डॉ.रमीजुद्दीन ने आगरा में भी बना रखा था जिहादी “इस्लामिक मेडिकोज” ग्रुप,फंसा रखी थी हिंदू टॉपर

KGMU मतांतरण केस: डॉक्टर रमीज की कुंडली खंगालने आगरा पहुंची एसटीएफ, 13 साल के रिकॉर्ड तलब

किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में यौन शोषण और मतांतरण के आरोपित डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक की जांच को एसटीएफ की टीम आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची। टीम ने कॉलेज प्रशासन से 13 साल के जूनियर और सीनियर रेजिडेंट के रिकॉर्ड मांगे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसटीएफ डॉक्टर रमीज के नेटवर्क और करीबियों की कुंडली खंगाल रही है, जिसमें डॉक्टर परवेज से जुड़ाव भी शामिल है।आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में डा. रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज पर यौन शोषण और मतांतरण का आरोप लगा है। उसने 10 छात्रों के साथ ‘इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप’ बनाया। रमीज ने डांस के जरिए टॉपर मेडिकल छात्रा को फंसाया और उसकी सहेलियों से भी नजदीकियां बढ़ाईं। हॉस्टल में पार्टियां कर मतांतरण की योजनाएं बनती थीं। ग्रुप मुस्लिम छात्राओं के हिंदू छात्रों से संबंध तोड़ने में भी सक्रिय था।

लखनऊ/ आगरा 12 जनवरी 2026। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ की रेजिडेंट महिला डॉक्टर के यौन शोषण और मतांतरण के आरोपित डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज की कुंडली खंगालने मंगलवार दोपहर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम एसएन मेडिकल कालेज पहुंची।

दो सदस्यीय टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जूनियर और सीनियर रेजिडेंट का 13 साल का रिकॉर्ड मांगा है। इस रिकॉर्ड के मिलने के बाद एसटीएफ रमीजुद्दीन की कुंडली तैयार करने के साथ ही उसके करीबियों के बारे में जानकारी करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले जांच एसटीएफ को दी गई है।

2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज में लिया था प्रवेश
केजीएमयू के पैथालाजी में एमडी कर रहे डॉक्टर रमीजुद्दीन  ने वर्ष 2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। शुरूआत में वह वह मोती कटरा में किराए के कमरे में रहा था। केजीएमयू की महिला रेजिडेंट ने डॉक्टर रमीजुद्दीन का खेल उजागर किया था। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच एसटीएफ को दे दी गई। मंगलवार दोपहर एक बजे एसटीएफ मुख्यालय के निर्देश पर स्थानीय दो सदस्यीय टीम एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची।

प्राचार्य से  मांगा रिकॉर्ड
प्राचार्य डाॅक्टर प्रशांत गुप्ता से वर्ष 2012 के सीनियर और जूनियर रेजिडेंट के साथ ही वर्ष 2012 से अब तक के जूनियर और सीनियर रेजिडेंट का पूरा डेटा मांगा। डॉक्टर रमीजुद्दीन ने वर्ष 2012 से 2018 के बीच एमबीबीएस की थी। वह वर्ष 2013 से 2018 तक अधिकारिक रूप से हॉस्टल में रहा था। एमबीबीएस करने के बाद भी वह हॉस्टल में कहां रहा, जिस समय डॉक्टर रमीजुद्दीन ने एसएन मेडिकल कालेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था, तभी दिल्ली बम धमाके के मामले में पकड़े गए डॉक्टर परवेज ने यहां एमडी में प्रवेश लिया था।

केजीएमयू में लव जिहाद और मतांतरण की मामले की जांच मिलने के बाद सक्रिय हुई टीमें
सीनियर रेजिडेंट परवेज व जूनियर रेजिडेंट ने मिलकर इस्लामिक मेडिकोज वाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसमें डॉक्टर रमीजुद्दीन भी जुड़ा था।आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में डा. रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज पर यौन शोषण और मतांतरण का आरोप लगा है। उसने 10 छात्रों के साथ ‘इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप’ बनाया। रमीज ने डांस के जरिए टॉपर मेडिकल छात्रा को फंसाया और उसकी सहेलियों से भी नजदीकियां बढ़ाईं। हॉस्टल में पार्टियां कर मतांतरण की योजनाएं बनती थीं। ग्रुप मुस्लिम छात्राओं के हिंदू छात्रों से संबंध तोड़ने में भी सक्रिय था।

एसटीएफ इस ग्रुप से जुड़े रेजिडेंट का डाटा एसएन मेडिकल कालेज के डाटा से शार्ट लिस्ट करेगी। इसके साथ ही यह भी जानकारी करेगी कि डॉक्टर रमीज और डॉक्टर परवेज के और कितने करीबी रेजिडेंट थे। वे अब कहां तैनात हैं? इसकी भी जानकारी की जाएगी।

छांगुर का साम्राज्य नष्ट करने वाले डीएसपी को दी जांच
बलरामपुर के छांगुर का साम्राज्य नष्ट करने वाले एसटीएफ के उपाधीक्षक प्रमेश शुक्ला को केजीएमयू में लव जिहार और मतांतरण की जांच दी गई है। उनके नेतृत्व में अब एसटीएफ की टीम डॉक्टर रमीजुद्दीन का नेटवर्क पता कर रही है। उसके करीबियों का पूरी कुंडली तैयार करने के बाद एसटीएफ उन पर भी शिकंजा कस सकती है।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में लव जहाद का रैकेट चलाने वाले डॉक्टर रमीजुद्दीन के पुराने फोन का सारा डाटा रिकवर हो गया। उसके पास एक और फोन मिला है उसका डाटा भी रिकवर हुआ है।

उसके अनुसार रमीजुद्दीन PFI के पदाधिकारी के संपर्क में था। इसको कई PFI के लोग बाकायदा गाइडलाइन बना कर देते थे कि कैसे इसे ज्यादा से ज्यादा हिंदू लड़कियों को खास कर पढ़ी-लिखी डॉक्टर हिंदू लड़कियों को उनके ब्रेनवास करके मुस्लिम बनाना है। उनको लव जहाद में फसाना है । उनका उनके साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसे वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करके धर्म परिवर्तन करना है।

इस तरह से उसे कई तरह की गाइडलाइन PFI के लोग देते थे

साथ ही साथ इसके माता-पिता भी धर्मांतरण का गैंग चलाते थे। इसके पिता ने चार हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण किया है जिसमें से तीन के साथ उसने निकाह किया है उसमें से दो पंजाबी लड़कियां हैं।

इसका पिता भी कई ऐसे मुस्लिम संगठनों के साथ जुड़ा हुआ था जो लव जिहाद को बढ़ावा देते थे।

uttar pradesh agraRameez And Parvez Ansari Had Created Islamic Medicos Whatsapp Group At Sn Medical College Agra
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में रमीज और परवेज ने बनाया था ‘इस्लामिक मेडिकोज’ ग्रुप, एजेंसी की रडार पर छात्र
केजीएमयू के डॉक्टर रमीजुद्दीन पर छेड़छाड़ और धर्मांतरण के प्रयास के आरोप लगे हैं। उनको जेल भेज दिया गया है। वहीं, अब आगरा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि रमीजुद्दीन ने 2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया था। यहां भी उसने धर्मांतरण को ग्रुप बनाया था। उसके साथ दिल्ली धमाके का आरोपित परवेश भी शामिल था।

किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) के डॉक्टर रमीजुद्दीन मलिक और दिल्ली बम धमाके में पकड़े गए डॉक्टर परवेज अंसारी के मामले में कई भेज वाली सूचनायें सामने आ रही हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे ही इनसे जुड़े हैरान कर देने वाली सूचनायें मिल रही हैं। दोनों ने मिलकर आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में यहां के छात्राओं को धर्मांतरण में फंसाने को एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था, जिसका नाम इस्लामिक मेडिकोज रखा था।
Rameez Malik Parvej
रमीजुद्दीन और परवेज अंसारी

यही नहीं, एसएन के सीनियर बॉयज हॉस्टल स्थित मस्जिद में बाहरी लोगों के साथ नमाज पढ़ते थे। अब इस मामले में एजेंसी एसएन में परेवज और रमीजुद्दीन के संपर्क में आए लोगों का विवरण खंगाल रही है।

2012 में रमीजुद्दीन और परवेज अंसारी ने लिया था एडमिशन
केजीएमयू के डॉक्टर रमीजुद्दीन को महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ और धर्मांतरण के प्रयास में जेल भेजा जा चुका है। बता दें कि साल 2012 में रमीजुद्दीन ने आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लिया था। वहीं, दिल्ली धमाके के आरोपित परवेज अंसारी ने भी 2012 में एमडी मेडिसिन में एडमिशन लिया था। रमीजुद्दीन और परवेज दोनों एसएन मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रहते थे। हॉस्टल में एंट्री करते ही बायीं ओर मस्जिद है और यही पर दोनों नमाज पढते थे।

रमीजुद्दीन ने बैच की टॉपर छात्रा को अपने जाल में फंसाया था
रमीजुद्दीन और परवेज ने एसएन मेडिकल कॉलेज की छात्राओं को फंसाकर उनका धर्मांतरण कराने के लिए वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था। इसमें कई मौलानाओं को भी जोड़ा गया था। यही नहीं,  मेडिकल कॉलेज के कमरों में छात्र बैठक करते थे। बताया जा रहा है कि रमीजुद्दीन ने धर्मांतरण को बैच की टॉपर छात्रा को अपने जाल में फंसाया था। इसके अलावा ग्रुप में जुड़े अन्य कई सदस्यों ने मेडिकल छात्राओं से दोस्ती की।

हर साल 15 मुस्लिम युवक लेते थे एडमिशन
2012 से 2017 तक एसएन मेडिकल कॉलेज में धर्मांतरण कराने को मेडिकल कॉलेज की कई छात्राओं को जाल में फंसाने की कोशिश हुई। कई इनके चंगुल में फंसी भी थीं। 2012 से 2017 तक हर साल करीब 15 मुस्लिम छात्र एसएन मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेते थे। इसके बाद इन मुस्लिम युवकों को ग्रुप में जोड़ा जाता था और फिर मुस्लिम युवक छात्राओं को फंसाने में लग जाते थे।

कई बार हुआ था बवाल
धर्मांतरण को पहले मुस्लिम युवक छात्राओं से दोस्ती करते और फिर धीरे-धीरे उनके नजदीक आ जाते। मौका पाकर छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उनको ब्लैकमेल कर धर्मांतरण का दबाव बनाते थे। इनके जाल में कई छात्राएं फंस गई थीं। यही नहीं, मस्जिद में बाहरी लोगों के नमाज पढने को लेकर कई बार बवाल हुआ था। अब जब रमीजुद्दीन और परवेज का कनेक्शन एसएन मेडिकल कॉलेज से सामने आ चुका है तो एजेंसी कश्मीर समेत उत्तर प्रदेश से बाहर के छात्र और जूनियर डॉक्टरों का विवरण छान रही है।PFI लिंक,विदेशी संपर्क और दिल्ली ब्लास्ट… KGMU धर्मांतरण केस में नया मोड़, पुलिस को मिले महत्वपूर्ण प्रमाण 
KGMU से जुड़े धर्मांतरण और यौन शोषण केस ने अब आतंकी कनेक्शन की तरफ मोड़ ले लिया है. आरोपित रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन की गिरफ्तारी बाद जांच एजेंसियों के सामने परत दर परत अनावरण हो रहे हैं. PFI लिंक, विदेशी संपर्क और दिल्ली ब्लास्ट के आरोपित डॉक्टर शाहीन से रिश्ते ने इस केस को और गंभीर बना दिया है.

सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने KGMU केस की जांच STF को सौंप दी है.
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ  से जुड़े लव जिहाद, यौन शोषण और धर्मांतरण मामले की जांच गंभीर हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर केस की कमान स्पेशल टास्क फोर्स को सौंपी गई है. STF जांच शुरू होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन की आंतरिक जांच समिति भंग हो गई है.

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अब तक की जांच रिपोर्ट कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद को सौंप अग्रिम जांच STF से कराने को कहा था. KGMU की कुलपति डॉक्टर सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिल 9 जनवरी को महिला आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के दौरे में बवाल से मुख्यमंत्री को अवगत कराया. साथ ही विश्वविद्यालय में हुई कार्रवाई और जांच की स्थिति भी बताई. मुख्यमंत्री योगी ने निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए. इस केस का सबसे महत्वपूर्ण पात्र आरोपित रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन पुलिस पकड़ में है. 50 हजार के इनामी गायब रमीजुद्दीन को 18 दिन  बाद लखनऊ से पकड़ा  गया. उससे पूछताछ में कई चौंकाने वाले अनावरण हुए हैं.

Big revelation in KGMU conversion case with PFI connection exposed

पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि KGMU में चल रहा धर्मांतरण नेटवर्क सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार कई लोगों से जुड़े हो सकते हैं । दो महिला स्टाफ और एक डॉक्टर  इस नेटवर्क में हैं. मिलकर धर्मांतरण का रैकेट चलाया जा रहा था. यह भी सामने आया है कि कुछ महिलाओं ने पहले ही इसकी शिकायत की थी.तब विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया. अब कुछ विभागाध्यक्षों की भूमिका भी एजेंसियों के रडार पर है. रमीजुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद उसके PFI कनेक्शन ने जांच बदल दी है. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि रमीजुद्दीन भाग कर प्रतिबंधित संगठन PFI के कई पदाधिकारियों से कानूनी मदद लेने की कोशिश में था.

इसके प्रमाण मोबाइल डेटा से मिले हैं. रमीज के पिता सलीमुद्दीन के भी PFI से पुराने और गहरे संबंध रहे हैं. जांच में  पता चला कि PFI ने सलीमुद्दीन को दो बार सम्मानित किया था. सबसे चौंकाने वाला अनावरण दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन पर हुआ. रमीजुद्दीन ने स्वीकारा कि उसका संपर्क दिल्ली ब्लास्ट केस आरोपित डॉक्टर शाहीन से था।

शाहीन पहले ही दिल्ली ब्लास्ट में पकड़ा जा चुका है। रमीजुद्दीन ने बताया कि वह डॉक्टरों की कॉन्फ्रेंस में उससे मिला था. फरारी में शाहीन बाग भी गया था. पुलिस पहले ही रमीजुद्दीन और डॉक्टर शाहीन के संबंधों की जानकारी ATS को दे चुकी थी. इसी इनपुट से ATS ने केस में सक्रियता बढ़ाई है. रमीज का फोन डेटा रिकवर को भेजा गया है.पुलिस जांच में फरार रमीज मलिक के बारे में सनसनीखेज जानकारियां मिली हैं.

जांच एजेंसियों को आशा है कि इससे PFI नेटवर्क, विदेशी संपर्क और संभावित आतंकी लिंक की कई परतें खुलेंगी. सिद्ध हो रहा है कि क्या KGMU में मेडिकल पेशे की आड़ में धर्मांतरण का कोई बड़ा नेटवर्क चल रहा था. क्या दिल्ली ब्लास्ट जैसे आतंकी मामलों से इसके तार जुड़े हैं.  पूरे नेटवर्क का असली सरगना कौन है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *