मुमं धामी सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में,गिनाई उत्तराखंड की उपलब्धियाँ

गणतंत्र दिवस पर गांधी पार्क में आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हुए शामिल

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश दिया

संविधान केवल कानून नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री धामी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत बना विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री

उत्तराखंड में सख्त भू-कानून, समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून लागू: मुख्यमंत्री

सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर उतारा

11000 एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त

पिछले साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन, गांवों की ओर लौट रहे लोग: मुख्यमंत्री

एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड देश में प्रथम: मुख्यमंत्री

देवभूमि को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून 26 जनवरी 2026 । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में भारत विकास परिषद के सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस गरिमामय सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में सहभागिता करना उनके लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से निकला वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का नारा रहा है, जिसने देशवासियों को एक साझा भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की तथा पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम के सूत्र में बाँधा । उन्होंने कहा कि जब गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया, तब यह केवल नारा नहीं रहा, बल्कि एकता, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सजीव प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वंदे मातरम् कोई सामान्य कविता नहीं है, बल्कि यह माँ भारती के प्रति आस्था, समर्पण और कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रगीत हजारों कंठों से एक साथ गूंजता है, तो केवल स्वर नहीं मिलते, बल्कि हृदय, विचार और संकल्प भी एक हो जाते हैं। इसी भाव को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने भारत विकास परिषद के सभी कार्यकर्ताओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गणतंत्र दिवस का यह दिन राष्ट्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1950 में स्वतंत्र भारत ने अपना संविधान लागू कर एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी यात्रा आरंभ की। उन्होंने संविधान सभा के सभी सदस्यों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों, सत्याग्रहियों और माँ भारती के अमर सपूतों को नमन कर उनका संघर्ष और बलिदान स्मरण किया। साथ ही उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सेना और पुलिस के वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक मूल्यों और हजारों वर्षों की सांस्कृतिक चेतना का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि भारत के बारे में कहा जाता था कि इतनी विविधताओं वाला देश लोकतांत्रिक नहीं रह पाएगा, वही भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ता हुआ विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आधुनिक बुनियादी ढांचे, स्मार्ट सिटी, राष्ट्रीय राजमार्गों और हवाई कनेक्टिविटी से विकास को नई गति मिली है। डिजिटल इंडिया, यूपीआई और तकनीकी नवाचारों ने प्रत्येक नागरिक को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियानों ने देश की आर्थिक नींव मजबूत कर उत्पादन और नवाचार के क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है। सेनाओं के निरंतर आधुनिकीकरण, उन्नत हथियारों और रक्षा प्रौद्योगिकी से सीमा सुरक्षा भी सुदृढ़ की जा रही है। साथ ही भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत वैश्विक मंच पर नए आत्मविश्वास से स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर उतारा है। देवभूमि की सामाजिक शांति को कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए हैं। ऑपरेशन कालनेमी से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की है तथा मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में कठोर भू-कानून लागू कर देवभूमि अवैध कब्जों और माफियागिरी से सुरक्षित की जा रही है। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। युवाओं के भविष्य सुरक्षा को कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसमें अब तक 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि  साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। राज्य गठन से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना तथा प्रति व्यक्ति आय में  17 गुना वृद्धि हुई है। बिजली उत्पादन कई गुना और सड़क नेटवर्क दोगुना होने से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्शाता है कि लोग अब रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य की आशा ले गांव लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड देश में प्रथम आया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प से देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने को निरंतर प्रयासरत है और विश्वास है कि प्रदेशवासी कर्तव्य पालन कर उत्तराखंड सहित देश को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगें।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर तथा अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे |

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