IMF और WEF ने भारत को बताया दुनिया का आर्थिक इंजन

हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व आर्थिक मंच (WEF) दोनों ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख आर्थिक इंजन (growth engine) बताया है।विश्व आर्थिक मंच (WEF) की रिपोर्ट2025 में जारी WEF की Chief Economists Outlook रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2025 और 2026 में वैश्विक आर्थिक विकास का प्राथमिक इंजन (primary engine of global economic growth) बनने के लिए तैयार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया सबसे आशाजनक क्षेत्र है, और भारत (क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था) इसमें मुख्य भूमिका निभाएगा।यहाँ कुछ प्रमुख बिंदु हैं:
  • IMF के अनुमानों के आधार पर भारत की GDP वृद्धि 2025 में 6.2% और 2026 में 6.3% रहने की उम्मीद है।
  • वैश्विक अनिश्चितताओं (जैसे व्यापार युद्ध और नीतिगत बदलाव) के बावजूद भारत की मजबूत बुनियादी बातें और सकारात्मक दृष्टिकोण इसे अलग बनाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का हालिया बयानजनवरी 2026 में IMF की प्रवक्ता जूली कोजैक ने स्पष्ट रूप से कहा कि “भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख विकास इंजन (key growth engine) बन चुका है”उन्होंने आगे बताया:

  • भारत की तीसरी तिमाही (Q3) की ग्रोथ उम्मीद से कहीं बेहतर रही है।
  • इससे FY 2025-26 के लिए पहले के 6.6% के अनुमान को ऊपर संशोधित करने की संभावना है।
  • मजबूत उपभोक्ता मांग, निवेश और नीतिगत स्थिरता भारत की ग्रोथ के मुख्य आधार हैं।

IMF की चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भी पहले (2025 में) भारत को “विश्व आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन” कहा था, खासकर चीन की धीमी ग्रोथ के मुकाबले।भारत की मजबूती के कारण

  • दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है।
  • मजबूत घरेलू खपत, डिजिटल सुधार (जैसे UPI, Aadhaar), और संरचनात्मक बदलाव।
  • वैश्विक मंदी और व्यापार तनावों के बीच भी भारत स्थिरता दिखा रहा है।

संक्षेप में, IMF और WEF दोनों ही भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का “आर्थिक इंजन” मान रहे हैं, और आने वाले अपडेट में भारत के लिए और बेहतर अनुमान आने की उम्मीद है। यह भारत की आर्थिक नीतियों और लचीलापन की बड़ी तारीफ है

जिस IMF से बार-बार कर्ज मांगता है पाकिस्तान, उसने भारत को बताया दुनिया की आर्थिक तरक्की का इंजन अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने आर्थिक स्थिति मजबूत और टिकाऊ होने से भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख विकास इंजन बताया है। प्रवक्ता जूली कोज़ाक ने कहा कि भारत के नवीनतम आर्थिक आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं। IMF ने पहले वित्त वर्ष 2025-26 को 6.6% वृद्धि अनुमानित की थी,लेकिन तीसरी तिमाही की मजबूत वृद्धि के कारण जल्द ही यह अनुमान संशोधित कर ऊपर किया जाएगा।

  • IMF ने कहा- भारत ने तीसरी तिमाही उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया।
  • IMF ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बताया है।
  • भारत का आर्थिक प्रदर्शन मजबूत और टिकाऊ बना हुआ है: IMF
  • IMF जल्द भारत का GDP अनुमान संशोधित करेगा।

नई दिल्ली 17 जनवरी 2026 । जिस अंतरराष्ट्रीय संस्था से पाकिस्तान बार-बार ऋण मांगता है उसने भारत को दुनिया का आर्थिक इंजन बताया है। दरअसल, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के अनुसार, भारत ग्लोबल इकोनॉमी का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बना हुआ है। इसका इकोनॉमिक परफॉर्मेंस मजबूत और टिकाऊ बना हुआ है। IMF की प्रवक्ता जूली कोज़ाक ने गुरुवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में भारत के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत से आए लेटेस्ट आर्थिक डेटा आशातीत मज़बूत रहे हैं, जिससे ग्लोबल ग्रोथ में एक बड़े ड्राइवर के तौर पर देश की भूमिका और मज़बूत हुई है। भारत ने गलत सिद्ध किया IMF अनुमान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रवक्ता ने कहा,कि “हमने भारत में जो देखा है, वह यह कि भारत दुनिया का प्रमुख ग्रोथ इंजन है। 2025 में भारत की ग्रोथ को लेकर हमने आर्टिकल IV स्टाफ रिपोर्ट बनाई, तब हमने फिस्कल ईयर 25-26 के लिए 6.6 प्रतिशत ग्रोथ अनुमान लगाया था, जो मजबूत कंजम्पशन ग्रोथ आधारित है।” जल्द जारी करेंगे संशोधित GDP अनुमान उन्होंने आगे बताया कि आर्टिकल IV रिपोर्ट के बाद से भारत की तीसरी तिमाही की ग्रोथ आशातीत मज़बूत रही है। इस डेवलपमेंट से इस बात की संभावना बढ़ी है कि IMF जल्द ही भारत के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को ऊपर की ओर रिवाइज कर सकता है। जूली कोज़ैक ने कहा, कि “हमने तब से देखा है कि भारत में तीसरी तिमाही की ग्रोथ आशातीत मज़बूत रही है । इससे संभावना बनती है कि हम आगे चलकर अपने पूर्वानुमान अपग्रेड करेंगें।” उन्होंने आगे कहा कि IMF आने वाले दिनों अपना जनवरी का रियल अपडेट जारी करेगा, जिसमें भारत के लिए ग्रोथ का संशोधित आंकड़ा घोषित होगा। उन्होंने कहा, कि “हमारा जनवरी का रियल अपडेट अगले कुछ दिनों में आयेगा, इसलिए तब हमारे पास भारत के लिए ग्रोथ का संशोधित आंकड़ा होगा। WEF Survey Indian Economy Global Economic Slowdown GDP Growth South Asia Growth AI Investment 

WEF: वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत बना दुनिया का ‘ग्रोथ इंजन’, सर्वे में दक्षिण एशिया पर की गई यह टिप्पणी

विश्व आर्थिक मंच (WEF) के ताजा सर्वे के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत दक्षिण एशियाई विकास के ‘एंकर’ के रूप में उभरा है। 8.2% की जीडीपी वृद्धि और एआई (AI) में बढ़ते निवेश के साथ भारत दुनिया का सबसे चमकता ग्रोथ स्पॉट बना हुआ है। विश्व आर्थिक मंच यानी डब्ल्यूईएफ के ताजा ‘चीफ इकोनॉमिस्ट आउटलुक’ सर्वे ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की मिश्रित तस्वीर पेश की है। इसके अनुसार, जहां एक ओर दुनिया के अधिकांश अर्थशास्त्री इस वर्ष वैश्विक आर्थिक स्थितियां कमजोर होने की आशंका जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, भारत के नेतृत्व में दक्षिण एशिया दुनिया के सबसे उज्ज्वल विकास केंद्र के रूप में उभरा है। दावोस वार्षिक बैठक से पहले जारी इस रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में आर्थिक ताने-बाने को नए सिरे से गढ़ने की कोशिश हो रही है। बढ़ता ऋण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का तेज प्रसार वैश्विक परिदृश्य प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की दृढ़ता इसे अन्य उभरते क्षेत्रों से अलग दिखाती है। सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों का क्या मत? सर्वे में लगभग 53 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले वर्ष में वैश्विक आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। इसके विपरीत, दक्षिण एशिया के लिए दृष्टिकोण काफी सकारात्मक है। सर्वे के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं- दक्षिण एशिया की मजबूती: दो-तिहाई अर्थशास्त्रियों ने इस क्षेत्र में ‘मजबूत’ (60%) या ‘बेहद मजबूत’ (6%) विकास की उम्मीद जताई है। यह पिछले साल सितंबर के 31 प्रतिशत के अनुमान से दोगुनी वृद्धि है। क्षेत्रीय तुलना: पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए 45% अर्थशास्त्रियों ने मजबूत विकास अनुमानित किया है, जबकि अमेरिका के लिए केवल 11% ने ही मजबूत विकास की बात कही है। यूरोप की स्थिति सबसे कमजोर है, जहां 53% अर्थशास्त्री ‘सुस्त विकास’ की आशंका देखते हैं। भारत की ‘गोल्डिलॉक्स’ इकोनॉमी पर रिपोर्ट में क्या टिप्पणी? रिपोर्ट के अनुसार, भारत व्यापारिक बाधाओं के बावजूद दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था को स्थिरता दे रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आकलन ने इसे एक ‘गोल्डिलॉक्स’ अर्थव्यवस्था (न अधिक गर्म, न अधिक ठंडी) कहा है। सितंबर तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर साल-दर-साल 8.2 प्रतिशत रही, जो लगभग शून्य मुद्रास्फीति के साथ एक दुर्लभ संतुलन है। भारत में रोजगार प्रतिबंधों को कम करने जैसे निरंतर सुधार और अमेरिकी तकनीकी फर्मों की निवेश वृद्धि ने  देश की आर्थिक स्थिति  और मजबूत की है। दक्षिण एशिया में मुद्रास्फीति की  आशंका भी घटी हैं । 85 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना है कि राजकोषीय नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। एआई के बारे में रिपोर्ट में क्या कहा गया? विश्व आर्थिक मंच ने 2026 के लिए तीन प्रमुख रुझान पहचाने हैं। ये हैं- एआई निवेश में उछाल, बढ़ता ऋण स्तर और व्यापारिक पुनर्गठन। इसके फायदों के बारे में जानें- उत्पादकता में लाभ: आईटी और वित्तीय सेवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा और खुदरा क्षेत्र एआई अपनाने में सबसे आगे रहेंगे। लगभग 36% उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि एआई निवेश अगले दो वर्षों में विकास पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव डालेगा। रोजगार पर प्रभाव: अल्पकालिक रूप से, दो-तिहाई विशेषज्ञों को अगले दो वर्षों में मामूली नौकरी के नुकसान की आशंका है। हालांकि, दीर्घकालिक (10 वर्ष) परिप्रेक्ष्य में राय बंटी हुई है; जहां 57% शुद्ध हानि देख रहे हैं, वहीं 32% का मानना है कि नए व्यवसायों के उभरने से लाभ होगा। सर्वे में क्रिप्टोकरेंसी के बारे में क्या कहा गया? सर्वेक्षण में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य धुंधला बताया गया है, जहां 62% विशेषज्ञों ने और गिरावट का अनुमान लगाया है। वहीं, 54% अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी हैं। डब्ल्यूईएफ की प्रबंध निदेशक सादिया जाहिदी के अनुसार, सरकारों और कंपनियों को इस अनिश्चित वातावरण में सतर्कता और चपलता से काम करना होगा। भारत जैसे व्यापारिक चुनौतियों और तकनीकी बदलावों में अपनी विकास दर यथावत बनाये हुए है, वह इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक सुरक्षित ‘एंकर’ के रूप में स्थापित करता है।

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