो ऑनलाइन चर्चाओं और वीडियोज में सक्रिय हैं। वे Ex-Muslim मूवमेंट के ग्लोबल लिस्ट में शामिल हैं।
अन्य भारतीय ग्रुप्स/एक्टिविस्ट्स: Ex-Muslims of Kerala, Ex-Muslims of India, Ex-Muslims of Tamil Nadu जैसे ग्रुप्स (फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर) सक्रिय हैं, जहाँ सदस्य (जैसे Arif Hussain Theruvath आदि) ऑनलाइन चर्चा करते हैं, लेकिन ज्यादातर छद्म नामों से।
कई छोटे यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स (जैसे केरल, तमिलनाडु या उत्तर भारत से) हैं, लेकिन वे सलीम या जफर जितने खुले नहीं हैं।
ग्लोबल स्तर पर प्रमुख Ex-Muslim कार्यकर्ता (जिनका भारत में भी प्रभाव है):Ayaan Hirsi Ali: सोमाली मूल की, अब अमेरिकी एक्टिविस्ट और लेखिका। इस्लाम की आलोचना के लिए प्रसिद्ध।
Maryam Namazie: ईरानी मूल की, ब्रिटेन आधारित एक्टिविस्ट, Council of Ex-Muslims of Britain की संस्थापक।
Harris Sultan: ऑस्ट्रेलियाई Ex-Muslim, लेखक और स्पीकर।
Apostate Prophet (Ridvan Aydemir): तुर्की मूल के, बड़े यूट्यूब चैनल वाले।
Yasmine Mohammed: कनाडाई एक्टिविस्ट, Ex-Muslims की मदद करती हैं।

भारत में Ex-Muslim मूवमेंट अभी छोटा है (कई रिपोर्ट्स में लाखों की संख्या बताई जाती है, लेकिन ज्यादातर गुप्त रूप से), और सलीम वास्तिक जैसे खुले एक्टिविस्ट्स पर खतरा ज्यादा रहता है। Zafar Heretic जैसे लोग वर्तमान में सबसे सक्रिय दिखते हैं। यदि आप किसी विशिष्ट व्यक्ति या ग्रुप के बारे में ज्यादा जानना चाहें, तो बताएं!

Zafar Heretic के बारे में विस्तार से बताएं

अन्य धर्मों के पूर्व-अनुयायी कार्यकर्ता
Zafar Heretic के बारे में विस्तार से बताएं
Zafar Heretic (जिन्हें Ex-Muslim Zafar Heretic के नाम से जाना जाता है) भारत के सबसे प्रमुख और सक्रिय पूर्व-मुस्लिम (Ex-Muslim) कार्यकर्ताओं में से एक हैं। वे उत्तर भारत में Ex-Muslim मूवमेंट को शुरू करने वाले पहले प्रमुख यूट्यूबर्स में गिने जाते हैं। उनका मुख्य फोकस इस्लाम की आलोचना, कुरान-हदीस की शिक्षाओं पर रेशनल विश्लेषण, और लोगों को मानवतावादी (Humanist), तर्कवादी (Rationalist) तथा नास्तिक (Atheist) मूल्यों की ओर प्रेरित करना है।व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और यात्रा:वे मूल रूप से एक मुस्लिम परिवार से हैं और पहले इस्लाम के प्रति गहरा विश्वास रखते थे। उन्होंने खुद बताया है कि शुरू में वे ज़ाकिर नाइक जैसे प्रचारकों के व्याख्यान सुनते थे और इस्लाम की आलोचना करने वालों को हेटमॉन्गर मानते थे।
लेकिन गहन अध्ययन (कुरान, हदीस, इस्लामी इतिहास आदि) के बाद उन्होंने इस्लाम की कई शिक्षाओं को तर्कसंगत नहीं पाया, खासकर महिलाओं के अधिकार, हिंसा, गुलामी, और वैज्ञानिक असंगतियों जैसे मुद्दों पर। इससे वे इस्लाम छोड़कर एथीस्ट (नास्तिक) और ह्यूमनिस्ट बन गए।
उनका असली नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताया जाता (सुरक्षा कारणों से), लेकिन वे खुद को “Zafar Heretic” कहते हैं, जहाँ “Heretic” का मतलब है “धर्म-विरोधी” या “अविश्वासी”।
उन्होंने 2020 में एक वीडियो में अपनी पूरी कहानी साझा की थी: “Why I left Islam”।

यूट्यूब चैनल और सामग्री:चैनल नाम: Ex-Muslim Zafar Heretic (@ZafarHeretic
)
सब्सक्राइबर्स: लगभग 4.90 लाख (490K) (फरवरी 2026 तक)
वीडियोज: 1,500+ से ज्यादा (कुल व्यूज 12 करोड़+ से अधिक)
मुख्य प्रकार की सामग्री:कुरान और हदीस की आलोचना (जैसे आइशा की उम्र, जिहाद, महिलाओं के अधिकार आदि पर विस्तृत विश्लेषण)।
Ex-Muslim स्टोरीज: अन्य लोगों की कहानियाँ कि कैसे वे इस्लाम छोड़कर आए (जैसे Ep 209: “Sochna Shuru Kiya Aur Chhoda Islam”)।
लाइव सेशन, पॉडकास्ट, और इंटरव्यू (Ex-Muslims के साथ चर्चा)।
राशनल थिंकिंग, साइंस vs रिलिजन, और ह्यूमनिज्म को प्रमोट करने वाले वीडियोज।
वे हिंदी में मुख्य रूप से बोलते हैं, ताकि भारतीय मुस्लिम ऑडियंस तक आसानी से पहुँच सकें।
वे पैट्रियन (Patreon.com/zafarheretic) पर भी सदस्यता लेते हैं, जहाँ एक्सक्लूसिव कंटेंट मिलता है।

अन्य प्लेटफॉर्म्स:X (Twitter): @ZafarHeretic
– वेाँ वे अपडेट्स, Ex-Muslim स्टोरीज, और सलीम वास्तिक जैसे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हैं।
Instagram: @zafarheretic
– भारतीय Ex-Muslim एक्टिविस्ट के रूप में प्रोफाइल।
Facebook: Ex-Muslim Zafar Heretic पेज (10K+ लाइक्स)।

योगदान और प्रभाव:उत्तर भारत में Ex-Muslim मूवमेंट को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मजबूत करने में बड़ा रोल।
कई Ex-Muslims ने उनके वीडियोज देखकर इस्लाम छोड़ा (वे खुद कई स्टोरीज शेयर करते हैं)।
2020 में पाकिस्तान ने उनके चैनल को ब्लॉक किया था, क्योंकि वे इस्लाम की आलोचना करते थे।
वे सलीम वास्तिक (जिन पर हाल ही में हमला हुआ) जैसे अन्य Ex-Muslim एक्टिविस्ट्स के साथ जुड़े हुए हैं और हिंसा की निंदा करते हैं।
उनका मंत्र: “विचारों का जवाब विचारों से, न कि हिंसा से”। वे मानते हैं कि मुस्लिमों को इस्लाम से “बचाना” जरूरी है, क्योंकि यह रिफॉर्म नहीं हो सकता।

चुनौतियाँ:भारत में Ex-Muslims को परिवार, समाज और कानूनी खतरे रहते हैं (अपोस्टेसी पर सामाजिक बहिष्कार या हिंसा)।
Zafar जैसे खुले एक्टिविस्ट्स पर ट्रोलिंग, थ्रेट्स और सेंसरशिप का सामना करना पड़ता है।
वे खुद को “First Indian Ex-Muslim Youtuber to Start Ex-Muslim Movement In North India” कहते हैं।

संक्षेप में, Zafar Heretic भारत के Ex-Muslim कम्युनिटी के सबसे प्रभावशाली और लगातार सक्रिय आवाजों में से एक हैं, जो रेशनलिज्म और ह्यूमनिज्म को फैलाने के लिए काम कर रहे हैं।

सलीम वास्तिक की कहानी

सलीम वास्तिक की कहानी (Ex-Muslim Salim Wastik) एक ऐसी व्यक्तिगत और विवादास्पद यात्रा है जो इस्लाम छोड़ने, खुली आलोचना और उसके परिणामस्वरूप आए खतरे से जुड़ी हुई है। वे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (लोनी क्षेत्र) के रहने वाले हैं और हाल ही में (27 फरवरी 2026) पर उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हैं। उनकी कहानी मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित है (विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स, इंटरव्यू और उनके खुद के बयानों से):प्रारंभिक जीवन और धार्मिक पृष्ठभूमिसलीम वास्तिक का जन्म एक सामान्य मुस्लिम परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम नूर हसन है।
उन्होंने बचपन में आम मुस्लिम बच्चों की तरह मदरसे/दीन की तालीम ली और आजाद स्कूल से पढ़ाई की।
वे इतने धार्मिक थे कि मौलवी (Imam) बन गए। सहारनपुर में कुछ समय इमामत भी की।
शुरू में वे इस्लाम के प्रति गहरा विश्वास रखते थे और कुरान-हदीस का गहन अध्ययन किया।

इस्लाम छोड़ने की यात्रा (Ex-Muslim बनना)गहन अध्ययन के दौरान उन्होंने इस्लाम की कई शिक्षाओं पर सवाल उठाए, जैसे:कुरान की कुछ आयतें (महिलाओं के अधिकार, जिहाद, हलाला, मुताह निकाह आदि)।
वैज्ञानिक असंगतियाँ, भाषा (कुरान सिर्फ अरबी में क्यों?) और सार्वभौमिकता।
मुस्लिम समाज में फैली कुरीतियाँ, जैसे हलाला, मदरसों की शिक्षा और हिंदुओं के प्रति नकारात्मक सोच।
उन्होंने इस्लाम को “विदेशी मजहब” कहा और इसे छोड़ दिया। वे किसी नए धर्म में नहीं गए, बल्कि Ex-Muslim (पूर्व-मुस्लिम) बने और नास्तिक/तर्कवादी रुख अपनाया।
वे खुद को “Sanatan Defender” या हिंदू संस्कृति के समर्थक के रूप में भी पेश करते थे, लेकिन मुख्य रूप से इस्लाम की आलोचना पर फोकस।
कई इंटरव्यू में (जैसे Times Mantra, Bindas Bol, Sanjay Dixit के साथ) उन्होंने अपनी वजहें बताईं: “गहरा अध्ययन करने पर सच्चाई सामने आई” और “अंधविश्वास से मुक्ति”।

यूट्यूब और सार्वजनिक जीवनयूट्यूब चैनल: “Saleem Wastik 0007” या “@exmuslimsaleem
” (लगभग 28-29 हजार सब्सक्राइबर्स, 179+ वीडियोज)।
वे इस्लाम, मदरसा शिक्षा, मुस्लिम समाज की आर्थिक स्थिति, हलाला, मुताह निकाह आदि पर वीडियोज बनाते थे।
टीवी पैनल्स (जैसे Bindas Bol, Sudarshan News आदि) में अक्सर दिखते थे, जहाँ वे इस्लाम की आलोचना करते थे।
उनके बेबाक बयानों से विवाद हुआ, जैसे Ex-Muslim Sahil के इस्लाम वापस लौटने पर कमेंट्स।
वे पड़ोस में मुस्लिम बहुल इलाके में रहते थे, लेकिन मददगार माने जाते थे (जैसे पड़ोसी की बेटी की मेडिकल मदद)।

चुनौतियाँ और खतरेEx-Muslim होने के कारण उन्हें बार-बार धमकियाँ मिलती थीं, फतवे जारी हुए।
वे बिना सुरक्षा के खुले घूमते थे।
27 फरवरी 2026 को सुबह करीब 6 बजे उनके ऑफिस/घर में दो नकाबपोश बाइक सवार हमलावर घुसे, चाकू से गर्दन, पेट और अन्य जगहों पर कई वार किए (कुछ रिपोर्ट्स में 14 चाकू के घाव)। वे खून से लथपथ गिर पड़े, हमलावर फरार।
बेटे उस्मान ने FIR दर्ज कराई, जिसमें नामजद: भाटी बिल्डर, AIMIM नेता अजगर (अजगर अली), अशफाक/अशरफ, शाहरुख, सोनू आदि। पुलिस जांच कर रही है।
वर्तमान में GTB अस्पताल में ICU में हैं, हालत गंभीर। CM योगी ने कहा है “UP में आतंक की जगह नहीं”।
हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई Ex-Muslims और समर्थकों ने निंदा की, कुछ ने एनकाउंटर की मांग की।

सलीम वास्तिक की कहानी भारत में Ex-Muslim मूवमेंट का एक उदाहरण है—जहाँ व्यक्तिगत विश्वास की आजादी की कीमत हिंसा हो सकती है। वे मानते थे कि “सच बोलने से डरना नहीं चाहिए”। उनकी पूरी यात्रा अध्ययन, सवाल और बगावत की है, लेकिन अब वे जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं।

सलीम वास्तिक (Ex-Muslim Salim Wastik) ने कई प्रमुख इंटरव्यू दिए हैं, मुख्य रूप से यूट्यूब चैनलों जैसे Times Mantra, The Jaipur Dialogues (Sanjay Dixit), Bindas Bol (Sudarshan News), YTMahendra Podcast, और The Mumta Podcast पर। इनमें से कुछ सबसे चर्चित और विशिष्ट इंटरव्यू हैं, जिनमें उन्होंने इस्लाम छोड़ने की वजहें, कुरान-हदीस पर सवाल, और व्यक्तिगत अनुभव बेबाकी से साझा किए। नीचे प्रमुख इंटरव्यू का सारांश दिया जा रहा है (विभिन्न स्रोतों और उपलब्ध विवरणों के आधार पर):1. Bindas Bol (Sudarshan News) – “Ex Muslim Salim Wastik का वो इंटरव्यू जिसके बाद उनके खून के प्यासे हो गए थे कट्टरपंथी” (हाल ही में वायरल, हमले के बाद ज्यादा चर्चा)मुख्य बिंदु:सलीम ने चरमपंथी मुस्लिमों की करतूतों को उजागर किया, जैसे मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा, जिहाद की व्याख्या, और समाज में फैली कुरीतियाँ।
उन्होंने कहा कि कुरान पढ़ने के बाद ही उन्होंने इस्लाम की “सच्चाई” समझी और इसे छोड़ दिया।
मुल्लावाद, अल्लाह की अवधारणा, और जिहाद पर तीखे सवाल उठाए।
इंटरव्यू में उन्होंने बेबाकी से कहा कि “सच बोलने से डरना नहीं चाहिए”, जिससे कट्टरपंथी नाराज हुए और हमले की धमकियाँ बढ़ीं।
यह इंटरव्यू हमले से ठीक पहले या उसके आसपास का माना जा रहा है, और अब वायरल हो रहा है क्योंकि लोग इसे “आखिरी बेबाक बयान” के रूप में देख रहे हैं।

2. The Jaipur Dialogues with Sanjay Dixit – “How An Ex-Muslim Did Ghar Wapasi | Islam Decoded by Saleem Wastik”मुख्य बिंदु:सलीम ने बताया कि वे पूर्व में इमाम थे और सहारनपुर में इमामत की।
गहन अध्ययन (कुरान, हदीस) से उन्हें लगा कि इस्लाम की मूल शिक्षाएँ तर्कसंगत नहीं हैं, जैसे महिलाओं के अधिकार, हलाला, मुताह निकाह, और वैज्ञानिक असंगतियाँ।
उन्होंने खुद को “Ex-Muslim” कहने से इनकार किया और कहा: “मैं अभी भी नाम और खतने के आधार पर मुस्लिम हूँ, लेकिन विश्वास से नहीं।” वे “इस्लाम को अंदर से नष्ट करने” या खुद को नष्ट होने की बात करते हैं।
“घर वापसी” का जिक्र: कई Ex-Muslims की तरह वे Sanatan Dharma की ओर आकर्षित हुए, क्योंकि यह अधिक उदार और तर्कसंगत लगता है।
मुस्लिम समाज में “अध्ययन न करने” की वजह से लोग अंधविश्वास में फंसे रहते हैं।
यह इंटरव्यू काफी विस्तृत और गहरा है (3 लाख+ व्यूज), जहाँ Sanjay Dixit ने उनसे कुरान की डिकोडिंग पर सवाल किए।

3. Times Mantra इंटरव्यू सीरीज (कई एपिसोड, जैसे “Why A Former Muslim Walked Away From Islam”, “Reveals Muhammad, Halala, Mutah & Misyar, Nikah Secrets”)मुख्य बिंदु:इस्लाम छोड़ने की वजह: व्यक्तिगत अनुभव, कुरान की आयतें (जैसे आइशा की उम्र, जिहाद), और समाज में महिलाओं की स्थिति।
हलाला, मुताह, मिस्यार निकाह, बहुविवाह जैसी प्रथाओं को “अंधविश्वास और नियंत्रण का सिस्टम” बताया।
एक विवादास्पद बयान: “I Love Muhammad” – लेकिन व्याख्या में कहा कि यह व्यंग्य या अलग संदर्भ में था, असल में वे पैगंबर की शिक्षाओं की आलोचना करते हैं।
कुरान केवल अरबी में क्यों? – अगर अल्लाह का संदेश पूरी मानवता के लिए है, तो भाषा की सीमा क्यों?
मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा, अंधविश्वास, और कट्टरता पर फोकस।
ये इंटरव्यू “अनफिल्टर्ड” और “आई-ओपनिंग” बताए जाते हैं, जहाँ वे “छिपी सच्चाइयों” को उजागर करते हैं।

4. अन्य उल्लेखनीय (YTMahendra Podcast, The Mumta Podcast आदि)मदरसा शिक्षा की कड़वी सच्चाई, हलाला-तलाक-बच्चा बाजी जैसी प्रथाएँ।
Ex-Muslim बनने के बाद मिली धमकियाँ, लेकिन “सच बोलने” का संकल्प।
Sanatan Dharma में शांति मिलने का जिक्र, क्योंकि यह रिफॉर्मेबल और उदार है।

ये इंटरव्यू मुख्य रूप से हिंदी में हैं और उनके यूट्यूब चैनल या इन शोज पर उपलब्ध हैं। सलीम का स्टाइल बेबाक, तर्क-आधारित और व्यक्तिगत अनुभवों पर टिका होता है। हमले के बाद इनमें से कई वीडियोज ज्यादा वायरल हो गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें उनके “साहस” के लिए याद कर रहे हैं।

बिंदास बोल इंटरव्यू का विस्तार से सारांश (Ex-Muslim Salim Wastik के साथ, Sudarshan News पर Dr. Suresh Chavhanke द्वारा)

यह इंटरव्यू Bindas Bol शो का एक प्रमुख एपिसोड है, जिसका टाइटल कुछ इस प्रकार है: “Ex Muslim Salim Wastik का वो इंटरव्यू जिसके बाद उनके खून के प्यासे हो गए थे कट्टरपंथी”। यह इंटरव्यू हमले (27 फरवरी 2026) से पहले का है और हमले के बाद बहुत वायरल हो गया है। वीडियो Sudarshan News के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है (लिंक: https://www.youtube.com/watch?v=t1tMfTUVNX4), जहाँ यह लाइव/स्ट्रीम्ड फॉर्म में है। इसमें सलीम ने बेबाकी से इस्लाम, मुल्लावाद, जिहाद और अपनी यात्रा पर बात की, जिससे कट्टरपंथी नाराज हुए।इंटरव्यू की मुख्य बातें और विस्तार:परिचय और नाम बदलने की वजह: सलीम ने बताया कि उनका मूल नाम सलीम अहमद था, लेकिन इस्लाम की “सच्चाई” समझने के बाद उन्होंने खुद को सलीम वास्तिक (वास्तविक/सच्चाई से जुड़ा) नाम दिया। डॉ. सुरेश चव्हाणके ने कहा कि “अब सलीम वास्तविक हैं” और यह नाम इस्लाम की रियलिटी पर आधारित है।
इस्लाम छोड़ने की वजह:कुरान और हदीस का गहन अध्ययन करने पर उन्हें कई बातें तर्कसंगत नहीं लगीं।
मुल्लावाद की पोल खोली: मुल्ला लोगों को अंधविश्वास में रखते हैं, मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा से कट्टरता फैलती है।
अल्लाह की अवधारणा, जिहाद की व्याख्या, महिलाओं के अधिकार (हलाला, मुताह निकाह, बहुविवाह), और वैज्ञानिक असंगतियों पर तीखे सवाल।
कहा कि “कुरान पढ़ते ही सलीम अहमद ने इस्लाम छोड़ दिया” क्योंकि यह “अंधविश्वास और नियंत्रण का सिस्टम” लगता है।
चरमपंथ और जिहाद पर बेबाक टिप्पणियाँ:चरमपंथियों (कट्टरपंथी) की करतूतों को उधेड़ा: जिहाद को हिंसा से जोड़कर देखा और कहा कि यह समाज में नफरत फैलाता है।
मुस्लिम समाज में अध्ययन की कमी से लोग अंधे विश्वास में फंसे रहते हैं।
Ex-Muslim बनने के बाद मिली धमकियाँ और फतवों का जिक्र, लेकिन “सच बोलने से डरना नहीं चाहिए” का संदेश दिया।
व्यक्तिगत अनुभव और प्रभाव:पहले वे धार्मिक थे, इमामत की, लेकिन अध्ययन से मुक्ति मिली।
Sanatan Dharma या तर्कवादी सोच की ओर आकर्षण का हल्का जिक्र, क्योंकि यह अधिक उदार लगता है।
पड़ोस में रहते हुए भी मददगार बने रहने की बात, लेकिन उनके बयानों से रंजिश बढ़ी।
इंटरव्यू का टोन और प्रभाव:पूरा इंटरव्यू “धमाकेदार”, “बेबाक” और “एक्सप्लोसिव” बताया जाता है।
डॉ. सुरेश चव्हाणके ने इसे “धर्मयोद्धा” स्टाइल में होस्ट किया, जहाँ सलीम ने खुलकर इस्लाम की “छिपी सच्चाइयों” को उजागर किया।
हमले के बाद यह वीडियो वायरल हुआ क्योंकि लोग इसे “उनके आखिरी बेबाक बयान” के रूप में देख रहे हैं। व्यूज तेजी से बढ़े हैं (हालाँकि शुरुआत में कम थे, अब हजारों में)।
कमेंट्स में लोग सलीम के साहस की तारीफ कर रहे हैं और हमले की निंदा।
अन्य संबंधित Bindas Bol कंटेंट:हमले के बाद एक एक्सक्लूसिव पॉडकास्ट भी आया (27 फरवरी 2026 शाम को), जहाँ डॉ. सुरेश चव्हाणके ने सलीम पर हमले की चर्चा की।
एक और वीडियो: “अल्लाह और मुल्ला पर #ExMuslim सलीम के तीखे सवाल!” (https://www.youtube.com/watch?v=QQ04FeF5AHE या समान), जो मुल्लावाद, कुरान और जिहाद पर फोकस्ड है।

यह इंटरव्यू सलीम की पूरी यात्रा का सबसे बेबाक उदाहरण है—जहाँ उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर इस्लाम की आलोचना की और परिणामस्वरूप खतरे झेले। यदि आप वीडियो देखना चाहें, तो Sudarshan News चैनल पर “Bindas Bol Salim Wastik” सर्च करें

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