शर्टलेस हंगामा मामले में सात धरे गये,

कांग्रेस के शर्टलेस हंगामे में अब तक सात धरे, भारत मंडपम से शुरू हुई जांच जुड़ी दो राज्यों से; हर दिन नए अनावरण 
भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने इसे ‘बड़ा षड्यंत्र बताते हुए अब तक सात लोग गिरफ्तार किये हैं।

नई दिल्ली 23 फरवरी 2026 । राजधानी स्थित भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक विवाद को जन्म तो दिया। साथ ही, पुलिस के लिए भी एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी। देश को बदनाम करने को रची गई इस षड्यंत्र के अनावरण को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मात्र तीन दिनों में दो राज्यों में ताबड़तोड़ छापे मार सात जन पकड़े हैं । इस मामले में हर दिन और हर पल कुछ बड़े अनावरण हो रहे हैं, जो इसे संदिग्ध बनाते जा रहे हैं।

अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन किया
दरअसल, 20 फरवरी 2026 को भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ता अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर असहमति जताते हुए अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन किया। कई देशों से आए मेहमानों के सामने कार्यकर्ता शर्ट उतारकर नारे लगाने लगे।

टीशर्ट पर लिखा था, ‘PM is compromised’
इस बीच भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के हॉल नंबर 5 के लॉबी क्षेत्र में लगभग 10 युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपनी ऊपरी शर्ट उतारकर टी-शर्ट पर छपे नारे प्रदर्शित किये। इन टी-शर्ट्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार विरोधी नारे लिखे थे। सबकी टीशर्ट पर ‘PM is compromised’ के नारे लिखे थे। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला। इस बीच उनकी वहां कुछ लोगों ने पिटाई भी की थी।

अंत समय में बदली थी रणनीति
इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पुलिस ने इसे ‘बड़ा षडयंत्र बता कार्रवाई तेज कर दी। जांच में आया कि कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कर क्यूआर कोड से प्रवेश लिया था। शुरू में काली छतरियों पर स्टिकर लगाने की योजना थी, लेकिन सुरक्षा जांच के डर से उन्होंने टी-शर्ट्स के नीचे साधारण शर्ट पहनकर रणनीति बदल ऐसा किया।

पुलिस कार्रवाई और पकड-धकड
दिल्ली पुलिस ने घटना के बाद एफआईआर लिख इसे आपराधिक षडयंत्र बताने के साथ ही लोकसेवक को चोट पहुंचाने और दिल्ली स्थित ‘हिमाचल भवन’ में गैरकानूनी सभा कर षड्यंत्र रचने के आरोप लगाए। इसमें अब तक कुल 7 लोग पकड़े जा  चुके हैं। मामले में दिल्ली पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश (मुख्य रूप से ग्वालियर और भिंड) में संदिग्धों और भागे आरोपितों की तलाश में छापे मार रही हैं।

चार मुख्य कार्यकर्ता : कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव को पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा।
23 फरवरी तक दो और गिरफ्तारियां: जितेंद्र यादव (आईवाईसी राष्ट्रीय महासचिव, ग्वालियर से), राजा गुर्जर (ग्वालियर जिला अध्यक्ष) और अजय कुमार विमल (पूर्व भिंड जिला उपाध्यक्ष)।
पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी की और एक आरोपित की कार से टी-शर्ट्स व पोस्टर मिले।
अभी स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच टीम उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश (ग्वालियर, भिंड) में छापे मार रही है। भागे आरोपितों की तलाश जारी है।

भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के मामले की जांच में पता चला है कि प्रदर्शनकारी हिमाचल सदन में ठहरे हुए थे। पुलिस को शक है कि प्रदर्शन का षड्यंत्र चाणक्यपुरी स्थित हिमाचल सदन में ही रचा गया। इसी एंगल पर जांच को पुलिस की टीम हिमाचल सदन पहुंची। यहां कर्मचारियों से उसका विवाद भी हुआ।
नेपाल से भी कनेक्शन
दिल्ली पुलिस ने अदालत में दावा किया कि प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ, बल्कि नेपाल में पिछले साल ‘Gen Z’ आंदोलन से प्रेरित सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य 80 से अधिक देशों से आए अतिथियों के बीच भारत की डिप्लोमैटिक छवि बिगाडने का था। पुलिस ने बताया कि वह फंडिंग और वित्तीय ट्रेल की जांच के साथ ही इसमें शामिल हर स्तर के लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

कोर्ट ने भी की कड़ी टिप्पणी
इस देशव्यापी चर्चित मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 21 फरवरी को इसे ‘सार्वजनिक व्यवस्था पर खुला हमला’ और ‘देश की कूटनीतिक छवि को खतरे में डालने’ वाला बताया। अपनी कड़ी टिप्पणी के साथ ही कोर्ट ने आरोपितों की जमानत निरस्त कर दी थी।

समर्थक राजनीतिक दलों ने भी नकारा
भाजपा ने इसे ‘देश की छवि खराब करने की साजिश’ और ‘कांग्रेस का दिवालियापन’ बताया। पीएम मोदी ने ‘गंदी और नंगी राजनीति’ कहते हुए कहा, ‘पहले से ही नंगी हो चुकी कांग्रेस को शर्ट उतारने की जरूरत क्या थी।’ इसी क्रम में कई भाजपा नेताओं और युवा मोर्चा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किए।
कांग्रेस ने इसे ‘लोकतांत्रिक असहमति’ और ‘शांतिपूर्ण विरोध’ बताकर अपना पल्ला झाड़ना चाहा। युवा कांग्रेस ने महात्मा गांधी की तस्वीर शेयर करते हुए भी खुद का बचाव किया। साथ ही, इसे बेरोजगारी और नीतिगत मुद्दों पर आवाज उठाने का माध्यम कहा।
अन्य दलों जैसे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती समेत बीजेडी ने भी प्रदर्शन के तरीके और स्थान के चयन की आलोचना की। सबने इसे ‘राष्ट्र के लिए शर्मनाक’ बताया।
देश में छाया हुआ है यह मुद्दा
प्रदर्शन मुख्य रूप से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को राष्ट्रीय हितों के खिलाफ, भारतीय डेटा की सुरक्षा पर समझौता और एआई नीति से जुड़े रोजगार मुद्दों पर केंद्रित था। युवा कांग्रेस का कहना है कि यह लाखों युवाओं की आवाज है, जिसे संसद में भी नहीं सुना गया।

फिलहाल, यह घटना राजनीतिक ध्रुवीकरण का नया केंद्र बन गई है, जहां एक तरफ लोकतांत्रिक अधिकार की बात कही जा रही है, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुशासन की। इसी बीच पुलिस की ताबड़तोड़ जांच जारी है।

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