सांगाठेडा के जीशान को हफ्तेभर बाद जेल,कशिश नारी निकेतन में
सहारनपुर 02 मार्च 2026 । कोतवाली गंगोह के गांव सांगाठेड़ा से जीशान के साथ भागी हिन्दू गूजर युवती पुलिस ने सात दिन बाद प्रयागराज तक भागदौड कर जिंदा खोज ली । जीशान जेल और कशिश नारी निकेतन भेज दी गई। मामला भिन्न समुदायों से जुड़ा होने से क्षेत्र में तनाव बढता जा रहा था। युवती का मेडिकल कराकर अदालत में बयान कराए जायेंगें। जीशान अदालत में पेश कर जेल भेजा गया है। मामला अलग-अलग वर्गों से जुड़ा होने से गांव में तनाव दिन ब दिन बढ रहा था। कई संगठन और जनप्रतिनिधि भी युवती के परिजनों के पक्ष में आ गए थे, प्रदर्शन कर हाईवे पर जाम भी लगा था। सावधानी को गांव में चार थानों पुलिस फोर्स के साथ उच्चाधिकारी भी लगे रहे। युवती मिलने पर पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि सात दिन पूर्व गांव सांगाठेड़ा के गूजर परिवार की लडकी गांव के ही मुस्लिम के साथ भाग गई थी। परिजनों ने लडकी बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए आजम पर मुकदमा कराया था। मामला हिंदू-मुस्लिम होने से तनातनी बनी हुई थी। दोनों समुदायों में गांव में पंचायत हुई। मुसलमानों ने लडकी 24 घंटे में लाने वादा कीया लेकिन वह लडके के प्रयागराज जाकर हाई कोर्ट की शरण लेने को समय लेने की टैक्टिस सिद्ध हुई। लड़की के परिजनों के पक्ष मे कई संगठनों ने भी पंचायत की। वहीं,गोपनीय रूप से रोज पंचायतें और बैठकें चल रही थी। लडकी के न मिलने पर मामला बढ़ता जा रहा था। सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम भी लड़की पक्ष के समर्थन में आए थे।
प्रयागराज से मिलने की रही चर्चा
पूरे दिन चर्चा रही कि लडकी और जीशान पुलिस ने प्रयागराज से ढूंढ पकड़े हैं,लेकिन पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों कोतवाली गंगोह क्षेत्र में ही मिले हैं।
प्रयागराज भी गए थे जीशान-कशिश
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि लड़का-लड़की इलाहाबाद हाईकोर्ट भी गए थे लेकिन वहां सहारनपुर पुलिस पहले ही डेरा डाले बैठी थी । सीओ गंगोह अशोक सिसौदिया और कोतवाली प्रभारी की टीम वहां थी ।
रिमांड लेगी पुलिस, अदालत में होंगे बयान
युवक को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक देहात सागर जैन ने बताया कि जीशान को रिमांड पर लेकर पूछताछ होगी। इसको अदालती प्रक्रिया शुरू हो गई है। कशिश का मेडिकल कराने के साथ ही अदालती बयान कराये जाएंगे।
कशिश का वीडियो हुआ था वायरल
तीन दिन पूर्व सोशल मीडिया पर युवती का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह जीशान के साथ रहने का ऐलान कर रही थी और बता रही थी कि वह 18 साल की हो गई है और आजाद है। ये भी कि उसके जीशान से डेढ साल सै संबंध हैं यानि जब वह साढे 16 साल की थी,तब से जीशान ने उसकी ग्रुमिंग शुरु कर दी थी और उसके वयस्क होने की इंतजार में था। लस्ट जिहाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था, जिसे शांत करने को प्रशासन को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पडा ।
लडकी 23 को गायब हुई और 24 फरवरी को गांव के जसबीर सिंह ने अपनी बेटी कशिश के लापता और अपहरण मामले में लिखित शिकायत दी थी. आरोप था कि गांव के ही मुस्लिम जीशान ने उनकी बेटी कशिश बहला-फुसला कर भगा ली.लडकी अवयस्क बतायी थी, पुलिस ने जीशान पर अपहरण और पोक्सो एक्ट लगाया था.
पुलिस को तकनीकी सर्विलांस से लड़की की लोकेशन प्रयागराज में मिली और एक विशेष टीम वहां भेजी गई । मामले में फिलहाल पुलिस अधिकारी औपचारिक बयान देने से बच रहे हैं.
लेकिन आरोपित जीशान को पुलिस ने सहारनपुर के ही नानौता इलाके के मेरठ अम्बाला हाईवे के पास से पकडने का दावा किया है.पुलिस ने आरोपित कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.वही,लडकी का मेडिकल परीक्षण करा कोर्ट में पेश किया जाएगा,जहां उसके बयान दर्ज होंगे.
लड़की मुसलमान के पक्ष में बयान देती है या कुछ ओर ये बयान सै ही सामने आयेगा. क्योंकि, लापता होते लड़की के कई वीडियो वायरल हुये,उनमें वह अपनी मर्जी से जाने की बात,यहां तक कि जीशान को भगाने का ऐलान कर रही थी. हालांकि, परिजनों का दावा था कि ये वीडियो फेक और मारपीट कर बनाया गया है, लड़की अवयस्क है.
लस्ट जिहाद का आरोप, पूरे इलाके में था तनाव
लड़की लापता होने पर गांव और आसपास के इलाकों में तनाव बना था. कई संगठनों ने लड़की पक्ष में प्रदर्शन किया और हाईवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। भाजपा नेता संगीत सोम और विधायक नंद किशोर गुर्जर ने लस्ट जिहाद का मामला बता पुलिस को अल्टीमेटम भी दिया था.उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जसवंत सैनी ने भी अधिकारियों को लड़की जल्द बरामदगी के कठोर निर्देश दिए थे.हिंदू संगठनों ने भी जमकर हंगामा किया था.गांव में कई राउंड पंचायत भी हुई थी, जिससे तनाव चरम पर था. इसे देखते हुए पुलिस और पीएससी टीम सात दिनों से तैनात थी. गंगोह-नानौता मार्ग पर भी जाम लगा था। पुलिस अधीक्षक देहात सागर जैन ने हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व क्षेत्र के लोगों को लड़की सकुशल ढूंढ निकालने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था।
इसके बाद धरना प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया था। समयावधि पूरी होने के बाद भी जब लड़की बरामद नहीं हुई तो हिंदू संगठन और संतों ने धरना प्रदर्शन करते हुए 27 फरवरी को गंगोह-नानौता मार्ग पर कई घंटे जाम लगाया था। जब एसपी देहात ने दो दिन में लड़की की बरामदगी का आश्वासन दिया था।
इस मामले में पुलिस की तीन टीमें दोनों की तलाश में जुटी थीं। सोमवार को पुलिस ने लडकी जीशान के पास जिंदा ढूंढ ली। इसके साथ ही युवती का मेडिकल करा उसे नारी निकेतन भेजा और जीशान कोर्ट से जेल।
