मौसम से बाधित हवाई सर्वेक्षण:गहन समीक्षा कर मोदी ने उत्तराखण्ड को दिया 12 अरब का आपदा पैकेज
PM Modi Uttarakhand Visit: पीएम मोदी ने लिया आपदा के हालातों का जायजा, उत्तराखंड को दी 1200 करोड़ की मदद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करना था लेकिन मौसम अनुकूल न होने के कारण प्रधानमंत्री मोदी का आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र के हवाई सर्वेक्षण का कार्यक्रम टल गया। शाम को जौलीग्रांट में आपदा प्रभावितों से मुलाकात के बाद उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड के लिए 1200 करोड़ की तात्कालिक वित्तीय सहायता की घोषणा की गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड दौरा . CM Dhami FB page
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण
आपदा प्रभावितों से मुलाकात के बाद करेंगे उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
देहरादून 10 सितंबर2025। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास, निर्माण व राहत कार्यों के लिए 1200 करोड़ की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने आपदा में मृतकों के स्वजनों को दो लाख और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की। यद्यपि, मौसम प्रतिकूल होने के कारण प्रधानमंत्री आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा नहीं कर पाए।
उन्होंने देहरादून में ही आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट की। उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए पीएम केयर्स फार चिल्ड्रन योजना के तहत व्यापक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और पुनर्निर्माण के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शाम सवा चार बजे देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट में पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया।
मौसम खराब होने पर हवाई दौरे न होने की स्थिति देख उन्होंने एयरपोर्ट स्थिति सभागार में आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। उन्होंने आपदा से संबंधित राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुतिकरण भी देखा। आपदा प्रभावित क्षेत्र और प्रभावितों की मदद को बहुआयामी दृष्टिकोण प्रधानमंत्री ने इस दौरान आपदा ग्रस्त क्षेत्र और प्रभावितों की मदद के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्षतिग्रस्त घरों के निर्माण को विशेष परियोजना बनाने, राष्ट्रीय राजमार्गों के जीर्णाेद्धार, स्कूलों का पुनर्निर्माण में सहयोग देेने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के माध्यम से राहत प्रदान करने और पशुओं के लिए मिनी किट की व्यवस्था भी की जाएगी। अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल की रिपोर्ट के आधार पर आगे दी जाएगी सहायता प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदा के कारण नुकसान का आंकलन करने आई अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल की रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता पर विचार किया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने आपदा में मृत व्यक्तियों के स्वजन से मुलाकात कर संवेदना जताई तो प्रभावितों के दर्द को सुना। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में केंद्र, राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगा और हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों में लगे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्रों से मुलाकात कर उनके प्रयासों की सराहना की। शाम छह बजे प्रधानमंत्री वापस दिल्ली लौट गए।
मृतकों के स्वजन को दो लाख और घायलों के लिए 50 हजार की अनुग्रह राशि
अनाथ बच्चों को पीएम केयर्स फार चिल्ड्रन योजना के तहत दी जाएगी सहायता
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का होगा पुनर्निर्माण
राष्ट्रीय राजमार्गों का किया जाएगा जीर्णोद्धार
क्षतिग्रस्त हुए सभी स्कूलों का होगा पुनर्निर्माण
पशुओं के लिए मिनी किट की जाएगी वितरित
प्रधानमंत्री मोदी ने की आपदा राहत कार्यों की गहन समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत कार्यों की सराहना की
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा से हुई क्षति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की दी जानकारी
मुख्यमंत्री धामी ने राहत पैकेज की घोषणा को प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार*
उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से हुई हानि का आकलन करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जौलीग्रांट एअरपोर्ट पर आपदा राहत कार्यों की गहन समीक्षा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में आपदा से हुई हानि की विस्तार से जानकारी लेने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की ताजा स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त ), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा तथा राज्य के सभी सांसदों सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धराली, थराली सहित राज्य के आपदा प्रभावित अन्य क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव अभियानों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना की और राहत बचाव कार्यों में जुटे राज्य व केन्द्र सरकार के संगठनों के कार्मिकों से भेंट कर उनके अनुभव सुने-समझे । प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने आपदा पीड़ितों से भी मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाने के साथ ही समुचित मदद का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आपदा से हुई क्षति तथा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के अभियान पूरी तत्परता एवं क्षमता से संचालित करने में केन्द्र सरकार के संगठनों से भरपूर सहयोग मिला है जिसके चलते प्रभावितों तक त्वरित गति से समुचित राहत पहुंचाना संभव हो सका। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्रों में मौलिक सुविधायें यथावत करने को युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद सर्वश्री अजय भट्ट, त्रिवेन्द्र सिंह रावत, अनिल बलूनी, श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, श्री नरेश बंसल, श्रीमती कल्पना सैनी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ आदि उपस्थित रहे।
*उत्तराखंड में आपदा से हुए नुकसान की भरपाई हेतू राहत पैकेज की घोषणा के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी का उत्तराखंड की जनता की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं। उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने में राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ प्रयास कर रही है, इस कार्य में पहले ही दिन से ही केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने स्वयं उत्तराखंड आकर, आपदा पीड़ितों का दुःख-दर्द साझा किया है। राज्य के प्रति आत्मीयता व संवेदनशीलता को प्रधानमंत्री जी का बहुत-बहुत आभार।*
*-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
PM Modi Dehradun Visit Dharali Disaster affected people became emotional after meeting PM narrated story
आपदा में बेटा खो चुकीं कामेश्वरी देवी की आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। जवान बेटे को खोने के दर्द से इस कदर टूट चुकी थीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी के आगे कुछ कह भी नहीं पाईं।
आपदा प्रभावितों से मिले पीएम मोदी – फोटो : उत्तराखंड सूचना विभाग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान जौलीग्रांट एयरपोर्ट के राज्य अतिथि गृह में उनसे मिलने पहुंचे धराली गांव के आपदा प्रभावित ग्रामीण बेहद भावुक हो गए। 5 अगस्त की उस भयावह आपदा में सब कुछ खो चुके इन लोगों ने प्रधानमंत्री के सामने अपने दर्द को साझा किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी से मिलने पहुंची कामेश्वरी देवी अपना जवान बेटा खोने के दर्द से ऐसे टूटी हुई थीं कि कुछ कह भी नहीं पाईं। उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे और सिर्फ इतना कह पाई कि आपदा ने हमसे सब कुछ छीन लिया। पारिवारिक रोजगार तो गया ही, साथ ही बड़ा बेटा आकाश भी चला गया।
धराली से प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वालों में ग्राम प्रधान अजय नेगी, बीडीसी प्रतिनिधि सुशील पंवार, महिला मंगल दल अध्यक्ष सुनीता देवी, और कामेश्वरी देवी शामिल थे। इन सभी ने नम आंखों और भरी आवाज में 5 अगस्त की तबाही का मंजर बयां किया।
सब कुछ पल भर में दबाव गया मलबे में
प्रधान अजय नेगी ने इस आपदा में अपने चचेरे भाई सहित कई साथियों को खो दिया, जबकि सुशील पंवार ने अपने छोटे भाई और उसके पूरे परिवार को खो दिया। महिला मंगल दल अध्यक्ष सुनीता देवी की तो जीवन भर की कमाई उनका घर, होमस्टे और बगीचे सब कुछ पल भर में भूमिगत हो गए। आपदा में लापता लोगों में सिर्फ कामेश्वरी देवी के बेटे आकाश का शव ही अब तक मिला है।
ग्राम प्रधान अजय नेगी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को गांव की हर तबाही की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने प्रधानमंत्री से धराली के पुनर्वास, लोगों को फिर से रोजगार देने और कृषि ऋण माफ करने की मांग की। प्रधान ने बताया कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और रोजगार के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर आपदा प्रभावित को हर संभव मदद दी जाएगी। यह मुलाकात दर्शाती है कि इस आपदा ने न सिर्फ संपत्ति का नुकसान किया है, बल्कि लोगों के दिलों पर भी गहरा घाव छोड़ा है।
PM Modi Dehradun Visit Debris fell on 16 houses with explosion crops destroyed people told their pain to PM
PM Modi Dehradun Visit: विस्फोट के साथ 16 घरों पर गिरा मलबा, फसले चौपट, प्रभावितों ने पीएम मोदी को सुनाई व्यथा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे धराली, थराली, बागेश्वर, पौड़ी के आपदा प्रभावितों से रूबरू हुए। प्रभावितों ने तबाही की पूरी तस्वीर उनके सामने रखते हुए अपनी परेशानियां साझा कीं।
PM Modi Dehradun Visit Debris fell on 16 houses with explosion crops destroyed people told their pain to PM
आपदा प्रभावितों से मिले पीएम मोदी
पौड़ी जिले के सेंजी गांव की ग्राम प्रधान रेखा देवी ने अपने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपनी आपबीती सुनाई। बताया कि उनके गांव में करीब 250 परिवार निवास करते हैं। 6 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे भारी विस्फोट के साथ मलबे का सैलाब नीचे आया, जिससे 16 घर पूरी तरह तबाह हो गए।
इनमें आठ परिवारों के करीब 20 गोवंश की भी मौत हो गई। भारी मलबे के कारण उनके खेतों में धान, मंडुवा, झंगोरा आदि की फसल भी पूरी तरह से चौपट हो गई है। यह सभी परिवार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने अन्य ग्रामीणों के घर पर शरण ली हुई है।
PM Modi Dehradun Visit Debris fell on 16 houses with explosion crops destroyed people told their pain to PM
ग्राम प्रधान रेखा देवी
बच्चों को ड्रेस, किताबें और अन्य पाठ्य सामग्री
विभिन्न संगठनों द्वारा गांव के बच्चों को ड्रेस, किताबें और अन्य पाठ्य सामग्री दी गई हैं। वहीं प्रशासन द्वारा उन्हें मुआवजा दिया गया है। प्रधानमंत्री से मिलकर उम्मीद जगी है कि उनके घर फिर से बस सकेगा। वहीं उन्होंने कहा कि अभी भी उनके गांव पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। पहाड़ों पर जमीन के अंदर से विस्फोट के साथ भारी मलबा उनके गांव पर गिरा है।
PM Modi Dehradun Visit: आपदा प्रभावितों ने पीएम मोदी को बताई ‘मन की बात’, भरी आंखें देखकर हुए भावुक, तस्वीरें
PM Modi Dehradun Visit disaster affected people expressed their concern about the future in front of PM Modi
नवंबर में बेटे की शादी, घर बचा न रोजगार, प्रधानमंत्री के सामने छलका प्रभावितों का दर्द
PM Modi To Visit Uttarakhand: PM Modi came face to face with the pain of Dharali village, made a big announcem
धराली गांव के दर्द से रूबरू हुए PM मोदी, की बड़ी घोषणा
PM Modi Dehradun Visit Dharali Disaster affected people became emotional after meeting PM narrated story
प्रधानमंत्री से मिलकर भावुक हुए धराली के आपदा प्रभावित, सुनाई तबाही की दर्दभरी कहानी

